Wednesday, August 12, 2020

अब आप अपने ट्वीट पर खुद तय कर सकेंगे, कौन उस कर सकेगा रिप्लाई और कौन नहीं; जानिए इस फीचर को यूज कैसे करना है August 12, 2020 at 05:05AM

माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) ट्विटर ने वैश्विक स्तर पर एक नया फीचर जारी किया है। ये फीचर उन लोगों के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित होगा जो ट्विटर पर ऑनलाइन बुलींग की वजह परेशान रहते हैं। इस फीचर की मदद से यूजर के खुद अपने अकाउंट को कंट्रोल कर सकेंगे। यानि अब यूजर तय करेगा कि कौन उनके ट्वीट्स का जवाब दे सकता है और उनकी बातचीत में शामिल हो सकता है।

बातचीत की यह सेटिंग्स सभी लोगों के लिए है

कंपनी ने कहा है कि ये फीचर कन्वर्सेशन में लोगों को ज़्यादा कंट्रोल देने के लिए लाया जा रहा है। ट्विटर द्वारा जारी रिलीज में बताया गया है कि ये नई सेवा iOS,एंड्रायड और twitter.com पर ट्विटर का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी ने कुछ सिंपल स्टेप्स बताए हैं, जिनकी मदद से आप ट्विटर को समझ सकते हैं कि इसे कैसे इस्तेमाल करना है। आइए जानते हैं नया फीचर कैसे काम करेगा-

कैसे चुनें आपके ट्वीट का जवाब कौन दे सकता है?

  • twitter.com, iOS या एंड्रायड के लिए twitter.com या ट्विटर से, कम्पोज ट्वीट बटन पर टैप करें
  • यह चुनने के लिए कि कौन आपके ट्वीट का उत्तर दे सकता है, globe आइकॉन बटन पर टैप करें:

यह चुनने के लिए कि नीचे लिखें तीनों में से कौन आपके ट्वीट का उत्तर दे सकता है, globe आइकॉन बटन पर टैप करें:

  • सभी लोग
  • वे जिन्हें आप फॉलो करते हैं
  • केवल वे लोग जिनको आप मेंशन करते हैं

एक बार अपनी सेटिंग को पूरा करने के बाद, अपना ट्वीट लिखें और पोस्ट करने के लिए ट्वीट पर क्लिक या टैप करें

नोट: जो लोग आपके ट्वीट का उत्तर नहीं दे सकते हैं, वे अभी भी आपके ट्वीट्स को देख, रीट्वीट और शेयर कर सकते हैं. इसके अलावा, एक बार जब आप एक ट्वीट पब्लिश कर देते हैं, तो आप उस विशेष ट्वीट की रिप्लाई सेटिंग्स को नहीं बदल सकते हैं।

कैसे चुनें: आप किसे जवाब दे सकते हैं-

कंपोज स्क्रीन से, आप उन बातचीत में लोगों को देख सकते हैं, जिन्हें आप जवाब देंगे. Replying to… पर क्लिक करें, जिससे एक एडिटिंग स्क्रीन आएगी, जिसमें उन लोगों की लिस्ट होगी जो बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। बातचीत में शामिल 50 लोगों तक के नाम दिखाई देंगे।

  • लोगों को कन्वर्सेशन में जोड़ना : एडिटिंग स्क्रीन को बंद करने के लिए नीचे स्वाइप करें, और उनके यूजरनेम अपने ट्वीट में लिखें।
  • लोगों को कन्वर्सेशन से निकालना : लोगों को बातचीत की लिस्ट में से निकालने के लिए, चेक मार्क आइकान पर क्लिक या टैप करें। एक बार, जब किसी को अन सलेक्ट कर दिया जाता है तो चेक मार्क आइकान का निशान हट जाएगा।
  • ब्लॉक किए गए अकाउंट : जो एकाउंट आपने ब्लॉक कर रखे हैं, वे आपको रेसिपिएंट की लिस्ट में दिखेंगे, और यह दिखाई होगा कि आपने उन्हें ब्लॉक किया हुआ है। एडिटिंग स्क्रीन से, आप चेक मार्क आइकान पर क्लिक या टैप करके, ब्लॉक किए गए एकाउंट्स को कन्वर्सेशन से निकालने को सिलेक्ट कर सकते हैं।

ट्विटर पर किसी कन्वर्सेशन के पार्टिसिपेट को कैसे देखें-

आप अपनी होम टाइमलाइन, प्रोफाइल पेज, नोटिफिकेशंस या ट्वीट डिटेल में आपके द्वारा किए गए ट्वीट्स की बातचीत के पार्टिसिपेट को देख सकते हैं। पार्टिसिपेट के नाम, बायो और /@usernames देखने के लिए-

