Friday, July 24, 2020

भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड की मार्केट हिस्सेदारी घटी, ओप्पो, वीवो और रियलमी की बिक्री में आई भारी गिरावट July 24, 2020 at 05:06AM

भारतीय बाजार में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड की हिस्सेदारी अप्रैल-जून तिमाही में घटकर 72 प्रतिशत रह गई। जबकि इससे पहली तिमाही में यह 81 प्रतिशत थी। इसकी बड़ी वजह देश में चीन-विरोधी भावना बढ़ना और कोविड-19 की वजह से आपूर्ति में बाधा होना है। रिसर्च कंपनी काउंटर पॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक देश में स्मार्टफोन बाजार पर ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे चीनी ब्रांड का दबदबा है। लेकिन अप्रैल-जून तिमाही में इनकी बाजार हिस्सेदारी घटी है।

स्मार्टफोन की बिक्री में 51 फीसदी की गिरावट

शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में देश की स्मार्टफोन बिक्री सालाना आधार पर 51 प्रतिशत घटकर 1.8 करोड़ यूनिट्स से थोड़ी अधिक रही। इसकी बड़ी वजह अप्रैल और मई में कोविड-19 से देशभर में लगा लॉकडाउन रहा।

काउंटर पॉइंट रिसर्च में रिसर्च एनालिस्ट शिल्पी जैन ने कहा कि अप्रैल-जून 2020 में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की हिस्सेदारी घटकर 72 प्रतिशत रह गई। जबकि जनवरी-मार्च 2020 में यह 81 प्रतिशत थी।

#BoycottChina मुहिम का असर हुआ

उन्होंने कहा कि इसकी वजह ओप्पो, वीवो और रीयलमी जैसे प्रमुख चीनी स्मार्टफोन ब्रांड की आपूर्ति प्रभावित होना है। साथ ही देश में चीन-विरोधी धारणा के मजबूत होने का असर भी पड़ा है। सरकार ने भी चीन के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इसमें 50 से ज्यादा चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाना और चीन से आयात होने वाले सामान की सीमा पर अधिक जांच इत्यादि शामिल है।

गौरतलब है कि गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच तनाव के बाद से देश में चीन विरोधी माहौल है। जैन ने कहा कि हालांकि स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च डेवलपमेंट ऑपरेशन, कीमत के हिसाब से बेहतर उत्पाद और मजबूत बिक्री चैनल की वजह से चीनी कंपनियों ने ग्राहकों के सामने कुछ ही विकल्प छोड़े हैं।



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काउंटर पॉइंट रिसर्च में रिसर्च एनालिस्ट शिल्पी जैन ने कहा कि अप्रैल-जून 2020 में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की हिस्सेदारी घटकर 72 प्रतिशत रह गई, जबकि जनवरी-मार्च 2020 में यह 81 प्रतिशत थी।

JioMart ऐप लॉन्च होते ही 10 लाख बार डाउनलोड हुआ, गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर में बनाया टाॅप पोजीशन July 24, 2020 at 03:02AM

रिलायंस जियो का किराना स्टोर प्लेटफार्म जियो मार्ट लॉन्चिंग के दो महीने के भीतर ही देश के ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में ग्राहकों की पहली पसंद बन गई। कंपनी ने कुछ दिन पहले ही गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर जियोमार्ट ऐप लॉन्च किया था और कुछ ही दिनों में जियोमार्टऐप, गूगल प्ले स्टोर से 10 लाख से अधिक बार डाउनलोड हो चुका है।

एपल ऐप स्टोर में दूसरे और गूगल प्ले स्टोर पर तीसरे स्थान पर

ऐप की रैकिंग करने वाली दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनी ऐप-एनी के अनुसार, जियोमार्ट ऐप, ओवरऑल शॉपिंग सेगमेंट में भी झंडे गाड़ रहा है। यह इंडियन रैंकिंग में एपल ऐप स्टोर में दूसरे और गूगल प्ले स्टोर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

