Sunday, February 9, 2020

शो में न रहने के बावजूद ऑडी-बीएमडब्ल्यू की रही चर्चा, हुंडई की कारें सबसे ज्यादा पसंद आई February 09, 2020 at 03:56AM

गैजेट डेस्क. वीकेंड होने के कारण रविवार को ऑटो एक्सपो में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों अपनी पसंदीदा गाड़ी देखने के लिए काफी एक्साइटेट थे। ऑटो एक्सपो देखने के बाद उनका रिएक्शन क्या था ये जानने के लिए हमने शो में आए लोगों से बात की। शो देखने के बाद ये थे लोगों के रिएक्शन...

कार लेने का भी सोच रहा हूं, शो में कई ऑप्शन्स मिले: गौरव (दिल्ली)
वीकेंड पर परिवार के साथ शो देखने पहुंचे रोहिणी (दिल्ली) के गौरव ने बताया कि वे पहली बार शो में शामिल हुए हैं। इसलिए वे काफी काफी एक्साइटेड है। वे कार लेने का भी सोच रहे हैं ऐसे में उन्हें शो में कई सारे ऑप्शन भी देखने को मिले। उन्होंने बताया कि शो में मेरा पहला एक्सपीरियंस था जो काफी बढ़िया रहा। उन्होंने एमजी हेक्टर को शो की सबसे बेस्ट कार बताया और एमजी की कॉन्सेप्ट कार को सबसे यूनिक कार बताया। उनके बेटे पार्थ ने बताया कि उन्हें किया कार्निवाल सबसे अच्छी लगी, उन्हें कार का इंटीरियर काफी पसंद आया।

टाटा मोटर्स मे राइड लेने का मौका मिल- सिमरन और मेधा (नॉर्थ दिल्ली)
नॉर्थ दिल्ली से शो देखने पहुंचीं दो बहनें सिमरन और मेधा ने बताया कि उन्हें टाटा मोटर्स का पवेलियन काफी अच्छा लगा। हमें वहा राइड लेने का मौका मिला, हमने वहां ढ़ेर सारी फोटोज क्लिक किए। वीकेंड है और भीड़ भी बहुत ज्यादा है हालांकि काफी सुंदर कारें देखने को मिली। खाना भी बहुत बढ़िया है लेकिन उसके लिए काफी लंबी लाइन लगी है। उन्हें सबसे अच्छी मर्सिडीज की कारें लगीं।

हुंडई की हाइड्रोजन बेस्ड कार नेक्सो काफी इंटरेस्टिंग लगी: सिंकदर (दिल्ली)
दिल्ली में जॉब कर रहे सिंकदर ने बताया कि वह पिछले चार साल से लगातार ऑटो एक्सपो में आ रहे हैं। शो में खासकर किआ और हुंडई का कॉन्सेप्ट वर्जन काफी बढ़िया लगे। हुंडई की हाइड्रोजन फ्यूल बेस्ड कार नेक्सो काफी इंटरेस्टिंग लगी। इसके अलावा एमजी मोटर्स का प्रेजेंटेशन भी अच्छा लगा। वहीं उनके दोस्त ने बताया कि उन्हें एमजी का कॉन्सेप्ट काफी बढ़िया लगा। एमजी के पवेलियन में कैफे जैसी फीलिंग आई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें 9 सीटर कार्निवाल बहुत पसंद आई।

ग्रेट वॉल मोटर्स की कारें काफी पसंद आई: मोनिका (दिल्ली)
पहली बार शो में आई दिल्ली की मोनिका ने बताया कि उन्हें पहला एक्सपीरियंस यहां बहुत अच्छा रहा। उन्हें ग्रेट वॉल मोटर्स की कारें काफी पसंद आई साथ ही उन्हें इसकी F7 सीरीज काफी बढ़िया लगी। उन्हें बताया कि शो में कंपनियों ने कारों की कीमतों का खुलासा नहीं किया, उम्मीद करते हैं कंपनी जल्दी से इनकी कीमतों को एलान करें ताकि हम जल्द से जल्द इन्हें खरीद पाएं। उन्होंने बताया कि वे यहां पहली बार आई और इनका अबतक का एक्सपीरियंस काफी बढ़िया रहा, यह का फूड कोर्ट भी अच्छा है और अमेजिंगग कार्स देखने को मिली। रेनो के कॉन्सेप्ट कार उन्हें सबसे यूनिक लगी।