  • Replying to…पर टैप या क्लिक करें
  • यहां से आप उन सभी को देख सकते हैं जो इस रिप्लाई में शामिल हैं। आप इस लिस्ट में शामिल लोगों को फॉलो या अन फॉलो भी कर सकते हैं।
  • जैसे आप किसी ट्वीट के लिए कुल लाइक्स और रीट्वीट देख सकते हैं, वैसे ही आप रिप्लाई काउंट से यह भी देख सकते हैं कि कितने लोग कन्वर्सेशन में भाग ले रहे हैं। आपको reply icon (रिप्लाई आइकन) के पास एक नंबर दिखाई देगा, जो बताती है कि मूल ट्वीट को कितने डायरेक्ट रिप्लाई मिले हैं।


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ये फीचर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा जो ट्विटर पर ऑनलाइन बुलिंग की वजह परेशान रहते हैं।

बारिश में है ट्रैवलिंग का प्लान, तो आपके बहुत काम आएगी ये मानसून एक्सेसरीज; कीमत 2000 रुपए से भी कम August 12, 2020 at 02:22AM

बारिश के मौसम में आप ट्रैवलिंग का प्लान बना रहे हैं, तब आपको कुछ ऐसे गैजेट्स साथ रखना चाहिए जो इस मौसम में आपकी मुश्किलों को आसान बना दें। इन गैजेट्स की खास बात है कि ना तो ये महंगे है, और ना हीं इन्हें साथ लेकर चलने में कोई परेशानी होती है।

इन गैजेट्स को आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मार्केट से खरीद सकते हैं। ये घर में थोड़ा सा स्पेस लेते हैं। तो चलिए जल्दी से देख लेते हैं कि गैजेट्स कौन से हैं और कैसे काम करत हैं...

1. वाटरप्रूफ ट्रैवल बैग


बारिश के मौसम में ट्रैवलिंग के दौरान सबसे जरूरी आइटम वाटरप्रूफ बैग है। अच्छी क्वालिटी वाले वाटरप्रूफ बैग की कीमत करीब 1500 रुपए से शुरू हो जाती है। इनमें 45 से 50 लीटर तक सामान कैरी किया जा सकता है। इन बैग्स में अलग-अलग यूजेस के लिए पॉकेट होती है। बैग में पैराशूट कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है। तेज बारिश के दौरान भी इनके अंदर रखा हुआ सामान पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

2. वाटरप्रूफ स्मार्टफोन केस


इस मौसम में आपके पास वाटरप्रूफ स्मार्टफोन केस होना चाहिए। बाजार में ये हार्ड केस और सॉफ्ट केस के साथ उपलब्ध हैं। इन कवर्स की खास बात होती है कि ये फोन के साथ कम्फर्टेबल होते हैं। इन कवर्स में फोन को रखकर बारिश के साथ स्विमिंग पूल में भी जा सकते हैं। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि फोन के किसी भी पार्ट में पानी ने जाए। इनकी कीमत 200 से 1000 रुपए तक होती है।

3. वाटरप्रूफ स्पीकर


ट्रैवलिंग के दौरान आपको म्यूजिक पसंद है तब इसके लिए स्पीकर का होना तो बनता है, लेकिन ये वाटरप्रूफ होना चाहिए। यूं तो मार्केट में हजारों रुपए वाले वाटरप्रूफ स्पीकर मौजूद हैं, लेकिन हम यहां आपको बोट, टोरेटो जैसी कंपनियों के स्पीकर सजेस्ट करेंगे। इन इंडियंस कंपनी के स्पीकर लो बजट के साथ पूरी तरह वाटरप्रूफ हैं। यानी आप ऐसा पोर्टेबल स्पीकर 1000 से 2000 रुपए के बीच में खरीद सकते हैं। सिंगल चार्ज पर इन्हें 5 से 6 घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. वाटरप्रूफ एलईडी टॉर्च अंब्रेला


इस छाते की खासियत इसमें दी गई LED लाइट और टॉर्च होती है। सभी लाइट को कंट्रोल करने के लिए ऑन/ऑफ बटन दिए हैं। छाते में दी गई लाइट बैटरी से ऑपरेट होती है। इन लाइट्स को बारिश के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें 3 AAA बैटरी का इस्तेमाल होता है। रात के समय बारिश में इस छाते की एलईडी लाइट्स ऑन करने से ये सामने वाले को भी अलर्ट करता है। वहीं, लाइट की वजह से छाता काफी अट्रेक्टिव नजर आता है। इसकी कीमत करीब 1599 रुपए है।

5. वाटरप्रूफ पीवीसी टोट बैग


यदि आप अपने साथ छोटा-छोटा सामान कैरी करते हैं तब आपके पास एक पीवीसी टोट बैग का होना भी जरूरी है। ये बैग ट्रांसपेरेंट पॉलीथिन के होते हैं, लेकिन इनकी क्वालिटी काफी बेहतर होती है। बैग इतने मजबूत होते हैं कि इसमें पानी की बोतल के साथ सन ग्लासेस, फोन, पर्स, बुक्स या दूसरा छोटा सामान रख सकते हैं। महिलाएं तो अपना पूरी पर्स ही इसमें रख सकती हैं। इन बैग की कीमत 600 रुपए से शुरू हो जाती है।