यहां डेली 2.5 लाख ऑर्डर बुक किए जा रहे हैं

जियोमार्ट पर प्रतिदिन के हिसाब से 2.5 लाख ऑर्डर बुक किए जा रहे हैं। ऑर्डर की यह संख्या ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में सबसे अधिक है। आर्डर्सकी संख्या में लगातार इजाफा भी हो रहा है। सोडेक्सो कूपन का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक, जियोमार्ट पर इसका इस्तेमाल कर भुगतान कर पा रहे हैं। इसका फायदा ग्राहकों के साथ जियोमार्ट, दोनों को मिल रहा है।

पुराना खाता जस का तस बना रहेगा

जियोमार्ट ऐप से पहले कंपनी अपनी वेबसाइट पर ऑर्डर बुक किया करती थी। ऐप के आ जाने के बाद भी ग्राहकों का पुराना खाता जस का तस बना रहेगा। कंपनी ने कुछ ऐसी व्यवस्था की है जिसमें ग्राहक वेबसाइट, एंड्रायड और एपल ios जैसे लगभग सभी प्लेफार्म्स पर अपने लॉग इन एकाउंट का इस्तेमाल कर लॉग इन कर पाएगा। यानी वेबसाइट पर ऑर्डर किए गए आइटम ग्राहक के एंड्रायड मोबाइल फोन पर और मोबाइल फोन से किए गए ऑर्डर वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

जियोमार्ट की सुविधा 200 शहरों में है

इसी साल मई के आखिरी सप्ताह में जियोमार्ट ने 200 शहरों से अपनी शुरूआत की थी। 90 शहरों में पहली बार ग्राहक ग्रॉसरी की ऑनलाइन शॉपिंग के साथ जुड़े थे। अपने लॉन्च के साथ ही जियोमार्ट प्रतिद्वंद्वियों से दो दो हाथ करने को तैयार है। जियोमार्ट पर अधिकतर उपलब्ध चीजें दूसरी ऐसे ही प्लेटफॉर्म्स से 5% सस्ती हैं। ब्रांडेड सामान की कीमतें भी कुछ कम रखी गई हैं।

जल्द ही अन्य शहरों में भीहोगी इसकी सुविधा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने हाल ही में एजीएम के दौरान जियोमार्ट की महत्वाकांक्षी विस्तार योजना पर कहा कि जियोमार्ट अब अपनी पहुंच और डिलीवरी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर देगा। उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं और खरीदारी का अनुभव देने के लिए जियोमार्ट प्रतिबद्ध है। किराना के अलावा हम आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर के क्षेत्रों को भी कवर करेंगे। आने वाले वर्षों में, हम कई और शहरों में कहीं अधिक ग्राहकों की सेवा करेंगे।

3 करोड़ किराना दुकानदारोंको कारोबार का मौका

फेसबुक के साथ डील की घोषणा करते हुए मुकेश अंबानी ने देश के 12 करोड़ किसानों और 3 करोड़ किराना दुकान मालिकों को जोड़ने की बात कहीथी।

2024 तक 50% बाजार पर होगा कब्जा

वैश्विक ब्रोकर हाउस गोल्डमैन-सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस की फेसबुक के साथ साझेदारी के परिणामस्वरूप कंपनी ऑनलाइन ग्रॉसरी स्पेस में मार्केट लीडर बन सकती है। 2024 तक कंपनी देश के पास 50 प्रतिशत मार्किट हिस्सेदारी होने की संभावना है।



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फेसबुक के साथ डील की घोषणा करते हुए मुकेश अंबानी ने देश के 12 करोड़ किसानों और 3 करोड़ किराना दुकान मालिकों को जोड़ने की बात कही थी। 

वनप्लस नॉर्ड के बाद अब डेटा ब्रीच को लेकर सुर्खियों में कंपनी, लीक किया सैंकड़ों उपभोक्ताओं का डेटा July 24, 2020 at 01:57AM

