Tuesday, June 30, 2020

भारत में 2 जुलाई को लॉन्च हो रहा है सस्ता OnePlus TV कीमत होगी 20 हज़ार रुपए से भी कम June 30, 2020 at 05:49AM

सर्वश्रेष्ठ क्वलिटी और बेहतरीन इनोवेशन के लिए OnePlus की पहचान दुनियाभर में है। प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में OnePlus ने भारतीय उपभोक्ताओं का दिल जीता है और अपने बेहतरीन स्मार्ट टीवी के साथ OnePlus ने दो साल पहले भारतीय प्रशंसकों को लुभाया है। अब सबसे अच्छी बात यह है कि OnePlus जल्दी ही भारत में बहुत ही आकर्षक कीमत पर नए स्मार्ट टीवी लॉन्च कर रहा है।

2 जुलाई को होगा लॉन्च
OnePlus के नए स्मार्ट टीवी के मॉडल्स का लॉन्च 2 जुलाई को शाम 7 बजे होगा। OnePlus ने भारत में लॉन्च होने वाले स्मार्ट टीवी की कीमत के बारे में कुछ संकेत भी दिए हैं। यदि कंपनी के ट्विटर पर दिए गए टीज़र पर भरोसा करें तो यह टीवी 20 हजार रुपए से भी कम कीमत का हो सकता है। OnePlus ने ट्वीट में कहा कि नया OnePlus टीवी 1x,999 के प्राइसटैग में आएगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए टीवी की कीमत 10,999 रुपये से 19,999 रुपये के बीच हो सकती है।

लॉन्च हो सकते हैं तीन मॉडल
अंदाजा लगाया जा रहा है कि OnePlus इस दौरान दो या तीन नए मॉडल लॉन्च कर सकती है। इनमें से एक स्मार्ट टीवी बजट सेगमेंट और दूसरा मिड-रेंज सेगमेंट का हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स का यह भी कहना है कि बजट लाइनअप में एक नहीं, बल्कि इससे ज्यादा स्मार्ट टीवी भी हो सकते हैं। इनकी कीमत 20 से 50 हजार रुपए के बीच हो सकती है। चर्चा है कि OnePlus का नया टीवी मीडियाटेक चिपसेट के साथ आएगा।

वर्ष 2018 में लॉन्च हुए थे दो स्मार्ट टीवी
OnePlus ने 2018 में स्मार्ट टीवी सेगमेंट में कदम रखा था। उस समय लॉन्च किए गए दो स्मार्ट टीवी OnePlus TV Q1 और Q1 प्रो को भारत में जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला था। उस वक्त स्टैंडर्ड मॉडल की कीमत 69,990 रुपये और प्रो मॉडल की कीमत 99,900 रुपये थी। अब OnePlus सभी उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ने के लिए काफी आकर्षक कीमत में स्मार्ट टीवी लॉन्च करने जा रही है।

क्या हो सकती हैं कीमतें!
माना जा रहा है कि 32 इंच मॉडल की कीमत 19,999 रुपये, 43 इंच मॉडल की कीमत 29,999 रुपये और 55 इंच मॉडल की कीमत 49,999 रुपये या इससे कम हो सकती है। नए लॉन्च होने वाले स्मार्ट टीवी में HD, फुल HD और क्वाड HD रिज्यालूशन का डिस्प्ले हो सकता है। OnePlus के स्मार्ट टीवी में बेहद पतले बेजल, Dolby Vision और Dolby Atmos का सपॉर्ट और काफी स्लिम बॉडी मिलती है। इसमें शानदार सिनमैटिक डिस्प्ले भी यूजर्स को मिल सकता है।

यहां देखें लॉन्च इवेंट
OnePlus के नए स्मार्ट टीवी का लॉन्च इवेंट 2 जुलाई को शाम 7 बजे होगा। यदि आप इस लॉन्च इवेंट को लाइव देखना चाहते हैं तो यूट्यूब स्ट्रीमिंग के इसलिंक पर क्लिक करें



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Reasonable OnePlus TV launching in India on July 2, price will be less than 20 thousand rupees

सामने आईं बीएस 6 रेनो ट्राइबर की माइलेज डिटेल्स, मिलेगा 19kpl तक का माइलेज; बीएस 4 मॉडल की तुलाना में सिर्फ 1kpl कम June 30, 2020 at 01:39AM

रेनो ट्राइबर का बीएस 4 कंप्लेंट पेट्रोल इंजन अगस्त 2019 में लॉन्च हुआ था। वहीं 2020 की शुरुआत में इसे बीएस 6 कंप्लेंट 1.0-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ लॉन्च किया था। कुछ दिन इसका ऑटोमैटिक वैरिएंट भी बाजार में उतारा गया, जो 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स से लैस है।
नए एमिशन नॉर्म्स में अपग्रेड किए जाने के बाद बीएस 6 ट्राइबर का माइलेज पुराने बीएस 4 मॉडल की तुलना में थोड़ा कम हो गया है जैसे की अन्य कारों में भी देखने को मिलता है। 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ट्राइबर का ARAI सर्टिफाइड माइलेज 19kpl है, यह BS4 वैरिएंट से 1kpl कम है। वहीं नए AMT वैरिएंट का ARAI सर्टिफाइड माइलेज 18.29kpl है।

प्रतिद्वंदीयों की तुलना में रेनो ट्राइबर की फ्यूल इकोनॉमी?

  • कीमत के मामले में रेनो ट्राइबर कंपनी की ही डटसन गो+ से थोड़ी ही मंहगी है और अपने प्रतिद्वंदी जैसे हुंडई ग्रैंड i10 निओस, मारुति सुजुकी स्विफ्ट और फोर्ड फिगो की तुलना में काफी सस्ती है।
ट्राइबर गो+ ग्रैंड i10 निओस स्विफ्ट फिगो
इंजन

1.0 लीटर,3 सिलेंडर,नैचुरली एस्पिरेटेड

1.2 लीटर,3 सिलेंडर,नैचुरली एस्पिरेटेड 1.2 लीटर,4 सिलेंडर,नैचुरली एस्पिरेटेड 1.2 लीटर,4 सिलेंडर,नैचुरली एस्पिरेटेड 1.2 लीटर,3 सिलेंडर,नैचुरली एस्पिरेटेड
ARAI माइलेज (MT) 19kpl 19.02kpl 20.7kpl 21.21kpl 18.5kpl
ARAI माइलेज (AMT) 18.29kpl 18.57kpl 20.5kpl 21.21kpl -
  • ऊपर दी गई टेबल से, हम देख सकते हैं कि जबकि ट्राइबर में जहां सात लोगों के बैठने की सुविधा मिलती है वहीं इसका इंजन बाकी सभी कारों की तुलना में कम पावरफुल है बावजूद इसमें दूसरा सबसे कम ARAI माइलेज आंकड़ा मिलता है। हालांकि माइलेज डैटसन गो+ की तुलना में थोडा ही कम हैं, जो मैनुअल में 0.2kpl अधिक और ऑटोमैटिक में 0.28kpl अधिक माइलेज प्रदान करता है।
  • बिना किसी संदेह के, यह मारुति सुजुकी स्विफ्ट है यह मोस्ट फ्यूल एफिशिएंट कार है, क्योंकि यह मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों वैरिएंट में 21.21kpl माइलेज प्रदान करती है। दूसरी ओर फोर्ड फिगो में 18.5kpl के साथ सबसे कम फ्यूल इकोनॉमी मिलती है जो मैनुअल वैरिएंट की है और वर्तमान में ऑटोमैटिक वैरिएंट के आंकड़े उपलब्ध नहीं है। बता दें कि हम ARAI टेस्टेड माइलेज की बात कर रहे हैं तो वास्तविक दुनिया में हमेशा कम होते हैं। हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस टर्बो 100hp, 1.0-लीटर, टर्बो-पेट्रोल इंजन को इस तुलना से बाहर रखा गया है।

प्रतिद्वंदीयों की तुलना में रेनो ट्राइबर की कीमत?

ट्राइबर गो+ ग्रैंड i10 निओस स्विफ्ट फिगो
कीमत 4.99-7.22 लाख रु. 4.20-6.90 लाख रु. 5.07-7.69 लाख रु. 5.14-7.97 लाख रु. 5.39-6.95 लाख रु.
  • इस लाइन-अप में सबसे सस्ती कार डैटसन गो+ है, इसके बेस वैरिएंट की कीमत 4.20 लाख रुपए है, जो कि ट्राइबर (लिस्ट में दूसरा सबसे किफायती मॉडल) के मुकाबले 79,000 रुपए सस्ती है। वहीं सबसे ज्यादा कीमत वाली मारुति सुजुकी स्विफ्ट है, जो अपने टॉप वैरिएंट डैटसन गो+ के टॉप वैरिएंट से 1.07 लाख रुपए और टॉप-स्पेक ट्राइबर से 75,000 रुपए महंगा है। सभी दिल्ली एक्स-शोरूम कीमते हैं।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
रेनो ट्राइबर का बीएस 4 कंप्लेंट पेट्रोल इंजन अगस्त 2019 में लॉन्च हुआ था

भारतीय यूजर्स के पास चीन के हर प्रतिबंधित ऐप का विकल्प मौजूद; 59 ऐप्स के रिप्लेसमेंट की पूरी लिस्ट देखिये June 30, 2020 at 01:18AM

भारत सरकार ने 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया। इनमें टिक टॉक, यूसी ब्राउजर, हेलो और शेयर-इट जैसे ऐप्स शामिल हैं। ऐसे में इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स के पास अब क्या विकल्प बचे हैं? उनके डाटा का क्या होगा? क्या चाइनीज ऐप्स के विकल्प के तौर पर दूसरे ऐप्स मौजूद हैं? यदि हैं तो वे कौन से ऐप्स हैं? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो हर किसी के जेहन में चल रहे हैं। इनके जवाब हम एक्सपर्ट्स के जरिए दे रहे हैं।
सरकार ने जिन 59 ऐप्स पर बैन लगाया हैं, उनमें सबसे ज्यादा 18 ऐप्स यूटीलिटी कैटेगरी के हैं। 8 ऐप्स वीडियो शेयरिंग हैं। 6 सोशल मीडिया ऐप्स हैं।

खुद ही यूज बंद कर देना चाहिए

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के लाेकलाइजेशन डायरेक्टर और टेक एक्सपर्ट बालेन्दु शर्मा दाधीच कहते कि यूजर्स के पासबहुत सारे विकल्प हैं। इन सभी 59 ऐप्स के विकल्पगूगल प्ले स्टोरऔर iOS प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद हैं। लेकिन सबसे पहले आपको एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर इन्हें खुद ही यूज करना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि अब ये ऐपगैरकानूनी हो चुके हैं।

  • चीन के 59 ऐप्स और उनके विकल्प-

सरकार का आदेशकैसे लागू होगा?

  • दाधीच के मुताबिकसरकार गूगल को प्ले स्टोर और एपल को अपने iOS प्लेटफार्म्स से इन ऐप्स को हटाने का निर्देश दे देगी। इसके बाद इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड(आईएसपी) को इन ऐप्स का डाटा ऐक्सस न करने देने और टेलीकॉम कंपनियों को इन्हें नेटवर्क नहीं मुहैया कराने का आदेश दे देगी। फिर यह ऐप्स काम करना पूरी तरह बंद कर देंगे।

ऐप्सका ऐक्सेस कैसे बंद होगा ?