एमजी ZS ईवी को खरीदने की प्लानिंग करूंगा- देव (गाज़ियाबाद)
गाज़ियाबाद से आए देव ने बताया कि वे दूसरी बार शो में शामिल हो रहे हैं और इस बार का एक्सपीरियंस पहले से काफी ज्यादा बढ़िया रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के कई सारे ऑप्शन देखने को मिले। सबसे ज्यादा पसंदीदा एमजी ZS ईवी लगी और वे जल्द ही इसे खरीदने की प्लानिंग भी कर रहे हैं।

अगली गाड़ी इलेक्ट्रिकल व्हीकल ही होगी: अनुश्रव मुद्गल (गाज़ियाबााद)
वहीं गाज़ियाबााद से आए अनुश्रव मुद्गल ने बताया ये शो में उनका दूसरा एक्सपीरियंस था जो पहले से कहीं ज्यादा बेहतर रहा। सबसे अच्छी बात यह है कि मैं अभी तक सिर्फ पेट्रोल-डीजल व्हीकल चलाता था लेकिन शो में कई सारे ई-व्हीकल ऑप्शन देखने के बाद वे अगली गाड़ी इलेक्ट्रिकल व्हीकल ही खरीदने का विचार बना चुके हैं। इसके अलावा किआ की सेल्टॉस और कार्निवाल बेहतरीन मॉडल लगे। शो का ओवरऑल एक्सपीरियंस बेहतरीन रहा।

फॉर्च्युनर और इनोवा का दिवाना हूं, टोयोटा को मिस किया: तरविंदर सिंह (दिल्ली)
वीकेंड पर शो घुमने आए दिल्ली के रहने वाले तरविंदर सिंह का कहना है कि इस बार ब्रांड्स में काफी कमी आई है। सबसे महत्वपूर्ण ब्रांड ऑडी और मेरा पसंदीदा ब्रांड टोयोटा जिसकी फॉर्च्युनर और इनोवा का मैं दिवाना हूं शो में नहीं आए हैं, ऐसे में इन्हें काफी मिस कर रहा हूं। लेकिन अच्छा है कि मर्सिडीज यहां है वहीं फॉक्सवैगन जिसके बारे में लोग कह रहे थे कि ये मार्केट से बाहर हो गया है नेकाफी अच्छा कमबैक किया है। वहीं, हैवी ट्रकके लिए मशहूर टाटा भी बहुत अच्छी कारें लेकर आईहैं। हुंडई की फुल सनरूफ वाली कार भी काफी पॉपुलर रही,लेकिन फिर कहीं न कहीं मैने टोयोटा को मिस किया।


फॉक्सवैगन की इलेक्ट्रिक कार यूनिक लगी: शेखर (मेरठ)
परिवार के साथ मेरठ से आए शेखर ने बताया वे दूसरी बार शो में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले वे ऑटो एक्सपो 2016 में आए थे। इस बार बीएमडब्ल्यू और ऑडी नहीं है जिनकी कमी लगरही है हालांकि इसबार कई कंपनियों ने कॉन्सेप्ट कारें उतारी जो बेहतरीन है। वहीं उनके बेटे ने बताया कि उन्हें एमजी हेक्टर काफी पसंद आई। उन्हें शो में सबसे यूनिक कार फॉक्सवैगन की इलेक्ट्रिक कार लगी।