6. वाटरप्रूफ हेट अंब्रेला


आपने खेल के मैदान पर धूप से बचने के लिए लोगों को हैट अंब्रेला लगाए हुए कई बार देखा होगा। हालांकि, रेन हैट अंब्रेला उनसे काफी अलग है। इसका डिजाइन सर्दी से बचने वाली मंकी कैप की तरह है। जिसे सिर में फंसा लिया जाता है। वहीं, कंधे से ऊपर ये छाते की तरह खुल जाता है। इस तरह के छाते से कमर से ऊपर वाले हिस्से को भीगने से बचाया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से भीगने से नहीं बच पाएंगे। इनकी कीमत 400 रुपए से शुरू हो जाती है।

7. वाटरप्रूफ टू-व्हीलर कवर


बारिश में भी बाइक और स्कूटर की ड्राइविंग आसान रहे इसके लिए खास रेन कवर बनाए गए हैं। इन्हें सनरूफ कवर के नाम से भी जाना जाता है। ये पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं। इनमें पैर वाले हिस्से को पानी से बचाना मुश्किल होता है, लेकिन सिर के ऊपर पानी की एक बूंद भी नहीं गिरती। इनमें आगे और पीछे की तरफ ट्रांसपेरेंट पॉलीथिन होती है, वहीं ऊपर पैराशूट कपड़ा की रूफ होती है। ये गाड़ी को सामने से सीट तक कवर कर लेता है। जिससे बारिश का पानी अंदर नहीं जाता। इनकी कीमत 900 रुपए से शुरू हो जाती है।



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Top 7 You Must Have Accessories for Monsoon

72 हजार रुपए तक सस्ती हुई महिंद्रा XUV300 पेट्रोल, कंपनी ने चुनिंदा डीजल मॉडल्स की कीमत 39 हजार रुपए तक घटाई August 12, 2020 at 01:45AM

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी XUV300 बीएस6 की कीमतों में कटौती कर दी है। अलग-अलग पावरट्रेन और ट्रिम लेवल के हिसाब से अब यह 72 हजार रुपए तक सस्ती हो गई है। कटौती के बाद अब न सिर्फ यह ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करेगी बल्कि अपने सेगमेंट के मॉडल्स को कड़ी चुनौती भी देगी।
कंपनी ने पेट्रोल पावर्ड XUV300 के वैरिएंट में 17 हजार से 72 हजार रुपए तक की कटौती की है जबकि डीजल (W4, W6 और W6 AT) वैरिएंट अब 20 हजार रुपर तक ज्यादा महंगे हो गई हैं। बाजार में इसका मुकाबला टाटा नेक्सन, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा, हुंडई वेन्य और फोर्ड ईकोस्पोर्ट जैसे कॉम्पैक्ट एसयूवी से है।

XUV300 में कौन से इंजन मिलेंगे?
महिंद्रा XUV300 पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन्स में उपलब्ध है। पेट्रोल पावरट्रेन 1.2-लीटर, तीन-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल यूनिट के साथ आता है, जो 110 हॉर्स पावर और 200 एनएम टॉर्क के साथ आता है, जबकि डीजल इंजन 1.5-लीटर, चार-सिलेंडर टर्बोचार्ज्ड यूनिट के साथ आता है, जो 117 हॉर्स पावर और 30 एनएम टॉर्क जनरेट करता है। दोनों इंजन ऑप्शन में 6-स्पीड मैनुअल मिलता है, जबकि डीजल में 6-स्पीड एएमटी ऑटोमैटिक का ऑप्शन भी मिलता है।

कटौती के बाद XUV300 पेट्रोल की कीमतों में कितना अंतर आया?
बीएस 6 पेट्रोल की लॉन्च कीमतों की तुलना में, पेट्रोल-पावर्ड XUV300 की कीमतें 17,000 रुपए से 72,000 रुपए तक गिर गई है। जैसा कि आप नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं, की टॉप स्पेक W8 (O) वैरिएंट की कीमत में सबसे ज्यादा कटौती की गई है। दिलचस्प बात यह है कि यह मिड-स्पेक W6 ट्रिम में सबसे कम 17 हजार रुपए की कटौती ती गई है।

नई कीमतें पुरानी कीमतें अंतर
W4 7.95 लाख रु. 8.30 लाख रु. -35 हजार रु.
W6 8.98 लाख रु. 9.15 लाख रु. -17 हजार रु.
W8 9.90 लाख रु. 10.60 लाख रु. -70 हजार रु.
W8(O) 11.12 लाख रु. 11.84 लाख रु. -72 हजार रु.