  • यूजर्स को जो कंपनियां इंटरनेट नेटवर्क देती हैं। जैसे- एयरटेल, जियो, बीएसएनल आदि। ये यूजर्स को दो तरीके से इंटरनेट नेटवर्क देती हैं। एक मोबाइल नेटवर्क के जरिए। दूसरा ब्रॉडबैंड कनेक्शन के जरिए।
  • इन कंपनियों के नेटवर्क को यूजर्स को देने का काम इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड(आईएसपी) करते हैं। इन्हीं के जरिए पूरी दुनिया का डाटा आता है। यानी दुनिया के किसी भी देश से जो भी डाटा भारत आएगा, वो आईएसपी के जरिए ही आएगा। इसी तरह जो डाटा भारत से विदेश जाएगा, वो भी आईएसपी के जरिए ही जाएगा।
  • सरकार के निर्देश के बाद किसी भी वेबसाइट या ऐप को बैन करने के लिए इंटरनेट कंपनियों को बस एक फिल्टर लगाना होता है। उसके बाद यूजर्स इस पर मौजूद कोई भी डाटा एक्सेस नहीं कर पाते हैं।

लोगों के पसर्नल डाटा का क्या होगा?

  • चाइनीज ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स को अपने जरूरी डाटा और डॉक्यूमेंट्स काे जल्द ही अपने मोबाइल परडाउनलोड कर लेना चाहिए। क्योंकि अब एक से दो दिन में यह पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। और कोई चांस नहीं है।
  • सभी ऐपकंपनियों के सर्वर चीन में हैं।यदि तकनीकी तौर पर येकंपनियां लोगों के डाटा डिलीट नहीं करती हैं, तो उनका डाटा डिलीट नहीं होगा। लेकिन इसके बावजूद यूजर्स अपने डाटा एक्सेस नहीं कर पाएंगे। यानी वे अपने वीडियो, फोटो, फाइल्स आदि को आगे देख नहीं पाएंगे।

क्या ऐपभी डिलीट हो जाएंगे?

  • ऐपनहीं डिलीट होंगे, उन्हें आपको खुद डिलीट करना होगा। बस आप सर्वर तक नहीं पहुंच पाएंगे। यानी उन ऐपपर मौजूद आप अपने फोटो, वीडियो और अन्य फाइलें नहीं देख पाएंगे।

क्या जिनके मोबाइल में पहले से ऐपहैं, वे इन्हें यूज कर पाएंगे?

  • बिल्कुल नहीं। ये पूरी तरह से बैन हो गए हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपने पहले डाउनलोड किया है या अब डाउनलोड किया है। अब कोई भी नागरिक भारत में इन ऐप्स को इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

चीनी ऐप्स किस तरह की प्राइवेसी को तोड़ रहे थे?

  • चीन ऐप्स असुरक्षित थे। क्योंकि जब किसी ऐप को इंस्टॉल करते हैं, तो आप यह मंजूरी दे चुके होते हैं कि वो आपकी फोटो को, वीडियो को, संदेशों को, फाइलों को, डाटा को ऐक्सेस कर सकता है। इसके बाद वह आपके डाटा का क्या करता है, यह उस कंपनी पर निर्भर करता है।
  • कुछ संस्थान बाकयदा अनुमति लेते हैं कि वे आपके डाटा का इस्तेमाल कर सकते हैं, कुछ संस्थान इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं लेते हैं। लेकिन कई कंपनियां बिना अनुमति के भी डाटा चोरी करती हैं।
  • फिलहाल, भारत-चीन के बीच जो परिस्थिति है, उसमें चीनी कंपनियां हमारे डाटा का कुछ भी कर सकती हैं। चीन का पुराना रिकॉर्ड भी इस मामले में विश्वसनीय नहीं है। साइबर हमलों में भी वो माहिर हैं। इसलिए सरकार ने सोच समझकर फैसला किया है। क्योंकि इन ऐप्स का इस्तेमाल सरकार और सेना से जुड़े लोग भी करते हैं।

प्रोत्साहन मिले तो भारत में भी बन सकते हैं ऐसे ऐप
दाधीच कहते हैं कि चीन वैसे भी कोई सॉफ्टवेयर पॉवर नहीं है, वह बस हॉर्डवेयर का पॉवर है। अपने देश में भी ऐसे नए ऐप्स बन सकते हैं। बस थोड़ा आर्थिक प्रोत्साहन की जरूरत है। अभी हमारे यहां स्टार्टअप्स को बहुत संघर्ष करना पड़ता है। हमारे बहुत से सॉफ्टवेयर डेवलपर विदेशी कंपनियों के लिए काम करते हैं।

भारत में पहले से ही विदेशी ऐप मौजूद, इसलिए भी नहीं बनते
इसके अलावा हमारे यहां पहले से ही बहुत बड़ी संख्या मेंविदेशी ऐप्स मौजूद हैं, जो पाॅपुलर भीहैं, इसलिए भी देशी स्टार्टअप्स ऐसे ऐप्स नहीं बनाते हैं। जबकि चीन में अधिकतर विदेशी ऐप्स बैन हैं। इसके चलते वहां लोकल ऐप्स ज्यादा बनते हैं। वहां सरकार प्रोत्साहन भी ज्यादा देती है। लेकिन हमारे ऐप्स भी दुनिया में पाॅपुलर हो सकते हैं, बस थोड़ा नयापन लाना होगा। हमारे देश के कई ऐप्स बहुत पॉपुलर भी हैं, जैसे पेटीएम, शेयर चैट, फ्लिपकार्ट आदि।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Chinese Banned Apps Alternatives | Complete List (2020 Update) - Popular Chinese Apps' Alternatives on Android, iOS

लाखों में कमाई करने वाले टिकटॉक स्टार्स अब देसी ऐप की तरफ कर रहे मूव, टिकटॉक बैन होने से दो हजार कर्मचारियों की नौकरी खतरे में June 30, 2020 at 12:00AM

चाइनीज ऐप टिकटॉक के बैन होने से दो हजार भारतीयों की नौकरी खतरे में आ गई है। भारत में टिकटॉक के डेवेलपर बाइटडांस में करीब 2000-2200 लोग काम करते हैं। वहीं, कई ऐसे टिकटॉक स्टार्स हैं, जो इस शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म के जरिए एक वीडियो से लाखों की कमाई करते हैं। हालांकि, टिकटॉक की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि सरकार से बातचीत कर जल्द ही कुछ निष्कर्ष निकाला जाएगा। बता दें कि टिकटॉक के मजबूत बाजारों में से भारत एक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकटाॅक के दुनियाभर में करीब 80 करोड़ यूजर्स हैं। इनमें भारत मेंलगभग 20करोड़ यूजर्स हैं।

टिकटॉक के एक कर्मचारी ने बताया कि हम सालों से टिकटॉक में काम करते हैं। अब नौकरी जाने का डर बना हुआ है। हालांकि, इस पर कंपनी की तरफ से अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

अब क्या करेंगे टिकटॉक के स्टार्स ?

टिकटॉक के स्टार्स अब देसी शॉट वीडियो प्लेटफॉर्म रोपोसो (ROPOSO) और चिंगारी जैसे ऐप की तरफ मूव कर रहे हैं। रोपोसो के फाउंडर और InMobi Group के सीईओ नवीन तिवारी ने मनी भास्कर को बताया कि भारत-चीन विवाद के बाद से ही हमारे प्लेटफॉर्म रोपोसो पर यूजर्स की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। पिछले 10 दिनों में टिकटॉक के कई बड़े स्टार्स हमारे ऐप से जुड़े हैं। इनमें वरूण सोनी (टिकटाॅक पर 2.8M फाॅलोवर्स), पायल कोहली (टिकटाॅक पर 2.1M फाॅलोवर्स), उल्हास कमहटे (टिकटाॅक पर 6.8 M फाॅलोवर्स), अंसारी जीशान (टिकटाॅक पर 1.2M फाॅलोवर्स) जैसे टिकटॉक स्टार्स ने इस प्लेटफॉर्म को ज्वाइन किया है। कंपनी ने कहा कि हम टिकटॉक स्टार्स जिनके कंटेंट अच्छे होते हैं उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर टैलेंट शो करने का मौका देंगे। वे यहां से कमाई कर सकते हैं। बता दें कि रोपोसो भारतीय ऐप है और इसे टिकटॉक का सबसे बड़ा राइवल माना जाता है।

ब्रैंड भी कर रहे हैं देसी ऐप की ओरमूव

वहीं एक ब्रैंड के जानकार ने बताया कि कुछ बड़े ब्रैंड अब देसी ऐप को स्पान्सर्ड करेंगे। इनमें 5 बड़े ब्रैंड्स का रोपोसो से तो 2 ब्रैंड ने चिंगारी से डील करने को लेकर बातचीत की है। इन ब्रैंड्स का टिकटॉक स्टार्स के साथ डील है जो कि अब अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए स्पांसर करेगी।

टिकटाॅक पर मोटी रकम कमाने के कारण स्टार्स ने छोड़ी थी जाॅब

  • इंग्लिश सिखाकर एक वीडियो से 1 लाख तक कमा लेते थे

मोटिवेशनल स्पीकर अव्वल (Awal TsMadaan) टिकटाॅक पर इंग्लिश बोलना सिखाते हैं। हिन्दी के शब्दों व वाक्यों को इंग्लिश में कैसे बोलते हैं, वे इस पर वीडियो बनाते हैं। टिकटाॅक पर अव्वल के 6 मिलियन (60 लाख) फाॅलोवर्स थे।
अव्वल ने मनी भास्कर से बातचीत में बताया कि वे पिछले एक साल से टिकटाॅक ऐप से जुड़े हुए हैं। इन्हें कई बड़ी कंपनियों ने स्पाॅन्सर किया है और इसके लिए उन्हें लाखों रुपए तक मिले हैं।
अव्वल बताते हैं, 'पहले मैं एक इंटरनेशनल एजेंसी में जाॅब करता था लेकिन टिकटाॅक पर अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद मैंने जॉब छोड़ दी और टिकटाॅक पर ही फुल टाइम देने लगा।'' वे बताते हैं कि जितनी सैलेरी उन्हें उस कंपनी में मिलती थी उससे तीन गुना ज्यादा रकम टिकटाॅक पर एक छोटी सी वीडियो से मिल जाती थी। अव्वल ने बताया इसके लिए कंपनियां आपके फॉलोवर्स और कंटेंट देखती हैं और फिर उसके मुताबिक उससे संबंधित कंपनी, एजेंसी, एनजीओ अपना प्रमोशन करवाती थी। अव्वल को कई एजुकेशनल ऐप व संस्थानों से ऐड मिलता था।

  • ब्रैंड्स 1 मिनट के ऐड के 80 हजार रुपए तक देती थी गुंजन को

दिल्ली की रहने वाली गुंजन टिकटाॅक वीडियो के जरिए लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करती थी। शुरुआत में उन्होंने यह काम शौकिया तौर पर किया, लेकिन बाद में वीडियो पर ऐड के लिए कॉन्टैक्ट्स मिलने लगे तब गुंजन ने इसमें बतौर करियर काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने बातचीत में बताया कि मैं अभी एक मीडिया एजेंसी में काम करती थी, लेकिन टिकटाॅक पर टाइम नहीं पाने के कारण जाॅब से रिजाइन दे दिया था। उसके बाद से पूरा टाइम टिकटाॅक पर देती थी ताकि अधिक से अधिक कंपनियों के लिए वीडियो बना सकें। गुंजन को एक वीडियो के लिए कंपनी 20 से 30 हजार रुपए पेमेंट करती थी। गुंजन के मुताबिक, उन्हें हर दिन 4 से 5 कंपनियां अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए अप्रोच करती थी। वे कहती हैं 'हर कंपनी अपने बजट के मुताबिक डील करती थी। छोटी कंपनियां एक ऐड वीडियो के 5 से 10 हजार रुपए तक देती हैं तो नाइका, वीवो, ओप्पो और पूमा जैसे ब्रांड 1 मिनट के ऐड के 80 हजार रुपए तक पेमेंट करने को तैयार रहती हैं।' टिकटॉक अकाउंट पर गुंजन के 3 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स थे।