ऑडी, बीएमडब्ल्यू, जगुआर और रेंज रोवर को मिस कर रहा हूं :हरदीप सिंह (दिल्ली)
दिल्ली के कार लवर हरदीप सिंह ने बताया कि वोशो के पिछले पांच एडिशन अटैंड कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि शो में काफी एंजॉय कर रहे हैं लेकिन इस बार बड़े ब्रांड्स जैसे ऑडी, बीएमडब्ल्यू, जगुआर और रेंज रोवर को मिस कर रहा हूं। एक चीज जो उन्हें अच्छी लगी वो यहकि इस बार इलेक्ट्रिक व्हीकल पर ज्यादा फोकस किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस बार वीकेंड होने के बावजूद ज्यादा भीड़ कम लगी रही है।

यहां हमें कई नई कंपनियों के बारे में पता चला: अभिषेक और त्रृचा शर्मा (दिल्ली)
दिल्ली के अभिषेक और त्रृचा शर्मा ने बताया कि हम पहला बार ऑटो एक्सपो में शामिल हो रहे हैं। इसके हिस्सा बन के हमे बड़ा अच्छा भी लग रहा है। यहां हमें कई नई कंपनियों के बारे में पता चला जैसे ग्रेट वॉल और हाइमा, इनका सेटअप काफी शानदार है। इधर एख मैसेज यह भी मिला की आने वाला समय इलेक्ट्रिक कार्स का है, ऐसे में हम सोच रहे हैं कि अब हम अगली जो भी कार खरीदेंगे वे इलेक्ट्रिक ही होगी।

सबसे अच्छी कार हुंडई की कॉन्सेप्ट कार विजन लगी: अभिनव (दिल्ली)
पंजाब से खासतौर पर ऑटो एक्सपो देखने आए अभिनव ने बताया कि मैं दूसरी बार ऑटो एक्सपो का हिस्सा बन रहा हूं। यह पर सबसे अच्छी कार हुंडई की कॉन्सेप्ट कार विजन लगी। पिछली बार इतनी ज्यादा ई कारें नहीं थी लेकिन इस बार पूरा फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर है।

एमजी में आरएम19 काफी पसंद आई: सुभम (चंडीगढ़)
चंडीगढ़ से शो देखने आए सुभम ने बताया कि शो में एमजी और हुंडई की कारें काफी पसंद आई लेकिन किआ से और उम्मीद थी। मुझे शो में सबसे ज्यादा हुंडई की कॉन्सेप्ट कार पसंद आई वही एमजी में आरएम19 काफी पसंद आई। लेकिन तमाम कंपनियों के होने के बावदूज शो में ऑडी, बीएमडब्ल्यू और रेंज रोवर को काफी मिस भी किया।



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Audi-BMW discusses Hyundai's cars most, despite not being on show

10 गुना तक महंगे मिल रहे खाने के आइटम, लंच की कीमत 1000 रुपए; 20 रु का पानी 100 में मिल रहा February 09, 2020 at 01:24AM

ग्रेटर नोएडा. ऑटो एक्सपो 2020 अपना आधा सफर तय कर चुका है। 5 फरवरी (मीडिया डे) से शुरू हुआ ये इवेंट 12 फरवरी को खत्म होगा। ऐसे में यदि आप एक्सपो में फैमिली के साथ आ रहे हैं, तब जेब को वजनदार करके आएं। दरअसल, यहां का फूड मेन्यू मार्केट की तुलना में लगभग 7 गुना तक महंगा है। वहीं कुछ आइटम की कीमत तो 10 गुना तक ज्यादा है। जैसे यहां 10 रुपए की चाय के लिए आपको 100 रुपए खर्च करने होंगे।

ऑटो एक्सपो : चाट गली मेन्यू

आइटम कीमत (एक्सो) कीमत (बाहर)

डोसा

छोटे भटूरे

राज कचौरी

मटर कुलचा

पावभाजी

आलू पूरी

रबड़ी कुल्फी फालूदा

350 रुपए

250 रुपए

250 रुपए

250 रुपए

350 रुपए

350 रुपए

250 रुपए

50 से 80 रुपए
50 से 60 रुपए
50 से 80 रुपए
50 से 70 रुपए
50 से 80 रुपए
70 से 100 रुपए
50 से 80 रुपए