कटौती के बाद XUV300 डीजल की कीमतों में कितना अंतर आया?
डीजल वैरिएंट के लिए ये चीजें थोड़ी अधिक जटिल हैं। लोअर W4, W6 और W6 AT ट्रिम की कीमतों में वृद्धि देखी गई है, जो 1,000 रुपए से 20,000 रुपए तक है। दूसरी ओर, W8 और W8 AT ट्रिम्स की कीमत में 20,000 रुपए की कटौती जबकि W8 (O) और W8 (O) AT ट्रिम्स की कीमतों में 39,000 रुपए तक की कटौती की गई है।

नई कीमतें पुरानी कीमतें अंतर
W4 8.70 लाख रु. 8.69 लाख रु. +1 हजार रु.
W6 9.70 लाख रु. 9.70 लाख रु. +20 हजार रु.
W6 AT 10.19 लाख रु. 9.99 लाख रु. +20 हजार रु.
W8 10.75 लाख रु. 10.95 लाख रु. -20 हजार रु.
W8 AT 11.30 लाख रु. 11.50 लाख रु. -20 हजार रु.
W8(O) 11.75 लाख रु. 12.14 लाख रु. -39 हजार रु.
W8(O) AT 12.30 लाख रु. 12.69 लाख रु. -39 हजार रु.


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बाजार में इसका मुकाबला टाटा नेक्सन, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा, हुंडई वेन्य और फोर्ड ईकोस्पोर्ट जैसे कॉम्पैक्ट एसयूवी से है

क्या आप भी गूगल क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं? तो आपके फोन को एक्सेस कर सकता है हैकर, डेटा चुराकर खाली कर सकता है अकाउंट August 11, 2020 at 11:58PM

अगर आप इंटरनेट ब्राउजर गूगल क्रोम का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए।दरअसल, हैकर्स गूगल क्रोम ब्राउजर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और वायरस एक्सटेंशन के जरिए यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं। हैकर्स इन एक्सटेंशन को डाउनलोड करने के बाद यूजर के फोन को आसानी से एक्सेस कर लेते हैं। इसके बाद यूजर के फोन में कई सारे एड स्पैम भेजे जाते हैं। इससे आपके अकाउंट के पैसे भी गायब होने से चांसेज हैं। बता दें कि इस खतरनाक गूगल क्रोम एक्सटेंशन की दुनियाभर में 8 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं।

अरबों वेब यूजर्स को प्रभावित कर रहा है

गूगल के क्रोमियम-आधारित ब्राउजर अगर संवेदनशील (vulnerabe) हैं तो इससे हैकर्स को डेटा चुराने के लिए वेबसाइटों पर कंटेंट सिक्योरिटी पालिसी (सीएसपी) को बाईपास करने का मौका दे देगा। पेरीमीटरएक्स साइबर सुरक्षा शोधकर्ता गल वीजमैन के अनुसार, बग (CVE-2020-6519) विंडोज, मैक और एंड्रॉयड पर क्रोम, ओपेरा और एज में पाया जाता है, जो संभावित रूप से अरबों वेब यूजर्स को प्रभावित कर रहा है। क्रोम वर्जन 73 (मार्च 2019) इसके 83 के माध्यम से प्रभावित होते हैं (84 को जुलाई में जारी कर फिक्स किया गया था)। सीएसपी एक वेब मानक है जो कुछ विशेष प्रकार के हमलों को विफल करने के लिए है, जिसमें क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग (XSS) और डेटा-इंजेक्शन जैसे हमले शामिल हैं।

300 खतरनाक एक्सटेंशन की जानकारी दी गई है

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक, वायरस वाले एक्सटेंशन यानी कि टूल्स क्रोम के वेब स्टोर पर उपलब्ध हैं और हैकर्स इन्हीं के जरिए फोन की बैटरी को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। एड कार्ड ने 300 से ज्यादा ऐसे खतरनाक टूल्स का पता लगाया है जो कि दुनिया भर के यूजर के फोन की बैटरी लाइफ के लिए खतरा बने हुए हैं। दरअसल, ये टूल गेम्स, थीम्स और वॉलपेपर बताते हैं इसके जरिए यूजर उनसे झांसे में तुरंत आ जाते हैं। हालांकि, गूगल ने इसे क्रोम वेब स्टोर से हटा दिया है।

इस तरह हैकर करते हैं आपकी डेटा चोरी

ऐड गार्ड ने अपने ब्लॉग पोस्ट में यह जानकारी दी है कि किस प्रकार से हैकर्स अपने ट्रिक्स के जरिए यूजर्स को अपने झांसे में ले लेता है और फिर गूगल सर्च में मैल वेयर वाले ढेरों ऐड भेज देते हैं जो यूजर के डिवाइस के लिए समस्या का कारण बन जाते हैं। साथ ही हैकर फेक एक्सटेंशन में कुछ वेब कूकीज का इस्तेमाल कर यूजर के किसी भी ऑनलाइन पेमेंट की रकम को अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं। ज्यादातर हैकर पैसे कमाने की लालच में इसी ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं हैकर्स दुनिया के किसी कोने में बैठे यूजर के फोन में मौजूद क्रोम के काम करने के तरीके को बदल सकते हैं और फिर इसके बाद वह आसानी से अपनी मर्जी के मुताबिक आपके फोन को ऑपरेट कर सकते हैं।