कंपनी सरकार के सामने रखेगी अपना पक्ष- टिकटाॅक

टिकटॉक इंडिया के प्रमुख निखिल गांधी की तरफ से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है कि हमने किसी भी भारतीय टिकटॉक यूजर की कोई भी जानकारी विदेशी सरकार या चीनी सरकार को नहीं दी है। उन्होंने कहा है कि इस मसले को लेकर क्लियरिफिकेशन और जवाब के लिए संबंधित सरकारी पक्षों से मिलने के लिए बुलाया गया है।

भारतीय यूजर्स के डेटा अमेरिका और सिंगापुर के सेंटर्स में होते हैं

कंपनी के सूत्रों ने बताया कि ऐसे में निखिल सरकार के सामने भारतीय यूजर्स के डेटा शेयरिंग को लेकर बात रखेंगे क्योंकि कंपनी पहले से ही भारतीय यूजर्स के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाओं के विकल्पों की जांच के प्रोसेस पर काम कर रहा है। बाइटडांस पहले से ही भारत में एक डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है।
बाइटडांस के बयान के मुताबिक, भारत में हमारे प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद से हमने अपने भारतीय यूजर्स के डेटा को अमेरिका और सिंगापुर के सेंटर्स में रखा है। भारतीय यूजर्स के डेटा का चीनी सर्वर से लेना देना नहीं है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिकटॉक की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि सरकार से बातचीत कर जल्द ही कुछ निष्कर्ष निकाला जाएगा

सैमसंग ने लॉन्च की नई QLED 8K टीवी रेंज, प्री-बुकिंग करने पर मिलेंगे दो गैलेक्सी S20+ स्मार्टफोन June 29, 2020 at 11:10PM

सैमसंग ने मंगलवार को भारत में प्रीमियम फीचर्स से लैस 2020 लाइफस्टाइल टेलीविजन का नया पोर्टफोलियो लॉन्च किया। इसमें 'द सेरिफ' और 2020 QLED 8K TV लाइन शामिल हैं। सेरिफ तीन साइज में उपलब्ध होगी। इसके 43-इंच मॉडल की कीमत 83900 रुपए, 49-इंच मॉडल की कीमत 1,16,900 रुपए जबकि 55-इंच मॉडल की कीमत 1,48,900 रुपए हैं। कंपनी ने बताया कि सेरिफ 8 जुलाई से 17 जुलाई तक अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगी।

QLED 8K टीवी: भारत में कीमत
कंपनी ने सैमसंग की हाई-एंड QLED 8K टीवी की नई रेंज भी लॉन्च की है। इसके 65 इंच मॉडल की कीमत 4.99 लाख रुपए, 75 इंच मॉडल की कीमत 9.99 लाख रुपए, 82 इंच मॉडल की कीमत 14.29 लाख रुपए जबकि 85 इंच मॉडल की कीमत 15.79 लाख रुपए है। 2020 QLED 8K टीवी रेंज इंडस्ट्री-लीडिंग पिक्चर क्वालिटी, ब्रीद टेकिंग डिजाइन और स्मार्ट कैपेबिलिटी के साथ आएगी।

प्री बुक करने पर दो गैलेक्सी S20 प्लस स्मार्टफ़ोन मिलेंगे
प्री-बुकिंग 1-10 जुलाई तक की जा सकेगी। QLED 8K टीवी की प्री-बुकिंग पर वाले ग्राहकों को अल्ट्रा-प्रीमियम टीवी के साथ दो गैलेक्सी S20 प्लस स्मार्टफ़ोन मिलेंगे। कंपनी ने कहा कि यूजर QLED 8K टीवी पर 15,000 रुपए का कैशबैक भी ले सकते हैं।

10 साल की स्क्रीन बर्न-इन वारंटी मिलेगी
सेरिफ़ और QLED 8K टीवी 10 साल की स्क्रीन बर्न-इन वारंटी, एक साल की कॉम्प्रिहेन्सिव वारंटी और पैनल पर एक साल की अतिरिक्त वारंटी के साथ आएंगे।

यूजर तक पहुंचाता है मीनिंगफुल साउंड
कंपनी के अनुसार, ध्यान भंग करने वाले शोरों का पता लगाने और रियल टाइम में वॉल्यूम और क्लैरिटी को ऑटोमैटिक एडजस्ट करने से, द सेरिफ एक्टिव वॉयस एम्पलीफायर (AVA) फीचर के साथ मीनिंगफुल आवाज़ पर फोकस करता है। यह यूजर को QLED स्क्रीन पर वीडियो और म्यूजिक चलाने, आईफोन, आईपैड और मैक से तस्वीरें शेयर करने की सुविधा देता है।

8K QLED टीवी में 33 मिलियन पिक्सल मिलते हैं
कंपनी ने द सेरिफ़ टीवी में ही एलेक्सा और बिक्सबी जैसे वॉयस असिस्टेंट को इंटीग्रेट कर दिया है ताकि यूजर को बेहतर वॉयस कंट्रोल कैपेबिलिटी मिल सके। सैमसंग 8K QLED टीवी में 33 मिलियन पिक्सल, 4K यूएचडी टीवी के चार गुना रेजोल्यूशन और फुल एचडी टीवी से 16 गुना रेजोल्यूशन मिलता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सेरिफ़ और QLED 8K टीवी 10 साल की स्क्रीन बर्न-इन वारंटी, एक साल की कॉम्प्रिहेन्सिव वारंटी और पैनल पर एक साल की अतिरिक्त वारंटी के साथ आएंगे

चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगने के बाद चिंगारी ऐप को लगभग एक लाख लोगों ने डाउनलोड किया, हर घंटे मिल रहे 20 लाख व्यूज; आनंद महिंद्रा भी हुए फैन June 29, 2020 at 09:48PM

सोमवार को भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर बैन लगा दिया है। जिसके बाद अब यूजर्स के बीच टिकटॉक के इंडियन वर्जन चिंगारी ऐप को डाउनलोड करने की होड़ सी लगगई है। टिकटॉक पर बैन लगने के कुछ समय बाद ही चिंगारी को लगभग एक लाख लोगों ने डाउनलोड किया और हर घंटे ऐप पर 20 लाख व्यूज मिल रहे हैं।
भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प के बाद भड़की चीनी विरोधी भावनाओं के कारण इसकी लोकप्रियताबढ़ती चली गई। पहले ही इसे 30 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं। ऐप को बेंगलुरु स्थित प्रोग्रामर बिस्वत्मा नायक और सिद्धार्थ गौतम ने पिछले साल तैयार किया था, जो अब गूगल प्ले स्टोर पर टॉप पर चल रही है। इसने टिकटॉक की क्लोन कही जाने वाली मित्रों ऐप को भी पीछे छोड़ दिया है।

उम्मीद से अधिक ट्रैफिक मिल रहा है- नायक

  • नायक ने कहा, चूंकि यह बात अब लोगों को पता चल गई है कि भारतीयों के पास अब टिकटॉक का एक देसी और अधिक मनोरंजक विकल्प है, इसलिए हम अपने ऐप पर उम्मीद से अधिक ट्रैफिक दर्ज कर रहे हैं।"
  • नायक ने आगे बताया कि- चिंगारी नए बेंचमार्क सेट कर रहा है, बहुत सारे निवेशक हमारे ऐप में रुचि दिखा रहे हैं। हम अपने फ्री-ऑफ-कॉस्ट सोशल प्लेटफॉर्म को बड़ा करने के लिए बोर्ड पर एक अच्छा निवेशकोंको प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

आनंद महिंद्रा ने भी डाउनलोड किया ऐप

  • उद्योगपति आनंद महिंद्रा "जिन्होंने कभी टिकटॉक यूज नहीं किया, ने भी चिंगारी को डाउनलोड किया और इसके बारे में ट्वीट करते हुए कहा, "आपसे अधिक शक्ति"।

ऐप पर मिलती है कई तरह की सुविधाएं

  • चिंगारी यूजर्स को वीडियो डाउनलोड और अपलोड करने, दोस्तों के साथ चैट करने, नए लोगों के साथ बातचीत करने, कंटेंट शेयर करने और फीड के माध्यम से ब्राउज़ करने की अनुमति देता है। चिंगारी यूजर्स को व्हाट्सएप स्टेटस, वीडियो, ऑडियो क्लिप, जीआईएफ स्टिकर और फोटो के साथ क्रिएटिव होने का अवसर मिलता है।

10 भाषाओं में उपलब्ध, वीडियो वायरल होने पर भुगतान भी करता है ऐप

  • यह ऐप अंग्रेजी, हिंदी, बंगला, गुजराती, मराठी, कन्नड़, पंजाबी, मलयालम, तमिल और तेलुगु जैसे भाषाओं में उपलब्ध है। चिंगारी कंटेंट क्रिएटर के वीडियो वायरल होने के आधार पर उन्हें भुगतान भी करता है।
  • ऐप पर अपलोड किए गई हर वीडियो पर यूजर को व्यूज के हिसाब से पॉइंट्स मिलते हैं, इन पॉइंट्स को बाद में पैसों में बदला जा सकता है। ऐप गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
  • चिंगारी ऐप के को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर सुमित घोष ने चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि- लंबे समय से टिकटॉक यूजर्स की जासूसी कर रहा था और चीन को डेटा वापस भेज रहा था। हम खुश हैं कि आखिरकार यह कदम उठाया गया है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
चिंगारी कंटेंट क्रिएटर के वीडियो वायरल होने के आधार पर उन्हें भुगतान भी करता है

पिछले 19 महीने में वोडा-आइडिया ने 11.613 करोड़ ग्राहकों को खोया, 32.907 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ एयरटेल दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी June 29, 2020 at 08:24PM

दो साल से भी कम समय में वोडाफोन आइडिया ने 11.613 करोड़ ग्राहकों को खो दिया है और 32.5 करोड़ यूजर बेस के साथ कंपनी तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इसी अवधि के दौरान, रिलायंस जियो ने अपने यूजर बेस को मजबूत किया और भारती एयरटेल ने अपनी बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने में कामयाबी हासिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया ने 19 महीने में बीएसएनएल के वायरलेस यूजर बेस की तुलना में अधिक ग्राहकों को खो दिया है।

2018 में वोडा-आइडिया का संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ था

  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के अनुसार, बीएसएनएल का वायरलेस सब्सक्राइबर बेस अगस्त 2018 के अंत में 11.358 करोड़ था। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का 31 अगस्त, 2018 को विलय हो गया था और विलय के बाद इनका संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ हो गया। इसी दौरान, भारती एयरटेल का यूजर बेस 34.588 करोड़ था, जबकि रिलायंस जियो का 23.923 करोड़ था। अगस्त 2018 तक वोडाफोन आइडिया 37.85% शेयर के साथ बाजार में आगे था, इसके बाद एयरटेल 29.64% और रिलायंस जियो 20.50% पर था। बीएसएनएल का वायरलेस शेयर 9.73% था।

19 महीने में बदल गई बाजार की तस्वीर

  • लेकिन 19 महीनों के बाद, बाजार की गतिशीलता पूरी तरह से बदल गई है। फरवरी 2020 तक रिलायंस जियो ने 32.99% की वायरलेस बाजार हिस्सेदारी हासिल की, इसके बाद एयरटेल 28.35% और वोडाफोन आइडिया के 28.05% पर पहुंच गया। बीएसएनएल की हिस्सेदारी बढ़कर 10.32% हो गई।
  • फरवरी 2020 में, रिलायंस जियो ने अपने बेस को 38.282 करोड़ तक बढ़ाने के लिए 62.5 लाख वायरलेस सब्सक्राइबर जोड़े, जबकि एयरटेल ने 922,946 यूजर्स को जोड़ कर अपने ओवरऑल बेस को 32.907 करोड़ तक पहुंचाया। वोडाफोन आइडिया ने 34.6 लाख ग्राहक खो दिए और फरवरी में इसका बेस 32.552 करोड़ था।
  • फरवरी के अंत में बीएसएनएल ने भी 4,39,318 ग्राहकों को जोड़कर अपने बेस को बढ़ाकर 11.968 करोड़ कर दिया।

ब्रॉडबैंड यूजर्स को भी जोड़ने में पिछड़ रहा वोडा-आइडिया

  • वोडाफोन आइडिया वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर्स को भी जोड़ने में पिछड़ रहा है। कंपनी के 11.823 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं, जो उद्योग में सबसे कम है। इसके विपरीत, जियो के 38.283 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं क्योंकि कंपनी पूरी तरह से 4G ऑपरेटर है जबकि एयरटेल के पास फरवरी 2020 तक 14.365 करोड़ वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का 31 अगस्त, 2018 को विलय हो गया था और विलय के बाद इनका संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ हो गया था

Monday, June 29, 2020

Tiktok का विकल्प robosco और Mitron ऐप, BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera और शेयर इट की बजाय जेड शेयर का कर सकते हैं भारतीय यूजर्स इस्तेमाल June 29, 2020 at 08:02AM

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है। सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया है।
बता दें कि भारत में इन ऐप्स के करोड़ों में यूजर्स हैं। लेकिन इन यूजर्स के पास अब चीनी ऐप्स की जगह भारतीय यानी की देसी ऐप्स के विकल्प भी मौजूद हैं। हम आपको बता रहे हैं कुछ मशहूर चीनी ऐप्स के विकल्प के तौर पर भारतीय ऐप्स के बारे में....