वनप्लस एक बार फिर सुर्खियों में लेकिन इस बार अपने सस्ते स्मार्टफोन वनप्लस नॉर्ड को लेकर नहीं बल्कि नए डेटा लीक मामले को लेकर सुर्खियों में है। कंपनी ने गलती से सैंकड़ों ग्राहकों के ईमेल आईडी को उजागर कर दिया है।

कंपनी ने एक रिसर्च स्टडी के लिए चुनिंदा यूजर्स को बल्क में मेल भेजे। हालांकि, ईमेल भेजने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन समस्या तब शुरू हुई जब कंपनी ने ईमेल को 'BCC' सेक्शन के बजाय 'To' सेक्शन में जोड़ दिया। हालांकि इस गलती के कारण कितने यूजर्स प्रभावित हुए फिलहाल इस बात की पुष्टि तो नहीं हो पाई है लेकिन एंड्रॉयड पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उजागर हुए ईमेल एड्रेस कीसंख्या सैकड़ों में है।

डेटा ब्रीच से हैं कंपनी का पुराना नाता
पिछले महीने के अंत में, वनप्लस को एक और सिक्योरिटी चैलेंज का सामना करना पड़ा जब इसकी आउट-ऑफ-वारंटी रिपेयर और एडवांस्ड एक्सचेंजिग इनवॉयस सिस्टम ने नाम, फोन डिटेल्स, ईमेल एड्रेस, IMEI नंबर और फिजिकल एड्रेस जैसी कस्टमर डिटेल्स उजागर किए थे। हालांकि इस डेटा ब्रीच ने अमेरिकी ग्राहकों को प्रभावित किया। पता चलने के बाद इस खामी में तुरंत सुधार भी कर लिया गया था। इस ब्रीच की तुलना में, नए ब्रीच को मामूली कहा जा सकता है, हालांकि लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं ने वनप्लस के सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

2018 में लगभग 40 हजार ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चोरी हो हुई थी

  • कंपनी ने 2018 की शुरुआत में पुष्टि की थी कि उसके लगभग 40,000 ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चोरी हो गई हैं। कंपनी ने इसकी वजह साइट के पेमेंट पेज पर मौजूद मैलिशियस कोड को बताया गया। उन्होंने कहा था कि यह चोरी दो महीनों के दौरान हुई, जो 2017 के नवंबर में शुरू हुई थी।
  • कंपनी ने इस दौरान प्रभावित ग्राहकों को अपने बैंक स्टेटमेंट की निगरानी करने की सलाह देते हुए क्रेडिट कार्ड से भुगतान को अस्थायी रूप से डिसेबल कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने प्रभावित ग्राहकों को एक साल के लिए मुफ्त क्रेडिट रिपोर्टिंग ऑफर की थी।

नवंबर 2019 में हैकिंग का शिकार हुई थी कंपनी
एक और डेटा ब्रीच पिछले नवंबर में हुई जब वनप्लस हैकिंग की घटना का शिकार हुआ जिसने ग्राहकों के नाम, ईमेल एड्रेस और शिपिंग एड्रेस उजागर किए। हालांकि, इस बार भी कंपनी ने आकर अपने ग्राहकों को बताया था किया कि उनके पेमेंट डेटा और पासवर्ड थर्ड पार्टी द्वारा उजागर या एक्सेस नहीं किए गए हैं।



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इससे पहले भी कंपनी ग्राहकों के नाम, फोन डिटेल्स, ईमेल एड्रेस, IMEI नंबर और फिजिकल एड्रेस जैसी जानकारियां उजागर कर चुकी है

जून तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट में 51 फीसदी की गिरावट, तीन महीने में 1.8 करोड़ यूनिट का कारोबार July 24, 2020 at 12:30AM

कोरोनावायरस के कारण जून तिमाही में भारत के स्मार्टफोन शिपमेंट में 51 फीसदी की गिरावट रही है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की ओर से शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून अवधि में भारत का स्मार्टफोन शिपमेंट 1.8 करोड़ यूनिट रहा है।