फ्रॉड से बचने के लिए अपनाए ये तरीके -

  • ब्राउजर एक्सटेंशन डाउनलोड करने से पहले अच्छे से सर्च करें। अगर ज्यादा जरूरी नहीं है तो डाउनलोड न करें।
  • हमेशा ट्रस्टेबल डिवेलपर के एक्सटेंशन को ही डाउनलोड करें
  • एक्सटेंशन के डिस्क्रिपशन में लिखी गई बातों पर भरोसा न करें।
  • यूजर के रिव्यू भी फर्जी होते हैं, इसलिए उसपर ध्यान न दें।
  • क्रोम वेब स्टोर के इंटरनल सर्च को न करें यूज।
  • ट्रेस्टेबल डिवेलपर की वेबसाइट पर दिए गए लिंक के जरिए ही कोई एक्सटेंशन डाउनलोड करें।


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ब्राउजर एक्सटेंशन डाउनलोड करने से पहले अच्छे से सर्च करें। अगर ज्यादा जरूरी नहीं है तो डाउनलोड न करें।

जीमेल-फेसबुक से लेकर अमेजन तक, आपके पीसी में यहां सेव होते हैं सभी पासवर्ड; कभी भूल जाएं तो इन स्टेप्स से करें पता August 11, 2020 at 11:31PM

वर्क फ्रॉम होम के दौरान कई लोग ऑफिशियल लैपटॉप या डेस्कटॉप पर काम कर रहे हैं। ऐसे में यदि आपका लैपटॉप या पीसी ऑफिशियल है तब इसे वापस करने से पहले डेटा और पासवर्ड हटाना बहुत जरूरी है। दरअसल, आपके वेब ब्राउजर की सेटिंग में आपके कई पासवर्ड सेव हो जाते हैं, जिन्हें डिलीट करना जरूरी है।

जब भी हम गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स या किसी दूसरे ब्राउजर पर काम करते हैं, तब वो हमसे लॉगइन करने वाली हर वेबसाइट के पासवर्ड सेव करने के लिए पूछते हैं। ऐसे में यदि आपने उन सभी पासवर्ड को सेव कर दिया है, जो फिर उन पासवर्ड के चोरी होने का खतरा भी बन जाता है।

पासवर्ड की लिस्ट हो सकती है लंबी

क्रोम में आपके जीमेल के साथ फेसबुक, ट्विटर जैसे पासवर्ड भी सेव हो सकते हैं।

जब भी यूजर गूगल क्रोम या मोजिला फायरफॉक्स पर लॉगइन अपने जीमेल या किसी दूसरे मेल आईडी को लॉगइन करता है, तब वो उसका पासवर्ड सेव करने के लिए पूछता है। ठीक इसी तरह, दूसरी वेबसाइट या ऐसे प्लेटफॉर्म जहां पर आप पासवर्ड से लॉगइन करते हैं, उन्हें भी सेव करने के लिए पूछता है। इनमें आपके एलआईसी, ऐप्स, आईआरसीटीसी, ई-कॉमर्स, फेसबुक, ट्विटर समेत कई दूसरे पासवर्ड भी सेव हो जाते हैं।

गूगल क्रोम में यहां सेव होते हैं पासवर्ड
यदि आप गूगल क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तब इसमें आपके सभी पासवर्ड सेटिंग के अंदर पासवर्ड सेक्शन में सेव होते हैं। इन पासवर्ड को यहां से देखा जा सकता है। साथ ही, इन्हें डिलीट भी कर सकते हैं। पासवर्ड देखने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें...

  1. सबसे पहले गूगल क्रोम की Settings में जाएं
  2. अब Password सेक्शन पर जाएं। या फिर ऊपर सर्च सेंटिंग में Password लिखकर सर्च करें।
  3. Password का सामने दिए गए एरो पर क्लिक करें।
  4. अब नीचे की तरफ स्क्रॉल करने पर आपको सभी सेव पासवर्ड की लिस्ट नजर आएगी।
  5. सभी पासवर्ड डॉट में नजर आते हैं, जिन्हें आई पर क्लिक करके देखा जा सकता है।
  6. आई पर क्लिक करने के बाद सिस्टम का पासवर्ड डालना होगा, फिर कोई भी पासवर्ड देख सकते हैं।

कम्प्यूटर या लैपटॉप के मेन पासवर्ड के बिना आप किसी भी पासवर्ड को नहीं देख पाएंगे। ये प्रोसेस उस वक्त बेहद काम आती है जब आप कोई पासवर्ड भूल गए हों। हालांकि, इसका नुकसान ये भी है कि आपके सिस्टम का पासवर्ड किसी को पता है तब वो आपके दूसरे पासवर्ड यहां से चोरी कर सकता है।

इन पासवर्ड को प्रोटेक्ट करने का तरीका

गूगल क्रोम से पासवर्ड सेव करने वाली सेटिंग को ऑफ कर देना चाहिए।

जब भी आप गूगल क्रोम, मोजिला फायरफॉक्स या किसी भी अन्य ब्राउजर पर काम कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर अपने सभी पासवर्ड को सुरक्षित कर सकते हैं...