टिकटॉक के विकल्प में Roposo App

Roposo एक भारतीय वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स वीडियो और इमेज शेयर करते हैं। इस ऐप को साल 2014 में 19 नवंबर को रिलीज किया गया था और ऐप के लेटेस्ट वर्जन को 10 जून, 2020 को रिलीज किया गया है। टिकटॉक के विकल्प में भारतीय यूजर्स के पास Roposo ऐप है। शुरू से ही इस ऐप को टिकटॉक का प्रतिद्वंदी माना जाता रहा है। खास बात ये है कि सरकार का सिटीजन इंगेजमेंट प्लेटफॉर्म MyGovIndia भी इसका हिस्सा है। यूजर्स अब इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। यह 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इस ऐप को IIT दिल्ली के तीन छात्रों ने तैयार किया था। गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को 50 मिलियन से भी ज्यादा डाउनलोड्स मिले हैं.

टिकटॉक की तरह ही पैसे कमाने का जरिया है यह ऐप-

यह एप्लीकेशन आपको पॉइंट्स के रूप में पैसे देता है। इसमें 10,000 पॉइंट के 10 रुपए मिलते हैं। जब आपके खाते में 5,000 पॉइंट हो जाते है तो आप इनको अपने पेटीएम में ट्रांसफर कर सकते है।

टिक टॉक के टक्कर में लॉन्च हुआ था स्वेदशी एप 'मित्रों'

टिकटॉक को टक्कर देने के लिए हाल ही में स्वदेशी एप मित्रों को लॉन्च किया गया था। खास बात यह है कि इसे भारी संख्या में लोगों ने डाउनलोड भी किया। अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है। मित्रों एप को आईआईटी, रुड़की के एक छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया है।
पहली नजर में देखने पर मित्रों एप आपको टिकटॉक जैसा ही नजर आएगा। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मित्रों टिकटॉक एप का क्लोन है। मित्रों एप ने गूगल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री चार्ट में टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाया है। इस एप में आपको टिकटॉक के सभी फीचर्स नहीं मिलेंगे। इस ऐप को प्ले-स्टोर पर 4.7 की रेटिंग्स मिली है। यह ऐप फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

चीनी ऐप शेयर इट के विकल्प में देसी ऐप Z share

जेड शेयर एप (Z share App) भारत में शनिवार को लांच किया गया है। यह शेयर इट का विकल्प है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से फाइल को शेयर कर सकते हैं। इसके जरिए वीडियो, डाक्यूमेंट्स, गाने आदि को आप भेज सकते हैं। इस एप को श्रवण हेगड़े ने लांच किया है। वे उत्तर कन्नडा जिले से हैं। 21 वर्षीय हेगड़े कर्नाटक यूनिर्वसिटी के छात्र हैं। इस एप को अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। पहले 24 घंटे में 5,000 लोगों ने इसे डाउनलोड किया।


चीनी ऐप HELO के विकल्प में भारत का ShareChat

शेयर चैट (ShareChat) ऐप एक सोशल प्लेटफॉर्म है। यह चाइना के हेलो ऐप के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। शेयर चैट इंडियन इेप है। इसका इस्तेमाल जोक, एंटरटेनमेंट, मनपसंद इमेजेज, वीडियो देखने के लिए किया जाता है। शेयर चैट हिंदी समेत अन्य 15 भारतीय भाषाओं में यूजर के लिए उपलब्ध है। इसमें यूजर को अपना एक प्रोफाइल बनाना होता है और उस प्रोफाइल के जरिए अपने फोटोस वीडियोज को अपने शेयर चैट फ्रेंड के साथ शेयर किया जा सकता है। इसके जरिए आप दूसरे यूजर को फॉलो कर सकते हैं। यह Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इस ऐप को आईआईटी-कानपुर के छात्र अंकुश सचदेव ने साल 2015 में तैयार किया था।


चीन के CamScanner ऐप कीजगह भारतीय ऐप Adobe Scan

एडॉब स्कैन (Adobe Scan) यह कैम स्कैनर का एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि यह भारतीय विकल्प नहीं है, पर चीन के विकल्प के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है। इस कैटिगरी में यह एक ट्रस्टेड ऐप है। आप इसे फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं और अपने डाक्यूमेंट को स्कैन कर सकते हैं। इसे ओसीआर जैसी टेक्नोलॉजी पर इंटीग्रेट किया हुआ है।

VivaVideo की जगह Photo Video Maker का करें इस्तेमाल

चीनी ऐप VivaVideo भारत में काफी लोकप्रिय ऐप है। हालांकि अब इसके विकल्प में भारतीय यूजर्स Photo Video Maker का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फोटो और वीडियो एडिटिंग ऐप है। इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera का करें इस्तेमाल

अब आप चीनी ऐप BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह चीनी ऐप को टक्कर देने के मकसद से ही तैयार किया गया था। इस ऐप के जरिए यूजर फोटो को मनपसंद तरीके से एडिट करके फ्रेड्स के साथ शेयर कर सकते हैं। गूगल प्ले पर इसका रेटिंग 4.8 है।

अब UC Browser की जगहजियो ब्राउजर का करें इस्तेमाल

जियो ब्राउजर (Jio Browser) इसे यूसी ब्राउजर के विकल्प के रूप में देख सकते हैं। यह सबसे तेज और सुरक्षित ब्राउजर एप है। यह ऐप खबरों और मनोरंजन के कंटेंट भी मुहैया कराता है।

भारत-चीन विवाद के बाद कंपनियों ने भारतीय ऐप बनाने पर काम शुरू कर दिया है

बता दें कि जब से चीन और भारत के बीच तनाव शुरू हुआ है, तभी से कुछ कंपनियों वे इसकी तैयारी कर दी थी। अभी तक देशी एप्लीकेशन में बोलो इंडिया, टिक किक जैसे एप लोकप्रिय हैं। टिकटॉक जब लांच हुआ था, तब उसके पहले महीने में 5 मिलियन एप डाउनलोड हुए थे। लेकिन अब टिकटॉक के डाउनलोड में कमी आई है। अप्रैल में इसका डाउनलोड 23.5 मिलियन रहा है जो जून में घटकर 13.9 मिलियन पर आ गया है। पबजी का नया डाउनलोड 9.9 मिलियन अप्रैल में था जो जून में 6.6 मिलियन पर आ गया। बिगो में भी गिरावट दिखी और सका 2.5 मिलियन से घटकर 1.8 मिलियन डाउनलोड हो गया है।
उधर, भारत के एप चिंगारी को अब तक 5 मिलियन लोगों ने डाउनलोड किया है। इसके अलावा जी एंटरटेनमेंट ने भी तनाव के माहौल को देखते हुए इस तरह के एप की शुरुआत की बात कही है। उसके जी 5 चैनल इस नई सर्विस पर काम कर रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है

एंटरटेनमेंट, डेटा शेयरिंग, फोटो एडिटिंग तक के लिए हम चीनी ऐप्स पर निर्भर; टिकटॉक, पबजी, यूसी ब्राउजर से लेकर जूम तक सब चाइनीज June 29, 2020 at 05:44AM

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक मारे गए, जिसके बाद देश में चीनी विरोधी भावनाओं ने एक बार फिर तुल पकड़ लिया है। लोग चीनी वस्तुओं का बायकॉट कर स्वदेशी चीजों को अपने के लिए कवायद कर रहे हैं। सैंकड़ों भारतीय रोजाना कई चीनी ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इन ऐप्स पर भी खतरा मंडरा रहा है। हमारे द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कितनी ऐप्स चीनी है। आइए जानते हैं भारत में पॉपुलर और अच्छा कारोबार करने वाली चीनी ऐप्स...

1. टिकटॉक
टिकटॉक भारत में काफी पॉपुलर है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने इसका नाम नहीं सुना होगा। यह एक शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म है, जो एक मिनट तक के वीडियो बनाने और उन्हें लोगों के साथ शेयर करने की अनुमति देता। ऐसे में कई लोग प्रोफेशनलीतो कई लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके चाहने वालों में विराट कोहली, शिल्पा शेट्टी जैसी समेत कई भारतीय सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइट डांस है, जिसकी कई ऐप्स भारत में सक्रिय है। टिकटॉक भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 150 बाजारों में लगभग 39 भाषाओं में उपलब्ध है। दुनियाभर में इसके करीब 40 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। जिसमें से करीब 41 फीसदी यूजर्स की उम्र 16 से 24 साल के बीच है।

2. पबजी मोबाइल
पबजी मोबाइल एक पॉपुलर बैटल रॉयल गेम है और इस भारत का सबसे पसंदीदा मोबाइल गेम कहना गलत नहीं होगा। इसमें चार लोग टीम बनाकर साथ खेल सकते हैं। इसमें मल्टिपल गेम मोड्स मिलते हैं। लॉकडाउन के दौरान इसे खूब पसंद किया गया क्योंकि इस घर पर रहकर ही दोस्तों के साथ खेला जा सकता है। इस कारण इसकी डिमांड में भी काफी इजाफा हुआ। गूगल प्ले स्टोर पर इसने टॉप 5 गेम्स में अपनी जगह बनाई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 की पहली तिमाही में पबजी मोबाइल के 60 करोड़ डाउनलोड्स और 5 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे। सेंसर टॉवर की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में पबजी मोबाइल $226 मिलियन (लगभग 1.7 हजार करोड़ रुपए) रेवेन्यू के साथ दुनिया का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला मोबाइल गेम रहा।

3. UC ब्राउजर
नाम से ही पता चलता है कि यह एक मोबाइल ब्राउजर है। इसे UCWeb ने डेवलप किया है, जिसका चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने अधिग्रहण कर लिया है। गूगल क्रोम के बाद यह भारत का सबसे लोकप्रिय ब्राउजर में से एक है। स्टेटकाउंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ब्राउजर मार्केट शेयर में इसका 12.59 फीसदी हिस्सा है। 2017 में UC ब्राउजर पर डाटा चोरी का आरोप भी लग चुका है। इसके कारण ऐसे इसे कुछ समय के लिए गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया था।

4. हेलो
हेलो एक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म है, जिसे जून 2018 में चीनी स्टार्टअप कंपनी बाइटडांस ने लॉन्च किया था। हेलो ऐप भारत में बनी शेयरचैट ऐप का ही सक्सेसफुल चीनी वर्जन है। इसमेंएंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, पैरेंटिंग और फार्मिंग जैसे टॉपिक्स की जानकारी मिलती है। इसमें हिंदी, तमिलमाराठी, गुजराती समेत कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलता है।