अप्रैल में जीरो शिपमेंट रही थी

रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस महामारी और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अप्रैल महीने में शिपमेंट जीरो रही थी। हालांकि, इसके बाद बाजार सामान्य की ओर लौट रहा है। जून 2020 में भारतीय स्मार्टफोन शिपमेंट में वार्षिक आधार पर 0.3 फीसदी की गिरावट रही है। ब्रांड्स की ओर से पुश करने के कारण जून महीने में मांग में इजाफा रहा है।

ग्राहकों ने कॉन्टैक्टलेस खरीदारी को दी तरजीह

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 इंफेक्शन के खतरे को देखते हुए उपभोक्ताओं ने कॉन्टैक्टलेस और ऑनलाइन चैनल के जरिए खरीदारी को तरजीह दी है। स्मार्टफोन ब्रांड्स ने भी इस बदलाव को पहचाना और ऑनलाइन चैनल्स पर ज्यादा से ज्यादा इन्वेंट्री उपलब्ध कराई। इसी साल मार्च तिमाही में स्मार्टफोन वेंडर्स ने 3.1 करोड़ यूनिट शिप्ड की थी, जबकि जून 2019 तिमाही में 3.7 करोड़ यूनिट का शिपमेंट हुआ था।

कोविड-19 के कारण 40 दिन तक रुका रहा उत्पाद

काउंटरपॉइंट के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट प्राचीर सिंह का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण करीब 40 दिनों तक स्मार्टफोन का उत्पादन पूरी तरह से रुका रहा। इसके अलावा देशव्यापी लॉकडाउन के कारण स्मार्टफोन की बिक्री भी ठप रही। सिंह के मुताबिक, लॉकडाउन प्रतिबंधों में छूट के साथ ही बिक्री में तेजी दर्ज की गई थी।

फैक्ट्रियां बंद रहने से सप्लाई भी बाधित रही

सिंह का कहना है कि अप्रैल में फैक्ट्रियों के बंद रहने और मार्च में ऑपरेशन शुरू होने के कारण कुछ निर्माताओं को सप्लाई में भी बाधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, कुछ ब्रांड्स आयात के जरिए असेंबल किए गए हैंडसेट के जरिए अपने उत्पादों की सप्लाई करने में कामयाब रहे। जून तिमाही के कुछ अंतिम सप्ताह में कंपोनेंट के कस्टमपर फंसने के कारण भी सप्लाई चेन बाधित हुई।

टॉप-5 स्मार्टफोन शिपमेंट ब्रांड

ब्रांड हिस्सेदारी
शाओमी 29 फीसदी
सैमसंग 26 फीसदी
वीवो 17 फीसदी
रियलमी 11 फीसदी
ओप्पो 9 फीसदी


रिपोर्ट की अन्य खास बातें

  • 30 हजार रुपए से ऊपर के कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में वनप्लस टॉप पर रहा।
  • अल्ट्रा प्रीमियम सेगमेंट (45 हजार रुपए से ज्यादा कीमत) में एपल ने बाजी मारी।
  • मार्च 2020 की 81 फीसदी के मुकाबले जून 2020 तिमाही में चाइनीज ब्रांड्स की हिस्सेदारी घटकर 72 फीसदी पर आई।

फीचर फोन सेगमेंट में आईटेल टॉप पर

रिपोर्ट के मुताबिक, फीचर फोन सेगमेंट में आईटेल ने बाजी मारते हुए 24 फीसदी बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा जमाया है। इसके बाद लावा (23 फीसदी), सैमसंग (22 फीसदी), नोकिया (9 फीसदी) और कार्बन (5 फीसदी) का नंबर आता है। काउंटरपॉइंट का कहना है कि दूसरी तिमाही में फीचर फोन बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और वार्षिक आधार पर इसमें 68 फीसदी की कमी आई है।



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कोरोनावायरस महामारी और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण अप्रैल महीने में शिपमेंट जीरो रही थी।
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