  • अपने लैपटॉप, पीसी का पासवर्ड हमेशा स्ट्रॉन्ग बनाएं। इसमें नंबर्स, अल्फाबेट और स्पेशल कैरेक्टर्स का इस्तेमाल करें।
  • जब भी ब्राउजर पासवर्ड सेव करने के लिए पूछता है, तब उसी को सेव करें जहां से आपकी डिटेल चोरी होने का खतरा नहीं हो।
  • गूगल क्रोम की सेटिंग से Password में जाकर Offer to save passwords और Auto Sign-in को ऑफ कर देना चाहिए।
  • क्रोम की सेफ्टी के लिए MasterPassword for chrome गूगल एक्सटेंशन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।


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How to Find Hidden & Saved Passwords in Chrome and Mozilla Browser

20 हजार से कम कीमत के इन 10 फोन में मिलता है 128GB का स्टोरेज, स्टोर कर सकेंगे 100 एचडी मूवी और 20 हजार से ज्यादा गाने August 11, 2020 at 11:20PM

नया स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं और ऐसे स्मार्टफोन की तलाश में जिसमें ज्यादा स्टोरेज मिले ताकि बार-बार स्टोरेज खाली करने की झंझट न हो, तो हमने 20 हजार से कम कीमत के 10 ऐसे स्मार्टफोन की लिस्ट तैयार की है, जिसमें 128 जीबी का स्टोरेज मिलेगा और 8 जीबी तक की रैम मिलेगा, वो भी 20 हजार रुपए से कम कीमत में...

1. रेडमी नोट 9 प्रो मैक्स

शाओमी का यह फोम रैम और स्टोरेज वाइस तीन वैरिएंट में उपलब्ध हैं लेकिन 20 हजार का बजट है तो इसके टॉप वैरिएंट को चुना जा सकता है। टॉप वैरिएंट में 8 जीबी रैम और 128जीबी का स्टोरेज मिलेगा। यह तीन कलर ऑरोरा ब्लू, ग्लेशियर व्हाइट और इंटरसेलर ब्लैक में उपलब्ध है। फोन में यूनिक डिजाइन कैमरा सेटअप के साथ दमदार स्पेसिफिकेशन मिलती है। फोटोग्राफी के लिए 64 मेगापिक्सल का प्राइमरी लेंस के साथ एआई क्वाड कैमरा सेटअप और 32 मेगापिक्स का पंच होल फ्रंट कैमरा है।

2. रियलमी 6 प्रो

फोन रैम और स्टोरेज वाइस तीन वैरिएंट में उपलब्ध है, और तीनों ही 20 हजार से कम के हैं। ऐसे में इसके टॉप 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वैरिएंट को चुना जा सकता है। फोन तीन कलर लाइटनिंग ब्लू, लाइटनिंग ऑरेंज और लाइटनिंग रेड कलर में उपलब्ध है। फोन में दमदार स्पेसिफिकेशन है जैसे इसमें 90Hz अल्ट्रा स्मूद 6.6 इंच फुल एचडी प्लस डिस्प्ले है। यह क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए फोन में 64 मेगापिक्सल का एआई क्वाड रियर कैमरा और डुअल (16MP+8MP) इन-डिस्प्ले सेल्फी कैमरा मिलते हैं।

3. रियलमी X2

यह फोन काफी समय से बाजार में उपलब्ध है। रैम और स्टोरेज के हिसाब से फोन चार वैरिएंट में उपलब्ध है। 20 हजार के बजट में इसका 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वैरिएंट चुना जा सकता है। यह पर्ल ब्लू/व्हाइट/ग्रीन कलर में उपलब्ध है। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 730G प्रोसेसर पर काम करता है। 4000 एमएएच बैटरी से लैस इस फोन में 30 वॉट VOOC फ्लैश चार्ज 4.0 सपोर्ट मिलता है। इसके बैक पैनल पर 64 मेगापिक्सल एआई क्वाड कैमरा और फ्रंट में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।

4. रियलमी XT

फोन रैम और स्टोरेज वाले तीन वैरिएंट और दो कलर ( पर्ल व्हाइट और पर्ल ब्लू) में उपलब्ध है। 20 हजार के बजट में इसके टॉप वैरिएंट को चुना जा सकता है, जिसमें 8 जीबी रैम मिलेगी। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 712 प्रोसेसर पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए फोन में 64 मेगापिक्सल एआई क्वाड रियर कैमरा और सोनी 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है। इसमें 30fps पर 4K रिकॉर्डिंग की जा सकती है और 960fps पर स्लो मोशन वीडियो बनाए जा सकते हैं।