5. शेयर इट
यह एक पॉपुलर फाइल शेयरिंग ऐप है, जो दो डिवाइस के बीच आसानी से फाइल शेयरिंग करने की सुविधा देती है। इसेफोन से कम्प्यूटर के बीच फाइल शेयर करने के लिए भी यूजकिया जा सकता है। जुलाई 2019 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने भारत में अपना कामकाज 2015 में शुरू किया था। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इसका ऑफिस सिंगापुर में स्थित है। 2019 में दुनियाभर में इसके 180 करोड़ यूजर्स हैं जबकि भारत और इंडोनेशिया में 60 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। कंपनी अब शॉर्ट वीडियो, मूवी जैसे हाई क्वालिटी कंटेंट भी मुहैया करा रही है।

6. ज़ेंडर
फोटो, वीडियो, ऐप हो या कोई अन्य डॉक्युमेंट इन्हें एक दूसरे से ट्रांसफर करने के लिए हम अक्सर जे़ंडर ऐप का इस्तेमाल करते हैं। यह भी शेयरइट की तरह ही काम करता है। इसमें यूजर दो से ज्यादा डिवाइस आपस में कनेक्ट कर सकते हैं। कंपनी की स्थापना 2011 में हुई थी और अब दुनियाभर में इसके 70 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। इसे फोन और कम्प्यूटर के साथ स्मार्ट टीवी से भी कनेक्ट किया जा सकता है।

7. ब्यूटी प्लस
सोशल मीडिया पर खूबसूरत दिखने की होड में भारतीयों ने धड़ल्लें से ब्यूटी प्लस ऐप का इस्तेमाल किया। इसे चीन के Meitu कंपनी ने डेवलप किया है, जिसकी ब्यूटी प्लस समेत कई फोटो एडिटिंग ऐप्स भारतीय बाजार में सक्रिय है। ब्यूटी प्लस एक फोटो एडिटर और सेल्फी फिल्टर ऐप है। यह यूजर को इमेज एडिट करने, फोटो में इफेक्ट देने और सेल्फी लेते समेत कई तरह के फिल्टर्स इस्तेमाल करने की सुविधा देती है। Meitu की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2019 तक दुनियाभर के 188 करोड़ डिवाइस में Meitu के प्रोडक्ट एक्टिवेट थे। वहीं भारत समेत 15 ऐसे देश है जहां इसके यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा थी। मई 2019 में ब्यूटी प्लस ऐप ने 50 करोड़ यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था।

8. कैम स्कैनर
यह डॉक्यूमेंट स्कैनिंग ऐप भारत में काफी पॉपुलर हुई। यहइमेज और डॉक्यूमेंट स्कैन कर उस पीडीएफ फाइल में कन्वर्ट करने की सुविधा देता है, जिसे कहीं भी आसानी से भेजा जा सकता है। इसे सीसी इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है। इसके कैम स्कैनर, कैम कार्ड समेत कई प्रोडक्ट बाजार में मौजूद हैं। कंपनी का कहना है कि दुनियाभर के 10 करोड़ से ज्यादा लोग उसके प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। कैमस्कैनर कुछ समय के लिए विवादों में भी रही, जब एक मालवेयर के कारण इसे प्ले स्टोर से हटा दिया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कैम स्कैनर के 10 करोड़ यूजर्स हैं। इस ऐप को 200 से ज्यादा देशों में 37 करोड़ डिवाइस में डाउनलोड किया जा चुका है।

9. UVideo
यह एक पॉपुलर वीडियो स्टेट्स ऐप है। इसमें यूजर अपनी फोटो और वीडियो से वीडियो स्टेट्स बना सकते हैं, जिसे सोशल मीडिया ऐप जैसे वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टोरीज बनाया जा सकता है। यह यूजर को आसान इंटरफेस प्रदान करता है जिससे वे वीडियो एडिट और क्रिएट कर सकते हैं। इसे KWAI.XYZ STUDIO कंपनी ने तैयार किया है और प्लेस्टोर पर अबतक इसके 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स पूरे हो चुके हैं।

10. जूम ऐप
यह एक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग ऐप है। इसके फ्री वर्जन में 100 लोग एक साथ वीडियो मीटिंग कर सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान ऑफिस मीटिंग हो या दूर बैठे दोस्तों-रिश्तेदारों से बात करना हो। भारतीयों ने इस ऐप को धड़ल्ले से इस्तेमाल किया। ऐप पर डेटा चोरी कर अन्य कंपनियों के साझा करना का आरोप लगा तब यह विवादों में आई। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से भारत सरकार नेएडवायजरी जारी कर ऐप इस्तेमाल न करने के लिए कहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में जनवरी से लेकर मार्च तक इसके यूजर 1 करोड़ से 20 करोड़ तक पहुंच गए थे। कंपनी ने बताया कि लगभग 200 देशों के 90 हजार से ज्यादा स्कूलों में इसी ऐप के जरिए पढ़ाई हो रही है।

अन्य चीनी ऐप्स जो भारत में सक्रिय है....

11. वीमेट
यह भी टिकटॉक की तरह ही शॉर्ट वीडियो शेयरिगं प्लेटफार्म है, जिसे 2017 में लॉन्च किया गया था, हालांकि यह टिकटॉक की तरह पॉपुलर नहीं हो पाया। बावजूद भारत में इसके 5 करोड़ यूजर्स हैं।

12. वीगो वीडियो
वीगो वीडियो भी भारत में काफी पॉपुलर शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म है। इसका लाइट वर्जन ही बाजारा में वीगो लाइट नाम से मौजूद है। टिकटॉक की तरह इनकी पैरेंट कंपनी भी बाइटडांस है। हालांकि कंपनी वीगो वीडियो और वीगोलाइट की सर्विस 31 अक्टूबर को भारत में बंद करने जा रही है। कंपनी ने इसके यूजर्स को सारा कंटेंट टिकटॉक पर शिफ्ट करने के लिए कहा है।

13. क्लैश ऑफ किंग्स
यह एक पॉपुलर गेमिंग ऐप है, जिसमें मल्टीपल यूजर्सऑनलाइन गेम खेल सकते हैं।इसे Elex Tech कंपनी ने 2014 में तैयार किया था। गूगल प्ले स्टोर पर इसके 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं।

14. क्लब फैक्ट्री
यह चीनी ई-कॉमर्स ऐप है, जिसने 2016 में भारत में अपना कारोबार शुरू किया। इस पर ज्वैलरी, होम डेकोर, हैंड बैग, ब्यूटी समेत कई कैटेगरी के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। जनवरी 2020 में इसे 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था।

15. वीचैट
यह चीनी मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप है। प्ले स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक दुनियाभर में इसके 100 करोड़ यूजर्स हैं। इस पर चैट और ग्रुप वीडियो कॉल समेत कई तरह की सुविधा मिलती हैं। कंपनी ने भारत में वीचैट-पे डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी शुरू कर चुकी है।

16. टर्बो VPN
टर्बो VPN एक चीनी VPN प्रोवाइडर टूल है। यह फ्री ऐप है। इस कुछ हद तक सुरक्षित माना जा सकता है क्योंकि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी प्रकार केसब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी के मुताबिक दुनियाभर में ऐप के 30 करोड़ यूजर्स हैं।

17. ऐप लॉक
ऐप लॉक भी भारत में काफी पुराने और लोकप्रिय ऐप है। इस 2012 में लॉन्च किया गया है। कंपनी के मुताबिक 150 देशों में इसे 30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। यह 32 भाषाओं में उपलब्ध है। इससे किसी भी ऐप को पासवर्ड प्रोटेक्ट किया जा सकता है।

18. फ्लैश कीबोर्ड
यह चीनी ऐप कीबोर्ड कस्टमाइज करने की सुविधा देती है। इसमें कीबोर्ड के लिए कई तरह की थीम और इमोजी उपलब्ध है। ऐप सेकिसी फोटो को भी कीबोर्ड बैकग्राउंड बनाया जा सकता है।हालांकि प्ले स्टोर पर इसके 50 हजार से अधिक डाउनलोड्स ही हैं।

19. लाइक
टिकटॉक, वीगो ऐप की तरह लाइक भी शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप है। इसके ज्यादातर यूजर्स भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। इसमें कई सारे स्टीकर्स और म्यूजिक मैजिक फिल्टर्सके जरिए वीडियो बनाने की सुविधा मिलती है।

20. क्लीन मास्टर
क्लीन मास्टर चीनी ऐप है, जो फोन से जंक फाइल हटाकर डिवाइस की परफॉर्मेंस बेहतर कर स्टोरेज फ्री करताहै। कंपनी का दावा है कि इसके प्रीमियम वर्जन सेडिलीट हो चुकी फाइल भी वापस लाई जा सकती है। इसे चीनी कंपनी cheetahमोबाइल ने डेवलप किया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिकटॉक के चाहने वालों में विराट कोहली, शिल्पा शेट्टी जैसी जैसे कई बड़े सेलिब्रिटी शामिल हैं

स्नैप इंक 4 जुलाई को भारत में लॉन्च करेगी दो स्मार्ट सनग्लासेस, इनसे वीडियो-फोटो कैप्चर कर सीधे स्नैपचैट पर अपलोड किए जा सकेंगे June 29, 2020 at 01:16AM

स्नैपचैट ऐप बनाने वाली कंपनी स्नैप इंक भारत में 4 जुलाई को अपने स्मार्ट सनग्लासेस - स्नैप स्पेक्टकल्स 2 और स्पेक्टकल्स 3 लॉन्च करेगी। कंपनी ने दोनों चश्मों को आधिकारिक तौर पर भारतीय वेबसाइट पर लिस्ट कर दिया है। स्नैप स्पेक्टकल्स 2 की कीमत 14,999 रुपए जबकि स्नैप स्पेक्टकल्स 3 को 29,999 रुपए होगी।

फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा

  • दोनों ही स्नैप स्पेक्टकल्स 2 और स्नैप स्पेक्टकल्स 3 को फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। फ्लिपकार्ट पर भी इन्हें कीमत और 4 जून की लॉन्चिंग डेट के साथ लिस्ट किया जा चुका है। स्नैप इंक (पहले स्नैपचैट के रूप में जाना जाता है) के इन स्मार्ट ग्लास को क्रमशः 2018 और 2019 में लॉन्च किया गया था। पहला चश्मा नवंबर 2017 में सीमित उपलब्धता के साथ लॉन्च किया गया था, और फरवरी 2017 में यह ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया था।

75 मिनट में होगा है चार्ज

  • चश्मे की सबसे खास बात यह है कि यह बिल्ट-इन कैमरा है। इस कैमरे से यूजर चश्मे से ही फ़ोटो और वीडियो कैप्चर कर सीधे अपने स्नैपचैट अकाउंट पर अपलोड कर सकेंगे। यूजर कैप्चर किए गए कंटेंट को आसानी से इसकी आईओएस या एंड्रॉयड ऐप के साथ सिंक कर सकते हैं। यह 4 जीबी स्टोरेज के साथ आता है, जिसमें आसानी से 100 वीडियो या 1200 फोटो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। चश्मों की बैटरी को 75 मिनट में यूएसबी टाइप-सी केबल से चार्ज किया जा सकता है।

इसमें एचडी कैमरा लगा है

  • हार्डवेयर के बारे करें तो स्पेक्टकल्स 3 में कंपनी ने एक सेकेंडरी एचडी कैमरा जोड़ा है। यह डेप्थ कैप्चर करने के लिए अतिरिक्त कैमरे का उपयोग करता है। कंपनी ने नए उपलब्ध डेप्थ डेटा के साथ जाने के लिए कई 3D इफेक्ट का भी निर्माण किया।

