Thursday, April 2, 2020

आसुस ने लॉन्च किया दो स्क्रीन वाला गेमिंग लैपटॉप, इसकी 14 इंच के छोटी टचस्क्रीन में गेम खेलते हुए चैटिंग कर सकेंगे April 02, 2020 at 01:19AM

आसुस ने अपने डुअल स्क्रीन गेमिंग लैपटॉप रोग Zephyrus डुओ 15 को लॉन्च कर दिया है। यह नए कोर i9-10980HK सीपीयू और जीफोर्स RTX 2080 सुपर जीपीयू से लैस है। इसकी खासबात यह है कि इसमें दो स्क्रीन मिलेंगी। कंपनी का कहना है कि यह खासतौर से गेमर और उन यूजर्स के लिए बनाया गया है वीडियो स्ट्रीमिंग, चैट ऐप्स, गेम गाइड और मल्टी टास्किंग के लिए एक से ज्यादा स्क्रीन्स का इस्तेमाल करते हैं। इसमें एक्टिव एरोडायनामिक कूलिंग सिस्टम और ऑप्शनल 300 हर्ट्ज फुल एचडी स्क्रीन मिलती है।

आसुस रोग Zephyrus डुओ 15 लैपटॉप की खासियत

  • इसमें 15.6 इंच की प्राइमरी डिस्प्ले मिलती है, जिसमे 4K@60हर्ट्ज और फुल एचडी@300 हर्ट्ज का रेजोल्यूशन ऑप्शन मिलते हैं।
  • दूसरी स्क्रीन 14 इंच की है, जो कीबोर्ड के ठीक ऊपर लगी है। इसमें 3840x1100 पिक्सल रेजोल्यूशन सपोर्ट मिलता है।
  • प्राइमरी डिस्प्ल में टच सपोर्ट नहीं मिलता जबकि सेकेंडरी स्क्रीन टच सेंसिटिव है। इसे 13 डिग्री तक उठाया जा सकता है जिससे बेहतर विजिबिलिटी मिलती है।
  • आसुस का कहना है कि इसे बनाने के लिए गेम और सॉफ्टवेयर कंपनियों से साझेदारी की गई है, ताकि इसके फीचर्स जैसे गेम चैट, गाइड और टच कंट्रोल्स को बेहतर बनाया जा सके।
  • 210 एमएम पतले और 2.4 किलो वजनी इस लैपटॉप में 16 जीबी रैम मिलती है हालांकि इसमें दिए SODIMM स्लॉट की बदौलत इसे 32 जीबी और बढ़ाया जा सकता है।
  • इसमें 90Wh बैटरी है, जिसे चार्ज करने के लिए लैपटॉप के साथ 240W चार्जर दिया गया है। फिलहाल इसकी कीमत का ऐलान नहीं किया गया है लेकिन इसकी बिक्री मई 2020 तक शुरू की जाएगी


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Asus ROG Zephyrus Duo 15 Laptop price| Asus ROG Zephyrus Duo 15 Dual-Screen Gaming Laptop With 10th Gen Core i9, Nvidia GeForce RTX Super Launched

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जूम पर लगा डेटा चोरी का आरोप; भारत में 10 करोड़ डाउनलोड्स का आंकड़ा पार, एक साथ 100 लोग कर सकते हैं वीडियो कॉलिंग April 02, 2020 at 12:30AM

कोरोनावायरस के चलते दुनियाभर में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। वर्क फ्रॉम होम और सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है। ज्यादातर कंपनियों के लोग घर से काम कर रहे हैं। ऐसे में मीटिंग और संवाद बनाए रखने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसी ही एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जूम जिसे काफी पसंद किया जा रहा है, इसमें एक साथ 100 लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं। लेकिन अब इस ऐप पर यूजर्स का पर्सनल डेटा चारी कर फेसबुक समेत अन्य कंपनियों से अवैध तरीके से साझा करने के आरोप लग रहे हैं। सोमवार को कैलिफोर्निया की अदालत में जूम के खिलाफ मुकदमा दायर किया। अदालत में सुनवाई के दौरान कंपनी यह बताने में विफल रही कि बिना इजाजत यूजर्स के डेटा को फेसबुक और अन्य कंपनियों के साथ क्या साझा किया गया।

