Saturday, April 25, 2020

कोरोनावायरस से लड़ाई में गूगल और एपल ने फोन को बनाया हथियार, लोगों की इस तरह कर रहा मदद April 25, 2020 at 04:19AM

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां गूगल और एपल कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में लगातर मदद कर रही हैं। दोनों कंपनियां कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और ऐप्स के साथ स्वास्थय एजेसियों की मदद कर रही हैं। दुनियाभर में कितने कोरोना संक्रमित मरीज हैं? कितने ठीक हो चुके हैं? और कितने पॉजिटव हैं? ये तमाम जानकारी इनकी मदद से मिल रही है। इस काम में यूजर्स का स्मार्टफोन भी मदद कर रहा है। आप भी जानिए कि कैसे ये दोनों कंपनियों कोरोनावायरस के खिलाफ आपके फोन का इस्तेमाल कर रही हैं।

सरकार की मदद करेगा ऐप
दोनों कंपनियां के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप ब्लूटूथ के जरिए काम कर रहे हैं। सरकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों इस ऐप को मई तक उपलब्ध कराना है। एपल और गूगल एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) जारी करेंगे, इसकी मदद से सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐप पर कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग में मदद मिलेगी। ये एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर काम करेगा। एपल और गूगल ने ये साफ किया है कि ऐप का अप्रूवल तभी दिया जाएगा जब यूजर सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते है। उनके डेटा को गोपनीय और सुरक्षित रखते हैं।

कुछ समय बाद ऐप की नहीं होग जरूरत
अगले चरण में एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम और आईओएस का स्मार्टफोन पर इस्तेमाल करना होगा। एपल और गूगल अगले कुछ महीनों में कॉन्टैक्ट को ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपडेट कर दिया जाएगा। जब इसे रोलआउट कर दिया जाएगा तब यूजर्स को ऐप की जरूरत नहीं होगी। दोनों कंपनियों का मानना है कि स्मार्टफोन से कोरोनावायर की चेन को रोका जा सकता है। फोन की मदद से यूजर को इस बात क पता चल पाएगा कि आप किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में तो नहीं आ रहे।

लोकेशन डेटा कलेक्ट नहीं किया जाएगा
एपल और गूगल का कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने के लिए उपलब्ध होगा। दोनों कंपनियां सार्वजनिक स्वास्थय अधिकारियों के साथ लगातार इस दिशा में काम कर रही हैं कि कैसे ऐप्स को लेकर यूजर्स के साथ संपर्क किया जा सके। यदि कोई इंसान वायरस से संक्रमित होता है तब इस बात का सिस्टम या किसी अन्य यूजर द्वारा पता नहीं लगाया जा सकता। कंपनियों ने इस बात को भी साफ किया है कि यूजर्स की लोकेशन का डेटा कलेक्ट नहीं किया जाएगा।

यूजर की डिटेल शेयर नहीं की जाएगी
गूगल और एपल ने ये साफ किया है कि वे दो केस को छोड़कर सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी के साथ यूजर्स का डेटा शेयर नहीं करेंगी। यदि कोई यूजर कोविड-19 की रिपोर्ट को पॉजिटिव चुनता है, और ऐप के माध्यम से वो अपनी डिटेल शेयर करता है। तभी यूजर का डेटा आगे शेयर किया जाएगा। हालांकि, कोई भी यूजर इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए मजबूत नहीं किया जाएगा।



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दोनों कंपनियों का मानना है कि स्मार्टफोन से कोरोनावायर की चेन को रोका जा सकता है।

इस साल जून में लॉन्च हो सकता है रियलमी का टीवी, 10 हजार हो सकती है शुरुआती कीमत April 25, 2020 at 01:43AM

चीनी कंपनी रियलमी भारतीय बाजार में अपना गूगल सर्टिफाइट एंड्रॉयड टीवी लॉन्च करेगी। इसके टॉप पर कस्टमाइज रियलमी टीवी स्किन मिलेगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस टीवी की कीमत ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। ये मिड-रेंज सेकमेंट का टीवी हो सकता है, जैसे चीनी कंपनी मी (Mi) बेच रही है। रियलमी भारतीय बाजार में स्मार्टफोन के जरिए पैर जमा चुकी है और अब वो टीवी के जरिए श्याओमी की टक्कर देना चाहती है। बता दें कि हाल ही में भारतीय बाजार में वनप्लस ने टीवी लॉन्च किया है, लेकिन ये प्रीमियम सेगमेंट का टीवी है।