इन कलर में उपलब्ध होंगे सनग्लासेस

  • स्पेक्टकल्स 3 कार्बन, और मिनरल कलर में जबकि स्पेक्टकल्स 2 ओनिक्स एक्लिप्स, रूबी सनसेट और सप्पायर मिडनाइट कलर में उपलब्ध है। डिजाइन की बात करें तो यह आंखों को धूप से बचाने के लिए एडजस्टेबल टिप्स और टिंटेड ग्लास के साथ एक हल्के स्टील फ्रेम से बनाया गया है। इसके टॉप पर लगी बटन दबाकर वीडियो या फोटो कैप्चर किए जा सकते हैं।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
स्पेक्टकल्स 3 कार्बन, और मिनरल कलर में जबकि स्पेक्टकल्स 2 ओनिक्स एक्लिप्स, रूबी सनसेट और सप्पायर मिडनाइट कलर में उपलब्ध है।

2021 तक दो नए आईपैड लॉन्च करेगी एपल, 20W पावर एडॉप्टर के साथ बेचे जाएंगे दोनों मॉडल June 28, 2020 at 11:54PM

एपल जल्द ही आईपैड के दो नए वैरिएंट लॉन्च करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत में एपल 10.8-इंच आईपैड और 2021 में 8.5-इंच आईपैड मिनी लॉन्च करेगी।
एपल एनालिस्ट मिंग-ची कूओ ने बताया कि 10.8-इंच मॉडल मौजूदा 10.2-इंच मॉडल या 10.5-इंच आईपैड एयर की जगह लेगा। वहीं, MacRumors ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 8.5-इंच आईपैड मिनी सीरीज का नया मॉडल होगा।

साथ मिलेगा 20W पावर एडॉप्टर
कूओ ने कहा कि एपल इन दोनों वैरिएंट को 20W पावर एडॉप्टर के साथ बेचेगी, जैसा कि कुछ लीक रिपोर्ट में भी सामने आ चुका है। हालांकि, आईफोन 12 के साथ ऐसा नहीं हो सकता है क्योंकि कंपनी आईफोन 12 को चार्जर के साथ शिप नहीं करेगी।

मिनी-एलईडी डिस्प्ले तकनीक पर काम कर रही एपल
एनालिस्ट ने यह भी कहा कि भविष्य के हार्डवेयर प्रोडक्ट के लिए मिनी-एलईडी डिस्प्ले तकनीक को अपनाने की आईफोन निर्माता की योजना को वैश्विक स्वास्थ्य संकट के कारण 2021 तक वापस ले लिया गया है। एनालिस्ट का यह भी अनुमान लगाया है कि 2021 और 2022 में एपल मिनी-एलईडी प्रोडक्ट शिपमेंट में क्रमश: लगभग 300 प्रतिशत और 225 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मार्च में एपल ने LIDAR सेंसर तकनीक के साथ नया आईपैड प्रोस जारी किया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
एनालिस्ट का यह भी अनुमान लगाया है कि 2021 और 2022 में एपल मिनी-एलईडी प्रोडक्ट शिपमेंट में क्रमश: लगभग 300 प्रतिशत और 225 प्रतिशत की वृद्धि होगी

तीन वैरिएंट सुपर, स्मार्ट, शार्प में मिल सकता है हेक्टर प्लस का 6 सीटर वर्जन, स्टैंडर्ड मॉडल से 1.5 लाख रुपए तक ज्यादा हो सकती है कीमत June 28, 2020 at 10:58PM

एमजी मोटर ने अपकमिंग एमजी हेक्टर प्लस की ऑफिशियल साइट पर लिस्टिंग कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेक्टर प्लस का 6-सीटर वर्जन सुपर, स्मार्ट, शार्प वैरिएंट में उपलब्ध होगा और इसके फीचर्स स्टैंडर्ड हेक्टर के समान ही होंगे। इसे जुलाई में लॉन्च जाएगा। हेक्टर प्लस, एमजी हेक्टर का ही थ्री-रो वर्जन है और इसे 6 और 7-सीटर लेआउट में बाजार में उतारा जा सकता है।

स्टैंडर्ड वैरिएंट की तरह ही मिल सकता है इंजन

  • हेक्टर प्लस में स्टैंडर्ड कार की तरह ही इंजन ऑप्शन मिल सकते हैं। इसका मतलब है कि इसमें 143 पीएस और 250 एनएम टॉर्क जनरेट करने वाला एक 1.5 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन होगा, जबकि दूसरे में 48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम जोड़ जाएगा। जिसकी वजह से इसमें स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, रीजनरेटिव ब्रेकिंग और टॉर्क फिल फंक्शैनिलिटी मिलेगी।
  • डीजल वैरिएंट में 2.0-लीटर FCA मल्टीजेट इंजन होगा जो 173PS का पावर और 350Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह यूनिट जीप कंपास और टाटा हैरियर में भी दी गई है। इसमें छह-स्पीड मैनुअल और डीसीटी (केवल पेट्रोल) गियरबॉक्स ऑप्शन मिल सकते हैं।

एक्सटीरियर में काफी बदलाव देखने को मिलेगा

  • एमजी हेक्टर प्लस के एक्सटीरियर में काफी नए एलीमेंट्स देखने को मिलेंगे, जो इसे स्टैंडर्ड मॉडल से अलग बनाएंगे। इसमें एक बड़ा ग्रिल, नया हेडलैंप डिज़ाइन और DRLs और रिवाइज्ड स्किड प्लेट मिलेगी।
  • वर्तमान मॉडल में एसयूवी के सी-पिलर के चारों ओर एक ग्लास एलीमेंट फैला हुआ है। हेक्टर प्लस के रियर में एक नया बम्पर और टेललैंप मिल सकता है। नए पेंट ऑप्शन की भी उम्मीद की जा रही है। हेक्टर प्लस के एंटीरियर को नहीं दिखाया गया है, लेकिन इसमें OTA अपडेट के साथ अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम और टैन लेदर अपहोल्स्ट्री मिलने की उम्मीद है।

गुजरात में शुरू हो चुका है हेक्टर प्लस का प्रोडक्शन

  • एमजी हेक्टर प्लस का प्रोडक्शन गुजरात के हालोल में एमजी प्लांट में शुरू हो चुका है। हेक्टर प्लस पहले से मौजूद स्टैंडर्ड हेक्टर की तुलना में 1 से 1.5 लाख रुपए तक महंगी हो सकती है। वर्तमान में हेक्टर के बेस पेट्रोल वैरिएंट की शुरुआती कीमत 12.73 लाख रुपए जबकि टॉप-स्पेक डीजल की कीमत 17.73 लाख रुपए तक जाती है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
एमजी हेक्टर प्लस का प्रोडक्शन गुजरात के हालोल में एमजी प्लांट में शुरू हो चुका है, इसे जुलाई में लॉन्च किया जाएगा

कार सेगमेंट में एंट्री कर सकती है शाओमी, ऑफिशियल वेबसाइट पर टीजर जारी कर कुछ समय बाद हटाया June 28, 2020 at 09:25PM

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी जल्द ही ऑटोमोबाइल सेगमेंट में एंट्री कर सकती है। कंपनी ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक टीजर इमेज जारी की है। टीजर में दिख रही कार की झलक को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि शाओमी सुजुकी जिम्नी या मर्सिडीज जी-वैगन की तरह ही एक बॉक्सी एसयूवी पेश कर सकती है। टीजर रिलीज करने के थोड़ी देर बाद ही इसे हटा दिया गया। वहीं कंपनी ने भी ऑटो सेगमेंट में एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

टीजर जारी करने के बाद इसे हटा दिया गया

  • कुछ लोग इस टीज़र को मजाक भी माना है लेकिन बता दें कि यह टीजर शाओमी के ऑफिशियल पेज पर रिलीज किया गया था न कि किसी अनौपचारिक फन पेज पर। यह भी कयास लगाए जा रहा है कि कंपनी कार बनाने के प्रति गंभीर है। टीज़र पर एक टेक्स्ट भी है जिसमें लिखा है- 'मेक ए कार? वी आर सीरियस!' दिलचस्प बात यह है कि टीजर रिलीज करने के कुछ समय बाद इसे साइट से हटा दिया था।

कई वाहन निर्माताओं के संपर्क में है शाओमी- रिपोर्ट

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाओमी कई स्थानीय वाहन निर्माताओं के संपर्क में है और उसने पॉपुलर चीनी कंपनी Xiaopeng मोटर्स में भी निवेश किया है। कार निर्माता ने भी Xiaopeng P7 इलेक्ट्रिक सेडान की सप्लाई शुरू कर दी है, जिसे टेस्ला कारों के प्रतिद्वंद्वी के रूप में भी देखा जा रहा है।

खिलौना भी हो सकती है टीजर में दिखाई दे रही कार

  • हालांकि, चीनी EV टीजर में दिखाई दे रही बॉक्सी SUV की तरह नहीं दिखती है और इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि शाओमी किस तरह की कार पेश कर सकता है। यह भी संभव है कि यहां पर कार किसी प्रकार का खिलौना हो।

शाओमी के पोर्टफोलियो में हैं कई तरह के प्रोडक्ट

  • शाओमी कॉर्पोरेशन 2018 में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता बन गया था। इसके अलावा, कंपनी के पास एक डायवर्स पोर्टफोलियो है क्योंकि शाओमी टैबलेट, कनेक्टेड ब्रेसलेट, एक्सटर्नल बैटरी, हाई-फाई इयरफोन और हेडसेट, जॉयस्टिक, कनेक्टेड होम इक्विपमेंट, एक्शन कैमरा, इलेक्ट्रिक स्कूटर, राउटर और स्मार्ट टीवी जैसे कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान और गैजेट्स का निर्माण और बिक्री करती है।

शाओमी ने कार बाजार में एंट्री करने का खुलासा नहीं किया

  • हालांकि कंपनी ने अभी तक कार बाजार में कदम रखने की कोई योजना का खुलासा नहीं किया है, यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि शाओमी कार से जुड़ी तकनीकों के माध्यम से इसे आगे बढ़ा सकती है। इसलिए, जबकि शाओमी आज एक वास्तविक कार का खुलासा नहीं कर सकता है, अगर वह एक आधुनिक कार प्रौद्योगिकी और चीनी कार निर्माता के साथ किसी प्रकार की साझेदारी की घोषणा करता है तो आश्चर्य नहीं होगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टीजर में दिख रही कार की झलक को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि शाओमी सुजुकी जिम्नी या मर्सिडीज जी-वैगन की तरह ही एक बॉक्सी एसयूवी पेश कर सकती है

रियलमी नारजो 10 में आया नया 'That Blue' कलर वैरिएंट, 30 जून दोपहर 12 बजे से शुरू होगी पहली सेल June 28, 2020 at 07:55PM

रियलमी ने अपने बजट स्मार्टफोन नारजो 10 का नया 'That Blue' कलर वैरिएंट लॉन्च किया है। नए दैट ब्लू कलर वैरिएंट की कीमत 11999 रुपए है। इसकी पहली सेल 30 जून, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इसे रियलमी डॉट कॉम और फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा।
कंपनी ने फोन को मई में दो कलर ऑप्शन के साथ भारत में लॉन्च किया था। रियलमी नारजो 10 में क्वाड रियर कैमरा, ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो G80 प्रोसेसर और 5000 एमएएच बैटरी है।

रियलमी नारजो 10 (दैट ब्लू कलर): भारत में कीमत और ऑफर

  • रियलमी नारजो 10 का नया दैट ब्लू कलर ऑप्शन 11999 रुपए में उपलब्ध है। हालांकि बाजार में पहले से मौजूदा दैट ग्रीन और दैट व्हाइट कलर ऑप्शन भी इसे कीमत में अवेलेबल है।
  • फोन रियलमी इंडिया की ऑफिशियल साइट और फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। नए ब्लू कलर वैरिएंट की पहली सेल 30 जून दोपहर 12 बजे से शुरू होगी।
  • रियलमी नारजो 10 को सिंगल 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वैरिएंट में पेश किया गया है। इसे मई में रियलमी नारजो 10A के साथ लॉन्च किया गया था।