ऑटो एक्सपो : डाइनिंग बुफे

इसकी कीमत 1000 रुपए है। इसमें 1 सूप, 3 सलाद, 1 नॉनवेज, 1 दाल, 1 राइस, 1 पनीर, 2 मिठाई और नॉन, चपाती शामिल हैं। इसके अलावा, यहां बर्गर, सेंडविच, पास्ता और काठी रोल जैसे आइटम भी मिलेंगे। इसके लिए ग्राहकों को 750 रुपए खर्च करने होंगे।

ऑटो एक्सपो में आकर आप ड्रिंक भी कर सकते हैं। यहां पर 8 तरह के लीकर मिलेंगे। जिनकी शुरुआती कीमत 400 रुपए है। वहीं, अधिकतम कीमत 1200 रुपए है। कोल्डड्रिंक की कीमत 150 रुपए है। वहीं, 20 रुपए कीमत वाली पानी की बोतल 100 रुपए में मिलेगी।



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Food Items Getting Up To 10 Times More Expensive At Auto Expo 2020; Buffet Dining Cost Rs. 1000 and Rs. 20 Water Price Rs. 100

मर्सिडीज जर्मनी से लाई है अपना क्लीनिंग स्टाफ, कार चमकाने के साथ फ्लोर पर भी लगाते हैं झाड़ू-पोछा; सैलरी करीब 12000 रुपए February 08, 2020 at 09:49PM

ग्रेटर नोएडा. लग्जरी इंटीरियर... चमचमाती कारें... जिन्हें देखने के लिए टूट रही हजारों की भीड़। ये नजारा है ग्रेटर नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो के मोटर शो का। यहां पर अलग-अलग कंपनियों के व्हीकल अलग-अलग पवेलियन में हैं, लेकिन पवेलियन 15 का नजारा दूसरों से जरा हटके है। ये मर्सिडीज का पवेलियन है, लेकिन यहां की खास बात सफाई करने वाले कर्मचारी है। दरअसल, ये आम कर्मचारी नहीं है, बल्कि इन्हें कंपनी अपनी साथ जर्मनी से लेकर आई है।

कार के साथ फ्लोर पर भी करते हैं झाड़ू-पोछा

मर्सिडीज अपने साथ चार लोगों का क्लीनिंग स्टाफ लेकर आई है। जिसमें तीन पुरुष और एक महिला कर्मचारी शामिल है। ये सुबह करीब 9:30 बजे तक अपने पवेलियन आ जाते हैं, जिसके बाद दिनभर मर्सिडीज की कारों के चमकाने के साथ, फ्लोर पर झाड़ू-पोछा करते दिखाई देते हैं। पुरुष कर्मचारियों में से एक का नाम थंप है। थंप किसी मॉडल की तरह नजर आता है। उसकी लंबाई करीब 6.5 फीट है। वो एक कान में ईयरफोन लगाकर झाड़ू-पोछे के काम को पूरा एन्जॉय करता है।

हमने थंप की सैलेरी का पता लगाया

मर्सिडीज के पवेलियन के पीछे की तरफ क्लीनिंग स्टाफ का एक केबिन बना है। हमें मौका मिला तब धीरे से वहां पहुंच गए और थंप से हाय-हेलो की। बातों-बातों में उसकी सैलेरी का भी जिक्र कर दिया। तब थंप ने सोच-समझकर अपनी सैलरी 150 यूरो यानी करीब 12 हजार भारतीय रुपए बताई। अब सवाल इस बात का था कि क्या कोई कंपनी अपने साथ सफाई कर्मचारी भी लेकर आ सकती है। इसे जानने के लिए हमने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (SIAM) के देवाशीष मजूमदार, सीनियर डायरेक्ट्र ट्रेड फेयर से बात की।