क्लाइंट के ई-मेल एड्रेस लीक कर रहा है
टेकक्रंच वेबसाइट की एक रिपोर्ट में इंटरसेप्ट का हवाला देकर बताया गया है कि इसके वीडियो कॉल एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं है, यानी बीच में ही प्राइवेसी लीक हो सकती है। मदरबोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जूम क्लाइंट के ई-मेल एड्रेस लीक कर रहा है। प्राइवेसी लीकिंग के डर से एपल को अपने लाखों मैक कंप्यूटर्स को सुरक्षित करने के लिए इंतजाम करना पड़ा था। इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन ने हाल ही में चेतावनी दी है कि यह ऐप एडमिनिस्ट्रेटर्स को लोगों की गतिविधियों को ट्रैक करने की अनुमति देता है। जूम पर यह भी आरोप लगा कि यह चुपचाप यूजर्स की आदतों के बारे में फेसबुक को डेटा भेज रहा है। मदरबोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक यह आईओएस एंड्रॉयड खोलने पर फेसबुक को नोटिफाई करता है। इस तरह फेसबुक तक डेटा लीक हो जाता है। इस आरोप के बाद जूम के फाउंडर ने ये कहा है कि उस फीचर को कंपनी रिव्यू कर रही है जो यूजर का डेटा फेसबुक के साथ शेयर कर रहा है। हालांकि अब कंपनी ने फेसबुक के साथ डेटा शेयर वाले इस फीचर को हटा दिया है।

भारत में जूम ऐप 10 करोड़ बार हुआ डाउनलोड
ऐप डेटा पर काम करने वाली कंपनी ऐप एन्नी ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक 14 मार्च से 21 मार्च के बीच दुनिया भर में सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप 6.20 करोड़ बार डाउनलोड हुए हैं। साल 2019 में साप्ताहिक औसत बिजनेस ऐप डाउनलोडिंग से यह 90 फीसदी ज्यादा है। यह आईओएस और गूगल प्ले स्टोर पर किसी भी ऐप कैटेगरी में अब तक की सबसे तेज ग्रोथ है। डाउनलोडिंग में मुख्य रूप से गूगल का हैंगआउट मीट, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और जूम क्लाउड मीटिंग्स हैं। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी और मार्च में सबसे ज्यादा जूम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप डाउनलोड हुआ है। भारत में यह बहुत तेजी से ग्रोथ करते हुए गूगल प्ले स्टोर से 10 करोड़ बार डाउनलोड हो चुका है। 14 से 21 मार्च के रिकॉर्ड सप्ताह में यह अमेरिका में इस तिमाही में औसत साप्ताहिक डाउनलोडिंग से 14 गुना ज्यादा डाउनलोड हुआ। ब्रिटेन में साप्ताहिक औसत से 20 गुना, फ्रांस में 22 गुना, जर्मनी में 17 गुना, स्पेन में 27 गुना और इटली में 55 गुना ज्यादा डाउनलोड हुआ।

क्या है जूम
जूम एक फ्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप है। इसके जरिए यूजर एक बार में अधिकतम 50 लोगों के साथ बात कर सकते हैं। ऐप का यूजर इंटरफेस आसान है जिस वजह से हर आदमी इसे यूज कर लेता है। ऐप में वन-टू-वन मीटिंग और 40 मिनट की ग्रुप कॉलिंग की सुविधा भी मिलती है। यह आईओएस और गूगल प्ले स्टोर दोनों प्लेटफॉर्म है।


जूम के फाउंडर युआन का अमेरिका ने आठ बार कैंसिल किया वीसा
जूम ऐप की लोकप्रियता के साथ इसके फाउंडर एरिक युआन भी पूरी दुनिया की सुर्खियों में छा गए हैं। हालांकि कोरोना संकट के बीच युआन भी चीन के ही हैं लेकिन अब अमेरिकी हैं। युआन के वीसा ऐप्लीकेशन को अमेरिका ने आठ बार खारिज कर दिया था। नब्बे के दशक में एरिक ने पहली बार बिल गेट्स को इंटरनेट के बारे में बोलते हुए सुना। तभी से वह इस फिल्ड में आकर्षित हुए। कंप्यूटर कोडिंग की स्किल के दम पर 1997 में उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर कंपनी वेबएक्स में इंजीनियर के तौर पर नौकरी मिली। युआन ने 2011 में 40 इंजीनियरों के साथ अपना कंपनी शुरू और जूम को लॉन्च किया। कंपनी में 2018 तक 1700 कर्मचारी हो चुके थे और कंपनी का रेवेन्यू 33 करोड़ डॉलर पार गया है।