रियलमी नारजो 10: बेसिक स्पेसिफिकेशन

  • डुअल नैनो सिम सपोर्ट करने वाला रियलमी नारजो 10A एंड्रॉयड 10 ओएस पर बेस्ड रियलमी UI पर काम करता है।
  • स्मार्टफोन में 6.5 इंच एचडी प्लस (720x1600 पिक्सल) मिनी-ड्रॉप डिस्प्ले है जिसमें 20: 9 आस्पेक्ट रेश्यो और कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 प्रोटेक्शन मिलता है।
  • यह ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हेलियो जी80 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम और 128 जीबी ऑनबोर्ड स्टोरेज से लैस है। माइक्रोएसडी कार्ड से स्टोरेज बढ़ाया जा सकता है।
  • रियलमी नारजो 10 में एक क्वाड रियर कैमरा सेटअप है जिसमें 48-मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 8-मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा और 2-मेगापिक्सल के दो कैमरे हैं।
  • वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के लिए फोन ने फ्रंट में सिंगल 16-मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है। फोन में 5000 एमएएच बैटरी है, जो 18 वॉट क्विक चार्ज सपोर्ट करती है।
  • कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G, वाई-फाई 802.11 b/g/n, ब्लूटूथ v5.0, जीपीएस / A-जीपीएस और चार्जिंग के लिए यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं।
डिस्प्ले साइज 6.5 इंच
डिस्प्ले टाइप HD+ (720x1600 पिक्सल) मिनी ड्ऱॉप डिस्प्ले, 2.5D कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास प्रोटेक्शन
सिम टाइप डुअल नैनो सिम
ओएस रियलमी UI बेस्ड एंड्रॉयड 10
प्रोसेसर ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो G80 विद माली G52 GPU
रैम/ स्टोरेज 4GB+128GB
रियर कैमरा 48MP(मेन सेंसर)+8MP(119 डिग्री व्यू अल्ट्रा वाइड लेंस)+2MP(मोनोक्रोम पोर्ट्रेट सेंसर)+2MP(मैक्रो शूटर)
फ्रंट कैमरा 16MP (सपोर्ट एचडी 720 पिक्सल रिकॉर्डिंग@30fps फ्रेम रेट)
बैटरी 5000mAh सपोर्ट 18W क्विक चार्ज
सेंसर एक्सीलेरोमीटर, एम्बिएंट लाइट सेंसर, जायरोस्कोप, मैग्नेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बाजार में पहले से मौजूदा दैट ग्रीन और दैट व्हाइट कलर ऑप्शन भी कीमत 11999 रुपए ही है

Sunday, June 28, 2020

दुनियाभर के रिटेल स्टोर्स बंद करेगी माइक्रोसॉफ्ट, अब डिजिटल प्लेटफार्म पर रहेगा कंपनी का पूरा फोकस June 28, 2020 at 01:26AM

दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट दुनियाभर के अपने सभी रिटेल स्टोर्स बंद करने जा रही है। कंपनी ने हाल ही में इसकी घोषणा की। इस फैसले का मतलब यह भी है कि महामारी के कारण बंद हुएमाइक्रोसॉफ्ट के 80 से ज्यादारिटेल स्टोर्स अब दोबारा नहीं खुलेंगे।इनके बंद होनेके बाद कंपनी की रिटेल टीम मेंबर्स कस्टमर्स सर्विस, सेल्स, ट्रेनिंग और सपोर्ट जैसी सर्विसेज से जुड़े रहें। हालांकि कंपनी ने यह जानकारी नहीं दी कि रिटेल स्टोर्स कब से बंद होंगे।

चार स्टोर्स को एक्सपीरियंस सेंटर में बदलेगी कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि वे अब डिजिटल स्टोर्स पर फोकस करेगी। कंपनी का कहना है कि वह केवल उन चार जगहों के स्टोर्स को खुले रखेगी जिनमें अब प्रोडक्ट्स की सेल नहीं होती और इनका उपयोग केवल एक्सपीरियंस सेंटर के तौर पर ही होता है। कंपनी का कहना है कि वह माइक्रोसॉफ्ट डॉट कॉम समेत Xbox और Windows स्टोर्स में निवेश जारी रखेगी। कंपनी लंदन, एनवाईसी, सिडनी और रेडमंड कैंपस जैसे स्थानों पर माइक्रोसॉफ्ट एक्सपीरियंस सेंटर्स को संचालित करेगी।

सभी सुविधाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देगी कंपनी
कंपनी का कहना है कि रिटेल स्टोर्स पर मिलने वाली सभी सुविधाएं यूजर्स को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होंगी। कंपनी ने बताया कि रिटेल स्टोर्स की तुलना में हमारी ऑनलाइन बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है और हमारी टीम वर्चुअल तौर पर कस्टमर्स को बेहतर सर्विसेज प्रदान कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने रिटेल स्टोर्स को बंद करने की घोषणा के साथ ही यह भी कहा कि 'हमने एक ऐसी टीम का निर्माण किया है जिसमें मल्टीटैलेंटेड लोग है और दुनिया के किसी भी कोने से काम करने में सक्षम है। हमारी टीम में ऐसे लोग हैं जो कि 120 से अधिक भाषाओं को जानते हैं और यह टीम पहले कहीं अधिक मजबूत है।'

एपल जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाई

  • माइक्रोसॉफ्ट अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सर्विसेज पर अधिक भरोसा कर रहा है, इसके रिटेल स्टोर्स पर सर्फेस टैबलेट और लैपटॉप के साथ-साथ Xbox गेमिंग गियर पर ध्यान फोकस था। लेकिन फिजिकल स्टोर्स एपल जैसे पॉपुलैरिटी हालिस करने में विफल रहे। इंडिपेंडेंट टेक्नोलॉजी एनालिस्ट नील साइबर्ट ने कहा कि कंपनी ने स्टोर्स बंद करना का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि सर्फेस का कारोबार तेजी से कंज्यूमर स्पेस में तेजी से अपना स्थान खो रहा है।
  • माइक्रोसॉफ्ट के फाइनेंशियल रिजल्ट में महामारी का प्रभाव अभी तक रिफलेक्ट नहीं हुआ है। कंपनी ने जनवरी से मार्च तक 10.8 बिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ कमाया, जो कि सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 35 बिलियन डॉलर के टर्नओवर पर है। सर्फेस रेंज के लिए उत्पादन में देरी के बावजूद, समूह का मानना ​​है कि यह संकट के समय के लिए अच्छी तरह से तैनात है, विशेष रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में। सोशल डिस्टेंसिंग के युग में माइक्रोसॉफ्ट अपने टेलीनेटवर्किंग, डिस्टेंट एंड एजुकेशन सर्विस पर भरोसा कर रही है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कंपनी लंदन, एनवाईसी, सिडनी और रेडमंड कैंपस जैसे स्थानों पर माइक्रोसॉफ्ट एक्सपीरियंस सेंटर्स को संचालित करेगी

साल की दूसरी छमाही में दो नए फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है सैमसंग, 2021 में आएगा सस्ता फोल्डेबल फोन June 27, 2020 at 11:52PM

सैमसंग साल की दूसरी छमाही में दो नए फोल्डेबल फोन लॉन्च कर सकती है। वहीं, सस्ता फोल्डेबल हैंडसेट मॉडल अगले साल तक बाजार में आएगा है। Yonhap न्यूज एजेंसी ने अपने रिपोर्ट में बताया कि अगस्त में होने वाले इवेंट में सैमसंग अपने फ्लैगशिप फैबलेट (phablet) गैलेक्सी नोट 20 सीरीज के साथ गैलेक्सी फोल्ड 2 और गैलेक्सी Z-फ्लिप 5G वैरिएंट लॉन्च करेगी। हालांकि लेकिन किफायती फोल्डेबल स्मार्टफोन जिसे संभवत: गैलेक्सी फोल्ड लाइट नाम दिया जाएगा शायद इस इवेंट से अपनी शुरुआत नहीं करेगा।

नए फोल्ड में बड़ा होगा डिस्प्ले

  • सैमसंग के बारे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी फोल्डेबल स्मार्टफोन के एक ऐसा वर्जन भी पेश करेगी, जिसे रेगुलर गैलेक्सी फोल्ड से आधी कीमत में बेचा जाएगा। टेक रिव्यूअर्स का कहना है कि गैलेक्सी फोल्ड 2 में 7.7 इंच की स्क्रीन होगी, जबकि 6.23 इंच का कवर डिस्प्ले होगा, जो क्रमशः अपने पुराने वर्जन के 7.3 इंच और 4.6 इंच डिस्प्ले से बड़ा होगा।

फोल्ड 2 में मिल सकती है अल्ट्रा-थिन ग्लास डिस्प्ले

  • सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड 2 में अल्ट्रा-थिन ग्लास (UTG) का उपयोग कर सकती है, जैसा कि कंपनी ने गैलेक्सी Z-फ्लिप में किया था। हालांकि, कई लोगों ने यह भी कहा है कि गैलेक्सी फोल्ड की नेक्स्ट जनरेशन मॉडल में एस-पेन सपोर्ट नहीं मिलने की संभावना है।

गैलेक्सी Z-फ्लिप के स्पेसिफिकेशन में कोई खास बदलाव नहीं मिलेगा

  • गैलेक्सी Z-फ्लिप के 5G वैरिएंट में ओरिजनल मॉडल की तुलना में स्पेसिफिकेशंस के हिसाब से कोई बड़े बदलाव मिलने उम्मीद नहीं है। सैमसंग के नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स का डेब्यू हुवावे और माइक्रोसॉफ्ट से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच होगा।

डेब्यू करने की तैयारी में ही हुवावे और माइक्रोसॉफ्ट के फोल्डेबल फोन

  • चीन के हुवावे कथित रूप से अपने मेट X2 को रिलीज़ करने की योजना बना रहा है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट वर्ष की तीसरी तिमाही में सरफेस डुओ पेश करना चाहता है।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कई लोगों ने यह भी कहा है कि गैलेक्सी फोल्ड की नेक्स्ट जनरेशन मॉडल में एस-पेन सपोर्ट नहीं मिलने की संभावना है

जापान की स्टार्टअप कंपनी ने बनाया रोबोटिक फेस मास्क, यूजर की आवाज को टेक्स्ट मैसेज में कन्वर्ट करेगा June 27, 2020 at 09:47PM

जापानी स्टार्टअप डोनट रोबोटिक्स ने एक इंटरनेट-कनेक्टेड 'स्मार्ट मास्क' तैयार किया है, जो न सिर्फ मैसेज ट्रांसमिट करता है बल्कि जापानी भाषा को आठ अन्य भाषाओं में ट्रांसलेट भी करता है।
सफेद प्लास्टिक से बना 'सी-मास्क' स्टैंडर्ड फेस मास्क के ऊपर फिट हो जाता है। इसे ब्लूटूथ के जरिए स्मार्टफोन और टैबलेट से कनेक्ट किया जा सकता है। कनेक्ट होने के बाद यह न सिर्फ स्पीच को टेक्स्ट मैसेज में कन्वर्ट करता है बल्कि यूजर इससे कॉल भी कर सकते हैं। मास्क यूजर की आवाज को भी एम्प्लीफाई करने का काम भी करता है ताकि उसकी आवाज दूसरे व्यक्ति को जोर से सुनाई दे।
डोनट रोबोटिक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव टिसुके ओनो ने कहा, "हमने इस रोबोट को तैयार करने के लिए सालों तक कड़ी मेहनत की और हमने इस तकनीक का इस्तेमाल एक ऐसे प्रोडक्ट बनाने के लिए किया है, जो इस बात को दर्शाता है कि कोरोनोवायरस ने समाज को कैसे बदला है।

ऐसे प्रोडक्ट की तलाश में थे जो महामारी में हमारी कंपनी बचाए रखे- डोनट रोबोटिक्स
डोनट रोबोटिक्स के इंजीनियरों को मास्क बनाने का विचार इसलिए आया क्योंकि वह एक ऐसे प्रोडक्ट की तलाश में थे जो कंपनी को महामारी में भी बचाए रखने में मदद कर सके। जब कोरोनवायरस का प्रकोप हुआ, तब उसने टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे पर रोबोट गाइड और ट्रांसलेटर्स सप्लाई को कॉन्ट्रैक्ट मिला, यह ऐसा प्रोडक्ट था जिसे हवाई यात्रा बंद होने के बाद काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