देवाशीष से हमारा सवाल था कि क्या देश से बाहर की कंपनी अपनी साथ सफाई कर्मचारी लेकर आ सकती है। क्योंकि इससे हमारे देश के किसी व्यक्ति को मिलने वाला रोजगार छिन रहा है? इस बारे में उन्होंने कहा, "मर्सिडीज के साथ चलने वाला क्लीनिंग स्टाफ कई काम में एक्सपर्ट होता है। उन्हें गाड़ी की सफाई के साथ कई दूसरी चीजों की भी जानकारी होती है। क्योंकि कंपनी उन्हें पैसा देती है तो वो उनसे सफाई से जुड़े दूसरे काम भी करवा लेती है।"

इसी सवाल के बारे में सुगातो सेन (डिप्टी डायरेक्टर जनरल, सियाम) ने कहा, "इसके लिए ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन जब देश से बाहर की कंपनी अपने कर्मचारी को साथ लेकर आती है, तो उसे सरकार से परमिशन लेनी पड़ती है। मर्सिडीज हमेशा अपना स्टाफ साथ लेकर चलती है। इसके लिए वो सारी परमिशन भी लेती है। उनका स्टाफ सिर्फ क्लीनिंग ही नहीं करता, बल्कि गाड़ी से जुड़ी कई चीजों के बारे में भी जानता है। वैसे, भी जब वे हमारे देश में आते हैं तब सभी तरह के खर्च पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी देना पड़ता है।"



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Mercedes Has Brought Cleaning Staff From Germany For Polishing Car and Sweeping Floor Auto Expo 2020; Auto Expo 2020 Update and Latest News

करीब 400 करोड़ रुपए का है पूरा शो, इसमें आने के लिए कई कंपनियां 25 करोड़ रु. तक खर्च करती हैं February 08, 2020 at 07:21PM

अर्पित सोनी. एशिया का सबसे बड़ा ऑटो एक्सपो शुरू हो चुका है। देश-विदेश की तमाम बड़ी कंपनियां इसमें भाग लेने भारत आई है। चीनी कंपनियों ने शो में करीब 20 फीसदी एरिया बुक कराया है। इस साल शो का पूरा फोकस जीरो एमीशन व्हीकल्स पर है, इंटरनेशनल समेत कई भारतीय कंपनियों ने अपने जीरो एमीशन प्रोडक्ट शो में पेश किए हैं। ऑटो एक्सपो में भाग लेने के लिए किसी कंपनी को कितनी रकम खर्च करने पड़ती है साथ ही इस बार शो में सबसे बड़ा पवेलियन किसका है यह जानने के लिए हमने सियाम के सीनियर डायरेक्टर ऑफ ट्रेड फेयर देवाशीष मजूमदार से बात की। उनसे बातचीत के कुछ अंश...

1. ऑटो एक्सपो का कितना बजट?
देवाशीष-
कितना बजट होता है यह बताना मुश्किल है। हर कंपनी यहां बड़ी मात्रा में पैसा खर्च करती है, हालांकि वे इस बात का जिक्र हमसे नहीं करती। लेकिन मेरे ख्याल से एक कंपनी अगर छोटी सी भी जगह लेती है तो वे करीब एक से 1.5 करोड़ रुपए तक खर्च करती है। वहीं बड़ी कंपनियां 20 से 25 करोड़ रुपए तक भी खर्च करती है। इस खर्च में उनका सिर्फ स्टॉल लगाने का खर्च नहीं बल्कि यह आने और रुकने का भी खर्च जुड़ा होता है। कुल कितना बजट है यह बोलना बड़ा मुश्किल हो जाता है लेकिन ऑटो एक्सपो का कुल बजट करीब 350 से 400 करोड़ का होता है।