रियलमी टीवी के वैरिएंट और स्पेसिफिकेशन

  • रियलमी स्मार्ट टीवी के वैरिएंट 32-इंच से लेकर 65-इंच तक होंगे। इसमें 40-इंच, 43-इंच, 50-इंच, 55-इंच जैसे वैरिएंट शामिल हैं। ये सभी टीवी एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करेंगे। कंपनी इन सभी वैरिएंट के बारे में बता चुकी है। भारतीय बाजार में अभी श्याओमी द्वारा जितने स्क्रीन साइज में टीवी आ रहे हैं, लगभग उसी साइज में रियलमी के टीवी आएंगे।
  • ये टीवी ओटीटी ऐप्स जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, हॉटस्टार के साथ लगभग सभी ऐप्स को भी सपोर्ट करेगा। इसमें अल्ट बालाजी, जी5, सन नेक्स, होइच्वॉइस के साथ अन्य शामिल हैं।
  • रियलमी ने हाल ही में अपने रियलमीयूआई को स्मार्टफोन के लिए लॉन्च किया है। ऐसे में टीवी में एंड्रॉयड 10 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ रियलमी का ColorOS 7 मिल सकता है।
  • रियलमी टीवी के रिमोट भी कई एडवांस फीचर्स के साथ आ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि इसका रिमोट वनप्लस और एपल टीवी के रिमोट के जैसा हो सकता है। रिमोट को डायरेक्ट वॉयस कमांड देकर अपना पसंददीदा प्रोग्राम देख पाएंगे।

लॉन्चिंग और कीमत

ऐसा माना जा रहा है कि रियलमी अपना पहला टीवी भारतीय बाजार में जून 2020 तक लॉन्च कर सकती है। हालांकि, लॉकडाउन की वजह से इसकी लॉन्चिंग के प्रोग्राम में बदलाव भी हो सकता है। इस टीवी की शुरुआती कीमत 10,000 रुपए हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि 32-इंच के टीवी की कीमत 10 से 12 हजार रुपए तक हो सकती है।



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ये टीवी ओटीटी ऐप्स जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, हॉटस्टार के साथ लगभग सभी ऐप्स को भी सपोर्ट करेगा।

हुआवे ने लॉन्च किया VoWiFi कॉलिंग फीचर, फोन पर बिना नेटवर्क के कर पाएंगे वीडियो, ऑडियो कॉलिंग April 24, 2020 at 09:50PM

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुआवे ने वॉइस ओवर वाईफाई (VoWiFi) फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपने स्मार्टफोन पर बिना सेलुलर नेटवर्क और एयरपोर्ट मोड में भी ऑडियो और वीडियो कॉल को रिसीव और डॉयल कर पाएंगे। VoWiFi सर्विस को Wi-Fi कॉलिंग भी कहा जाता है। मतलब जब स्मार्टफोन पर वाईफाई की सुविधा उपलब्ध रहेगी, उस वक्त यूजर्स इस फीचर को इनेबल करके वीडियो और ऑडियो कॉलिंग कर सकेंगे। कंपनी ने दावा किया कि यूजर्स VoWifi की मदद से फोन को एयरपोर्ट मोड में रखने पर भी वीडियो और ऑडियो कॉलिंग का लुत्फ उठा सकेंगे।


रोमिंग रेट में कमी करने में मदद मिलेगी
हुआवे के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में खराब नेटवर्क या फिर नेटवर्क न होने पर भी यूजर्स कम्यूनिकेशन को कामयाब बनाने में सक्षम होंगे। कंपनी ने कहा कि उसकी कोशिश है कि देश के हर लोगों तक सुचारू रूप से संवाद कायम किया जा सके। Vowifi सॉल्यूशन इंटरनेशनल रोमिंग कॉल को सपोर्ट करता है। यह यूजर को विदेश में ईपीसी नेटवर्क पर घरेलू कनेक्टिविटी देता है। जो काफी महंगा पड़ता है। लेकिन vowifi की मदद से रेंटल कॉस्ट में कटौती करने में मदद मिलती है। बता दें कि VoWiFi कॉलिंग का सपोर्ट मिलने के बाद यूजर्स Huawei के सभी डिवाइस में इसका लाभ उठा सकते हैं। इस फीचर की मदद से आप बिना नेटवर्क के भी कॉलिंग कर सकेंगे।



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Vowifi सॉल्यूशन इंटरनेशनल रोमिंग कॉल को सपोर्ट करता है। यह यूजर को विदेश में ईपीसी नेटवर्क पर घरेलू कनेक्टिविटी देता है।
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