सितंबर में 5000 मास्क बेचेगी कंपनी, एक की कीमत लगभग 3 हजार रुपए
डोनट रोबोटिक्स 5000 हजार सी-मास्क सितंबर में जापान के खरीदारों के लिए उपलब्ध कराया जाएंगे, वहीं चीन, अमेरिका और यूरोप में भी इसे ओनो के जरिए बेचा जाएगा। क्योंकि इन देशो ने भी इसके लिए रूचि दिखाई है।
एक फेस मास्क की कीमत $ 40 यानी लगभग 3,000 रुपए है। डोनट रोबोटिक्स बड़े पैमाने पर मास मार्केट को टार्गेट करना चाहती है। कंपनी ने यह भी बताया कि वे यूजर्स द्वारा डाउनलोड की जाने वाली ऐप के माध्यम से भी सब्सक्राइबर सर्विस द्वारा रेवेन्यू जनरेट किया जाएगा।

एक महीने के भीतर तैयार किया प्रोटोटाइप
डोनट रोबोटिक्स ने कनेक्टेड मास्क का प्रोटोटाइप एक महीने के भीतर तैयार किया। इसके लिए उन्होंने ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर को एडॉप्ट किया जो चेहरे की मांसपेशियों की मैपिंग कर उसे स्पीच में कन्वर्ट करता है। इसे तकनीक कंपनी को कंपनी के ही एक इंजीनियर शुनसुके फुजिबायशी ने एक स्टूडेंट प्रोजेक्ट के लिए चार साल पहले तैयार किया था।

क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए 1.98 करोड़ रुपए
ओनो ने जापानी क्राउडफंडिंग साइट फंडिननो के माध्यम से डोनट रोबोटिक्स के शेयर बेचकर इसे बनाने के लिए 28 मिलियन (लगभग 1.98 करोड़ रुपए) जुटाए। उन्होंने कहा कि हमने तीन मिनट के भीतर 7 मिलियन येन के अपना शुरुआती लक्ष्य रखा और 37 मिनट के बाद इसे बंद कर दिया, इस दौरान हम 28 मिलियन येन इकट्ठा कर चुके थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
डोनट रोबोटिक्स के इंजीनियरों को मास्क बनाने का विचार इसलिए आया क्योंकि वह एक ऐसे प्रोडक्ट की तलाश में थे जो महामारी में भी कंपनी को बचाए रखे

जेमोपाई ने लॉन्च किया 44 हजार रुपए का मिसो इलेक्ट्रिक स्कूटर, प्री-बुकिंग पर मिल रहा दो हजार रुपए का डिस्काउंट June 27, 2020 at 08:09PM

जेमोपाई इलेक्ट्रिक ने भारत में नया मिसो इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स शोरूम कीमत 44 हजार रुपए है। स्कूटर में सिंगल सीट मिलती है इसलिए कंपनी इसे देश का पहला सोशल डिस्टेंसिंग स्कूटर भी कह रही है। फुल चार्ज में यह 75 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है। इसकी बैटरी को 90 प्रतिशत चार्ज होने में सिर्फ 2 घंटे का समय लगता है।
कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी प्री-बुकिंग्स शुरू हो चुकी है। जुलाई से यह कंपनी की 60 डीलरशिप पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। जेनोपाई ने बताया कि बैटरी और सेल को छोड़कर इसकी मैन्युफैक्चरिंग स्थानीय स्तर पर की जाएगी। जेमोपाई इलेक्ट्रिक, गोग्रीन ई-मोबिलिटी और ओपई (Opai) इलेक्ट्रिक का जॉइंट वेंचर है।

हर प्री-बुकिंग पर मिलेगा 2000 रुपए का डिस्काउंट

  • कंपनी ने स्कूटर के दो वैरिएंट में पेश किए हैं। जिसमें एक वैरिएंट में लगेज कैरियर दिया गया है, जिसमें 120 किग्रा तक सामान रखा जा सकता है।
  • यह चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध है, जिसमें फेरी रेड, डीप स्काई ब्लू, Luscious ग्रीन और सनसेट ऑरेंज कलर शामिल हैं।
  • मिसो की टॉप स्पीड 25 किमी प्रति घंटा है, इसका मतलब है कि इसमें आरटीओ रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ती।
  • कम रोशनी ने नेविगेट करने के लिए इसमें हेक्सा हेडलाइट और 48V, 1 किलोवाट डिटेचेबल Li-ion बैटरी के लिए इसमें एलईडी बैटरी इंडिकेटर दिया गया है।
  • लॉन्चिंग ऑफर के तौर पर कंपनी हर प्री-बुकिंग पर 2000 रुपए की छूट दे रही है। इसे कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट से बुक किया जा सकता है।
  • सभी ग्राहकों के लिए तीन साल का मुफ्त सर्विस पैकेज भी दिया जाएगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यह चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध है जिसमें फेरी रेड, डीप स्काई ब्लू, Luscious ग्रीन और सनसेट ऑरेंज कलर शामिल हैं

Saturday, June 27, 2020

Samsung Galaxy A01 Core का डिजाइन हुआ लीक, टैक्स्चर्ड बैक पैनल के साथ होगा लाॅन्च June 27, 2020 at 02:47AM

कोरियन स्मार्टफोन मेकर कंपनी सैमसंग (Samsung) ने अब तक कई स्मार्टफोन बाजार में उतारे हैं। इनमें प्रीमियम रेंज से लेकर लो बजट तक के कई फोन शामिल हैं। अब कंपनी एक और लो बजट स्मार्टफोन पर काम कर रही है और इसे Samsung Galaxy A01 Core नाम से बाजार में उतारा जाएगा। एक नई रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि Samsung Galaxy A01 Core में टैक्स्चर्ड बैक पैनल का उपयोग किया जाएगा।

लीक से पता चलता है कि फोन रेड और ब्लू रंग विकल्पों में आएगा। वॉल्यूम और पावर बटन स्क्रीन के दायें किनारे पर स्थित हैं। डिज़ाइन को देखते हुए यह काफी संभावना है कि इसे एंट्री-लेवल स्मार्टफोन के रूप में पेश किया जा सकता है। इस फोन की बैटरी निकाली जा सकेगी।


सैमसंग गैलेक्सी ए01 कोर की संभावित स्पेसिफिकेशन

रियर पैनल पर सिंगल कैमरा एलईडी फ्लैश के साथ दिया गया है। रियर में मैट फिनिश वाला प्लास्टिक पैनल दिया गया है। इसके अलावा डिस्प्ले के दाईं और वॉल्यूम और पावर बटन्स दिए गए हैं। फोन में 1480x720p रेजॉलूशन वाला HD+ डिस्प्ले मिल सकता है और एंट्री लेवल MediaTek MT6739WW चिपसेट मिलेगा। 1 जीबी रैम वाले इस फोन की कीमत काफी कम होने की उम्मीद की जा रही है।

पिछले लीक के मुताबिक, Samsung Galaxy A01 Core एंड्रॉयड 10 (गो एडिशन) पर चलेगा और इसका डिस्प्ले 320ppi पिक्सल डेंसिटी और एचडी+ (720x1,480 पिक्सल) रिजॉल्यूशन से लैस होगा। यह MediaTek HT6739WW चिपसेट पर काम करेगा और इसमें 1 जीबी रैम शामिल होगा।

डिवाइस को मॉडल नंबर SM-A013F/DS के साथ ब्लूटूथ SIG साइट पर देखा गया था। लिस्टिंग से पता चला था कि आगामी सैमसंग गैलेक्सी ए01 कोर ब्लूटूथ वर्ज़न 5 के साथ आएगा। इसमें डुअल-बैंड वाई-फाई 02.11 बी/जी/एन के साथ वाई-फाई एलायंस पर भी देखा जा चुका है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नए फोन को कंपनी एंट्री लेवल प्राइस पर लॉन्च कर सकती है

गूगल प्ले स्टोर पर आते ही Photo Lab हुआ ट्रेंड, दुनियाभर के यूजर्स कर रहे हैं पसंद, अब तक 10 करोड़ से ज्यादा बार किया जा चुका है डाउनलोड June 27, 2020 at 01:00AM

फोटो एडिटिंग ऐप Photo Lab भारत में काफी ट्रेंड कर रहा है। इस समय आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज तक इस ऐप का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। यह ऐप Android और iOS प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से मौजूद है। भारत में पिछले कुछ दिनों से यह काफी लोकप्रिय हो रहा है। फोटो एडिटिंग ऐप फोटो लैब एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए गूगल प्ले और एपल यूज़र्स के लिए एपल स्टोर पर उपलब्ध है। रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल प्ले पर Linerock Investments डेवलपर के फोटो लैब ऐप को 10 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। 21 लाख रिव्यू के साथ यह ऐप 4.4 स्टार रेटिंग हासिल कर चुका है।

क्या है Photo Lab ऐप?

Photo Lab एक फोटो एडिटिंग ऐप है। यह ऐप अन्य फोटो एडिटिंग ऐप्स की तरह ही फिल्टर्स और एडिटिंग टूल्स से लैस आता है। इसमें 900 से ज्यादा फिल्टर्स मौजूद हैं, लेकिन इसका कार्टून लुक देने वाला फिल्टर सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। इसमें 50 प्री-सेट के साथ Neural Art Styles फिल्टर्स शामिल हैं, जो फोटो को आर्टवर्क स्टाइल लुक देते हैं। इसमें मौजूद कई फिल्टर्स और ओवरलेज़ के जरिए फोटो को आकर्षक लुक दिया जा सकता है।

वेबसाइट की प्रमाणिकता वेरिफाई नहीं

इस ऐप को चलाने वाली दो कंपनियां VicMan और Linerock इन्वेस्टमेंट हैं। इन्हें Pho.to वेबसाइट के नाम से जाना जाता है। कंपनी के दावे के मुताबिक उन्हें इस क्षेत्र में करीब 10 साल का अनुभव है। हालांकि इस वेबसाइट की प्रमाणिकता को वेरिफाई नहीं किया जा सका है। लेकिन इतना जरूर साफ है कि ऐप यूजर्स से फोटो एक्सेस करने की इजाजत मांगता है, फिर उसे कंपनी के सर्वर पर प्रोसेस्ड करता है।

इस समय ऐप कर रहाहै खूब कमाई

एंड्रॉयड में फोटो लैब को दिसंबर 2010 में लॉन्च किया गया था लेकिन हाल के आंकड़ें बताते हैं कि पिछले महीने इस ऐप को दुनिया भर में 40 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया गया और ऐप ने 1,00,000 डॉलर (लगभग 75,62,800 रुपए) से अधिक कमाई की। वहीं, iOS में Photo Lab को जून 2011 को लॉन्च किया गया था। ऐप को दुनिया भर में पिछले महीने 3 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया गया और इसने 2,00,000 डॉलर (1,51,25,600 रुपए) से अधिक कमाई की।

ऐप में कार्टून पोर्ट्रेट बनाने के लिए क्या करें-

  • गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से इसे डाउनलोड करें।
  • इसके बाद Photo Lab ऐप को खोलें।
  • इसके बाद AI कार्टून टैब पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद ऐप यूजर्स की गैलरी का एक्सेस मांगेगा।
  • इसके बाद आप जिस फोटो का AI पोर्ट्रेट बनाना चाहते हैं
  • उसके फिल्टर को अप्लाई करना होगा।
  • अधिक इफेक्ट के लिए नीचे दिए गए Click on + साइन पर क्लिक करना होगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
गूगल प्ले स्टोर पर यह ऐप 21 लाख रिव्यू के साथ 4.4 स्टार रेटिंग हासिल कर चुका है
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...