5. पोको X2

रैम और स्टोरेज के हिसाब से फोन तीन वैरिएंट में उपलब्ध है। लेकिन 20 हजार से कम के बजट में फोन का 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वैरिएंट चुना जा सकता है। हालांकि स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड से 512 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। फोन फोनिक्स रेड, मैट्रिक्स पर्पल और एटलांटिस ब्लू कलर में उपलब्ध है। यह क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 730G प्रोसेसर पर काम करता है। 4500 एमएएच बैटरी से लैस इस फोन में 64 मेगापिक्सल Sony IMX686 सेंसर से लैस क्वाड रियर कैमरा सेटअप और 20MP+2MP वाले दो इन-स्क्रीन सेल्फी कैमरा दिए गए हैं।

6. रियलमी 6

फोन रैम और स्टोरेज वाइस चार वैरिएंट में उपलब्ध है। 20 हजार के बजट में इसके सेकंड मॉडल को चुना जा सकता है, जिसमें 8 जीबी रैम मिलेगा। फोन कॉमेट ब्लू और कॉमेट व्हाइट कलर में उपलब्ध है। दिखने में यह काफी हद तक रियलमी 5 प्रो जैसे दिखता है लेकिन फ्रंट कैमरा सेटअप में अंतर है। इसमें पंच होल डिस्प्ले है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 64 मेगापिक्सल का एआई क्वाड कैमरा और 16 मेगापिक्सल का इन-डिस्प्ले सेल्फी कैमरा है। फोन हीलियो G90T प्रोसेसर पर काम करता है।

7. रियलमी X

फोन अपने पॉप-अप कैमरा मॉड्यूल के लिए पॉपुलर है। ये दो वैरिएंट और दो कलर (पोलर व्हाइट और स्पेस ब्लू) में उपलब्ध है। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 AIE प्रोसेसर पर काम करता है। इसमें 3765mAh बैटरी है। फोटोग्राफी के लिए फोन में डुअल (48MP + 5MP) रियर कैमरा सेटअप जबकि सेल्फी के लिए इसमें 16 मेगापिक्सल का पॉप-अप फ्रंट कैमरा है। इससे भी 30fps पर 4k वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है।

8. रियलमी 5 प्रो

फोन दो वैरिएंट में उपलब्ध है और दोनों की ही कीमत 20 हजार से कम है। 20 हजार रुपए का बजट है, तो इसका टॉप 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वैरिएंट चुना जा सकता है। इसमें क्रोमा व्हाइट, क्रिस्टर ग्रीन और स्पार्कलिंग ब्लू कलर ऑप्शन उपलब्ध है। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 AIE प्रोसेसर पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए फोन में 48 मिगापिक्सल का एआई क्वाड रियर कैमरा और 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।

9. रेडमी नोट 9 प्रो

रैम और स्टोरेज के हिसाब से यह तीन वैरिएंट में उपलब्ध और तीनों की कीमत 20 हजार से कम है। ऐसे में इसके 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वैरिएंट को चुना जा सकता है। लुक्स के मामले में फोन हूबहू रेडमी नोट 9 प्रो मैक्स जैसा दिखता है। इसमें 48 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर से लैस एआई क्वाड कैमरा मिलेगा तो सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलेगा। यह तीन कलर ऑरोरा ब्लू, ग्लेशियर व्हाइट और इंटरसेलर ब्लैक में उपलब्ध है।

10. पोको M2 प्रो

20 हजार से कम बजट में पोको M2 प्रो का टॉप वैरिएंट चुना जा सकता है, जिसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज मिलेगा। स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। फोन ब्लैक, ब्लू और ग्रीन कलर में उपलब्ध है। फोटोग्राफी के लिए फोन में क्वाड एआई कैमरा सेटअप है, जिसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी लेंस है। सेल्फी के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का पंच होल कैमरा मिल जाएगा। यह क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर पर काम करता है।

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चीनी स्मार्टफोन पोको M2 प्रो हाल ही में लॉन्च हुआ है, इसके 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले टॉप वैरिएंट भी 20 हजार रुपए से कम कीमत में उपलब्ध है

आपका एंड्रॉयड स्मार्टफोन भूकंप डिटेक्टर का करेगा काम, जल्द फोन पर मिलेगा इससे जुड़ा अलर्ट; भारत में भूकंप वाले एरिया के 4 जोन August 11, 2020 at 08:56PM

आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर हैं तब गूगल की तरफ से आपके लिए एक गुड न्यूज है। दरअसल, गूगल ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिससे आपका स्मार्टफोन अर्थक्विक डिटेक्टर का काम करेगा। यानी आपको भूकंप आने से पहले ही उसके बारे में पता चल जाएगा।

गूगल ने मंगलवार को कैलिफोर्निया में भूकंप अर्लट सिस्टम जोड़ा। कंपनी का कहना है कि इससे एंड्रॉयड स्मार्टफोन कंप्रेशर डिटेक्टर के तौर पर काम करेगा। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे और पार्टनर द्वारा वेस्ट कोस्ट पर लागू की गई 'शेकअलर्ट' भूकंप की पूर्व-चेतावनी सिस्टम से एंड्रॉयड फोन पर अलर्ट मिलेगा।