2. सबसे बड़ा और सबसे छोटा पवेलियन किसका.?
देवाशीष-
सबसे बड़े पवेलियन की बात करें तो इस बार शो में टाटा ने करीब 57 हजार स्क्वायर फीट का एरिया लिया है, जो अबतक का सबसे बड़ा है। यह किसी फैक्ट्री के साइज जितना बड़ा है। सबसे छोटे की बात करें तो शो में हमने 120 स्क्वायर फीट तक के कई स्टॉल्स बनाए हैं, जो कई छोटी और स्टार्टअप कंपनियों ने लिए हैं। हॉल नंबर 12 में ऐसी कई स्टार्टअप कंपनियां है, जिन्होंने छोटे स्टॉल्स बुक किए हैं। वैसे टाटा के बाद मारुति सुजुकी का 4 हजार स्क्वायर फीट और महिंद्रा ने करीब 3500 हजार स्क्वायर फीट का स्पेस ले रखा है। यानी कहा जा सकता है कि एक नॉर्मल शोरूम से काफी बड़ी जगह में कंपनियां पवेलियन तैयारकरती हैक्योंकि उन्हें शो में बड़ी रेंज शोकेस करना होता है।

3. पवेलियन की कीमत कैसे तय होती है?
देवाशीष-
इनकी कीमत प्रति स्क्वायर फीट से ली जाती है। एक्सपो में ली जाने वाली राशि भारत में सबसे कम है। देश की किसी भी तीन दिवसीय एग्जीबिशन में जाएं तो करीब 10 से 12 हजार रुपए प्रति स्क्वायर फीट चार्ज लिया जाता है। इस हिसाब से हम कम पैसे लेते हैं। हमारा चार्ज सिर्फ 9500 रुपए है, जिसके बाद भी रेगुलर कंपनियों को डिस्काउंट भी दिया जाता है। यह रेट सभी कंपनियों के लिए एक जैसा है।

4. कंपनियों को पवेलियन तैयार करने के लिए कितना वक्त मिलता है?
देवाशीष-
पवेलियन तैयार करने के लिए हम कंपनियों को पांच दिन का समय देते हैं। इस बार कंपनियों को 31 जनवरी तक समय दिया गया था। जिन्हें ज्यादा समय लगता है उनके लिए दूसरी व्यवस्था की जाती है। स्टॉल्स लगाने से लेकर शो खत्म होने तक हमारा पास कुल 24 दिन का समय होता है, ऐसे में किसी कंपनी को सबसे ज्यादा समय 10 दिन का ही मिल पाता है।

5. एक्सपो खत्म होने के बाद इतनी बड़ी जगह का क्या होगा?
देवाशीष-
देखा जाए तो एक्सपो मार्ट में सालाना कोई न कोई कार्यक्रम चलते रहते हैं। यह ऑटो एक्सपो के अलावा अन्य एग्जीबिशन भी आयोजित किए जाते हैं।

6. रॉ मटेरियल का क्या होता है..?
देवाशीष-
यहां कुछ बचता नहीं है, काम की चीजें लोग निकाल कर ले जाते हैं, इसके अलावा कुछ समान कबाड़ में चला जाता है। कई सारी चीजों को दोबारा यूज कर लिया सकता है। ज्यादातर वेंडर्स अपने काम की चीज निकाल कर ले जाते हैं।

7. ऑडी और बीएमडब्ल्यू शो में नहीं आई लेकिन फिर भी उनकी चर्चा हो रही है
देवाशीष-
ऑडी पिछले बार भी नहीं थी, जबकि बीएमडब्ल्यू ने पिछले साल शो में हिस्सा लिया था। वैसे शो में शामिल होना न होना कंपनियों का निजी मामला है, क्योंकि हर बार शो में भाग लेना कई कंपनियों के लिए मुश्किल होता है। हमारे करीब 50 मेंबर्स हैं, उसमे से 20-30 फीसदी ही शो में आते क्योंकि यह नए प्रोडक्ट के साथ शो में न आओ को कहीं न कहीं उनकी ब्रांडिंग पर फर्क पड़ता है।



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The entire show is about 400 crores rupees, many companies to pay 25 crores to come in it. Spend up to
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