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Zoom App video conferencing| Accused of data theft on video conferencing app Zoom; Over 100 million users in India, 100 people can do video calling simultaneously

कोरोन ट्रैकिंग ऐप आरोग्य सेतु लॉन्च, संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाते ही अलर्ट करेगा, संक्रमण से बचने के लिए टिप्स देगा April 01, 2020 at 11:43PM

कोरोना के बारे में लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने नई ऐप आरोग्य सेतु को ऑफिशियली लॉन्च कर दिया है। इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर इस्तेमाल कर सकेंगे। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र ने तैयार किया है। इस ऐप के जरिए कोरोनावायरस या कोविड-19 को लेकर यूजर तक न सिर्फ सटीक और सही जानकारियां पहुंचाई जाएंगी बल्कि उन्हें किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी रोका जा सकेगा।

आरोग्य सेतु ऐप का इंटरफेस

कैसे काम करेगा ऐप

आरोग्य सुते जिसका संस्कृत में अर्थ है हेल्थ ब्रिज। ऐप में एक चैटबॉट भी है, जिसमें यूजर को कोरोना महामारी से जुड़े सवालों के सही जवाब देते हैं। इसके जरिए न सिर्फ यूजर अपने अंदर कोरोना के लक्षणों की पहचान कर सकेंगा बल्कि ऐप यह भी पता लगाता है कि जाने-अनजाने में यूजर किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया। इसके आधार पर यह यूजर को अगला कदम उठाने की सलाह देती है। अगर यूजर 'हाई रिस्क' एरिया में हैं तो ऐप उसको कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देती है। इसके लिए ऐप को कोरोना पीड़ितों के डेटाबेस से जोड़ा गया है, हालांकि यह धीरे-धीरे ऐप खुद का डेटाबेस भी तैयार करेगा। ऐप यूजर को इस महामारी से बचाने के टिप्स देती है बल्कि संक्रमित पाए जाने पर सरकार तक जानकारी पहुंचाती है।


11 भाषाओं को सपोर्ट करेगा
कोरोना ट्रैकर ऐप आरोग्य सेतु फिलहाल 11 भाषाओं में काम करेगा जिसमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं। यह ब्लूटूथ और लोकेशन एक्सेस कर काम करता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले यूजर को मोबाइल नंबर से ऐप में रजिस्टर्ड होना होगा। इसके बाद ऐप यूजर से कुछ निजी जानकारियां मांगेगा जोकि ऑप्शनल है। प्राइवेसी के बात करें तो सरकार का दावा है कि ऐप पर सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इनक्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर होंगी और किसी थर्ड पार्टी वेंडर के साथ इन्हें शेयर नहीं की जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के लाइव ट्वीट भी देख सकेंगे
ऐप के होम स्क्रीन पर पहुंचने पर यह यूजर को लोकेशन के जरिए बताएगा कि वह सेफ जगह पर है या नहीं। एंड्रॉयड यूजर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किए गए लाइव ट्वीट भी देख सकेंगे। हालांकि एंड्ऱ़ॉयड और एपल दोनों ही वर्जन में लगभग एक जैसे फीचर्स मिलेंगे, जिसमें कोरोना से जुड़ी एडवायजरी भी शामिल हैं।

पिछले हफ्ते आई रिपोर्ट के मुताबिक नीति आयोग भी कोरोना ट्रैकर ऐप पर काम कर रहा है, जिसका नाम कोविन-20 है। नेक्स्ट वेब का दावा है कि आरोग्य सेतु ऐप कोविन-20 का ही फाइनल वर्जन है। इसके अलावा भी कई राज्य सरकारें कोरोना ट्रैकिंग ऐप लॉन्च कर चुकी है ताकि लोग सतर्क रहें और इस वायरस से जल्द से जल्द निपटा जा सके।



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Aarogya Setu App| Indian Government Launches Aarogya Setu COVID-19 Tracker App on Android, iOS Know how its work and latest features

यूट्यूब लॉन्च करेगी वीडियो मेकिंग ऐप शॉर्ट्स; टिकटॉक से होगा मुकाबला, 2019 में टिकटॉक दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप था April 01, 2020 at 09:58PM