शेकअलर्ट सिस्टम की वेबसाइट के अनुसार, शेकअलर्ट चेतावनी के संदेशों को ट्रिगर करने के लिए राज्यभर में सैकड़ों सिस्मोमीटर के उन संकेतों का उपयोग करता है जिसमें भूकंप शुरू होने और झटके का जिक्र होता है।

भूकंप की जानकारी खोजने में एंड्रॉयड का इस्तेमाल
मार्क स्टोगाटाइटिस के प्रमुख सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने एक ब्लॉग में कहा, "हमने भूपंक संबंधी जानकारी की खोज के समय एंड्रॉयड स्मार्टफोन को उपयोग करने का मौका तलाशा है। साथ ही, इससे जरूरत पड़ने पर सुरक्षा के लिहाज से अपने करीबियों को कुछ सेकंड की चेतावनी भी दे सकते हैं।"

गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन वाले सभी लोगों को कहीं से भी आमंत्रित किया, ताकि उनके हैंडसेट भूकंप का पता लगाने के लिए भीड़-भाड़ वाले नेटवर्क का हिस्सा बन सकें।

अलर्ट के लिए ऐसे काम करता है एंड्रॉयड स्मार्टफोन
स्मार्टफोन आमतौर पर छोटे एक्सेलेरोमीटर से लैस होते हैं, जो कि संवेदी चालन हैं। स्टोगाइटिस के अनुसार, ऐसे स्मार्टफोन भूकंप के कारण होने वाले झटकों को पकड़ सकते हैं। उसने कहा कि आपका एंड्रॉयड स्मार्टफोन एक मिनी सीस्मोमीटर हो सकता है, जिससे दुनिया के सबसे बड़े भूकंप का पता लगाने वाले नेटवर्क को बनाने के लिए लाखों अन्य एंड्रॉयड फोन जुड़ते हैं।

फोन डेटा सेंटर को भेजेगा संकेत

गूगल के अनुसार, भूकंप की गतिविधि का पता लगाने वाले एंड्रॉयड स्मार्टफोन स्वचालित रूप से डेटा सेंटर को एक संकेत भेज सकते हैं, जहां कम्प्यूटर तेजी से भूंकप की गति और उसके स्थान से जुड़े डेटा का पता लगाकर यह निर्धारित करते हैं कि क्या हो रहा है?

भूकंप के अलर्ट कैलिफोर्निया में शुरू हो रहे हैं, क्योंकि राज्य में व्यापक भूकंपीय नेटवर्क है। आने वाले वर्षों के दौरान अन्य स्थानों पर अलर्ट फैलने की उम्मीद है, क्योंकि फोन-बेस्ड डिटेक्शन नेटवर्क स्थापित है।

कैरोलिना में 100 साल का सबसे तेज भूकंप का झटका

इस बीच, उत्तर कैरोलिना में रविवार सुबह आठ बजकर सात मिनट पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। सौ साल से भी अधिक समय में यह पहली बार है जब यहां भूकंप का इतना तेज झटका आया है। ग्रीनविले में 'नेशनल वेदर सर्विस ने बताया कि इस झटके के कुछ घंटे पहले एक छोटा झटका आया था। इससे स्पार्टा में कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा और सड़कों में दरारें आ गई थीं।

भारतीय उपमहाद्वीप में कई जगहों पर खतरा

भारत को भूकंप के क्षेत्र के आधार पर जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया है। जोन-2 सबसे कम खतरे वाला और जोन-5 सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन माना जाता है। जोन-5 में कश्मीर, पश्चिमी और मध्य हिमालय, उत्तर और मध्य बिहार, उत्तर-पूर्व भारतीय क्षेत्र, कच्छ का रण और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह आते हैं।

मध्य भारत कम खतरे वाले जोन-3 में आता है। जबकि, दक्षिण के ज्यादातर हिस्से सीमित खतरे वाले जोन-2 में आते हैं। वहीं, जोन-4 में जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, उत्तर बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र शामिल हैं।

ऐसे लगाते हैं भूकंप की तीव्रता का अंदाजा
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा उसके केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। सैंकड़ो किलोमीटर तक फैली इस लहर से कंपन होता है। धरती में दरारें तक पड़ जाती है। धरती की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे बड़ी तबाही होती है।

प्ले स्टोर पर भी कई ऐप्स मौजूद
गूगल के प्ले स्टोर पर भी ऐसे कई ऐप्स मौजूद हैं, जो भूकंप का अलर्ट देते हैं। इनमें अर्थक्विक नेटवर्क, अर्थक्लिक अलर्ट, माय अर्थक्विक अलर्ट, अर्थक्विक अलार्म जैसे कई ऐप्स हैं। ये ऐप्स फोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर की मदद से कंपन को रिकॉर्ड करते हैं और भूकंप की प्रकृति का कंपन होने पर आपको नोटिफिकेशन देते हैं। वहीं, कई ऐप्स भूकंप के कंपन के डेटा को कैलीफोर्निया स्थित बर्कले सिस्मोलॉजिकल लैबोरेटरी के पास भेज देते हैं।



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