गूगल की पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस यूट्यूब जल्द ही शॉर्ट-वीडियो बनाने वाला शॉर्ट्स ऐप लॉन्च करने वाली है। यूट्यूब का यह ऐप भारत में पहले से मौजूद मोस्ट पॉपुलर ऐप टिक-टॉक को चुनौती देगा। 2019 में लॉन्च हुआ टिकटॉक ऐप भारत में काफी तेजी से पॉपुलर हुआ है। डाउनलोडिंग के मामले में इसने कई बड़े ऐप्स को पीछे छोड़ दिया था। साल 2019 में प्ले स्टोर पर वॉट्सऐप के बाद सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने ऐप बन गया था। म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस स्पॉटिफाई और जियो सावन को चुनौती देने के लिए टिक-टॉक की ऑनर कंपनी बाइटडांस ने हाल ही में रेस्सो ऐप भी लॉन्च की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूट्यूब की इस नई ऐप का नाम शॉर्ट्स होगा, जो यूट्यूब एप्लीकेशन में ही मिलेगी। इसमें यूजर द्वारा पोस्ट किए गए शॉर्ट वीडियो का फीड होगा, इसमें यूजर यूट्यूब के लाइसेंस म्यूजिक का कैटलॉग भी इस्तेमाल कर सकेंगे। यूट्यूब की इस ऐप से टिकटॉक को तगड़ी चुनौती मिलेगी, इसमें इसमें यूजर को टिकटॉक से कहीं ज्यादा लाइसेंस म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा।

टिकटॉक की शुरुआत साल 2016 में चीन में हुई थी और 2018 में इस दुनियाभर में पॉपुलारिटी मिली। इसके बाद इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई। इसे शॉर्ट लिप-सिंक वीडियो के लिए बनाया गया था, इस ऐप पर बनाए गए कई वीडियो काफी वायरल भी हुए। दो साल पहले कंपनी ने वीडिया की लिमिट 60 सेकंड कर दी, हालांकि उसके बाद भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई। यूएस आर्मी और नेवी के लिए टिकटॉक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगी दी गई है।



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YouTube will launch video making app Shorts; Tiktok will compete with Tiktok, Tiktok was the second most downloaded app in 2019.

हुवावे लॉन्च करेगी पॉप-अप कैमरे वाले स्मार्ट टीवी, वीडियो चैट करने के लिए टीवी के अंदर से निकलेगा कैमरा April 01, 2020 at 08:06PM

चीन में 8 अप्रैल को हुवावे पी40 सीरीज स्मार्टफोन के साथ कंपनी बिल्ट-इन पॉप-अप सेल्फी कैमरे वाली हुवावे विजन स्मार्ट टीवी लॉन्च करेगी। कंपनी ने चीनी माइक्रो ब्लॉगिंग साइट वीबो पर इसका ऑफिशियल अनाउंसमेंट किया। हालांकि कंपनी ने टीवी के डिटेल्स के बारे में कोई सफाई नहीं दी है और न ही इसके भारत में लॉन्च होने की जानकारी दी है। कंपनी ने पिछले साल अपनी विजन स्मार्ट टीवी सीरीज लॉन्च की थी, जिसमें 6 5 इंच और 75 इंच साइज के दो मॉडल शामिल थे। 75 इंच विजन स्मार्ट टीवी में भी पॉप-अप कैमरा दिया गया था।

पिछले मॉडल से बड़ा होगा कैमरा सेटअप

वीबो साइट पर शेयर की गई फोटो में देखा जा सकता है कि पिछले साल लॉन्च की गई टीवी के मुकाबले अपकमिंग टीवी में थोड़ा बड़ा पॉप-अप कैमरा मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस साल ज्यादा बड़े साइज की टीवी लॉन्च होगी।

भारत में आने की संभावनाकम

कंपनी ने अपने विजन टीवी सीरीज को भारत में लॉन्च नहीं किया है इसलिए कहा जा सकता है कि इसके लेटेस्ट वर्जन भी भारत में आने की संभावना काफी कम है। कंपनी ने नवंबर 2019 में 75 इंच विजन स्मार्ट टीवी को लॉन्च किया था। इसमें क्वांटम डॉट अल्ट्रा एचडी और 120 हर्ट्ज डिस्प्ले पैनल है, जिसमें 3840x2160 पिक्सल रेजोल्यूशन सपोर्ट मिलता है। इसका पॉप-अप कैमरा 10 डिग्री तक छुकता है जिससे वीडियो चैट करने का बेहतरीन एक्सपीरियंस मिलता है। चीन में इस टीवी की कीमत 1.30 लाख रुपए है।



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