15 साल पहले अपने लॉन्च के बाद से गूगल मैप्स ने अपने आपको कई बार रिडिफाइन किया है। अब यह पूरी दुनिया का सबसे पावरफुल नेविगेशनल टूल बन गया है। पॉपुलर टाइम्स, मल्टीमॉडल नेविगेशन और ऑफलाइन मैप्स आपको अपनी दुनिया को समझने में मदद करते हैं।
गूगल ने अपने ब्लॉग पर घोषणा की है कि इसी हफ्ते वह गूगल मैप्स में ज्यादा डिटेल्स और ग्रेनुलरिटी जोड़ रहा है। इससे आपको किसी क्षेत्र को समझने में आसानी मिलेगी, भले ही आप वहां जाने की प्लानिंग कर रहे हो या वर्चुअली एक्सप्लोर कर रहे हो। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें...
भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। भारत में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब लोग जीरो एमिशन व्हीकल के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि अभी भारत में इलेक्ट्रिक कारों के कुछ ही ऑप्शन मौजूद हैं, लेकिन लोगों के बढ़ते रूझान को देखते हुए कंपनियां अब ई-व्हीकल लॉन्चिंग करने पर ज्यादा जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भारत में सस्ती से लेकर प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार तक लॉन्च होंगी, जिनकी कीमत 6 लाख रुपए से 1 करोड़ तक होगी, तो आइए देखते हैं, कौन-कौन सी इलेक्ट्रिक कारें हैं जो आने वाले महीनो में सड़कों पर देखने को मिल सकती हैं....
1. महिंद्रा-फोर्ड एस्पायर EV
संभावित कीमत: 6 से 7 लाख रुपए
संभावित रेंज: 150 से 200 किमी.
यह महिंद्रा-फोर्ड पार्टनरशिप के बाद अनाउंस किया गया पहला प्रोडक्ट है। यह फोर्ड एस्पायर पर बेस्ड ऑल-इलेक्ट्रिक व्हीकल है, जो इस साल के अंत तक लॉन्च हो सकता है। पार्टनरशिप के तहत फोर्ड महिंद्रा इलेक्ट्रिक को इंजन और ट्रांसमिशन के बगैर सिर्फ बॉडी मुहैया कराएगा। महिंद्रा इसमें अपना इन-हाउस इलेक्ट्रिक पावरट्रेन लगाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 60kW (81.5hp) की मोटर और 25kWh बैटरी पैक मिल सकता है। इसमें 150 से 200 किमी. तक की रेंज और 110kph तक की टॉप स्पीड मिलेगी।
2. महिंद्रा eKUV100
संभावित कीमत: 9 से 10 लाख रुपए
संभावित रेंज: 140 किमी.
महिंद्रा ने दिल्ली में हुए ऑटो एक्सपो में इसे शोकेस किया था। हालांकि इसका पेट्रोल/डीजल मॉडल काफी समय से बाजार में मौजूद है लेकिन कंपनी अब इसे इलेक्ट्रिक अवतार में पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 54 पीएस तक का पावर और 120 एनएम तक का टॉर्क मिलेगा। यह 15.9kWh बैटरी पैक और फास्ट चार्जिंग ऑप्शन के साथ आएगी। फास्ट चार्जिंग के जरिए इसे बैटरी एक घंटे में 80 फीसदी तक चार्ज होगी।
इसे भी कंपनी ने पहली बार दिल्ली ऑटो एक्सपो 2020 में शोकेस किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दो तरह के बैटरी पैक के साथ आएगी। 40kWh स्टैंडर्ड बैटरी पैक में 370 किमी. तक की रेंज मिलेगी जबकि लॉन्ग-रेंज 60kWh बैटरी पैक में 450 किमी. तक की रेंज मिलेगी। हालांकि कंपनी की तरफ से इसकी कीमत और बैटरी पैक को लेकर कोई ऑफिशियल अनाउंमेंट नहीं किया गया है। बाजार में इसका सीधा मुकाबला टाटा नेक्सन ईवी से होगा।
4. फॉक्सवैगन ID3
संभावित कीमत: 30 से 35 लाख रुपए
संभावित रेंज: 350 किमी.
फिलहाल यह ग्लोबल मार्केट में मौजूद है और अब कंपनी इसे भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। यह इलेक्ट्रिक सेडान होगी। बिजनेस इंसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके भारतीय वर्जन में 45kWh बैटरी होगी, जिसे फुल चार्ज करने पर 350 किमी. तक की रेंज प्रदान करेगी। हालांकि इसकी पुष्टि कंपनी की आधिकारिक अनाउंसमेंट के बाद ही हो पाएगी।
5. निसान लीफ
संभावित कीमत: 35 से 40 लाख रुपए
संभावित रेंज: 400 किमी.
निसान वैश्विक बाजार में मौजूद इस कार को अब भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी नेक्स्ट-जनरेशन ऑल-इलेक्ट्रिक लीफ बाजार में उतारेगी, जिसमें कई फ्यूचरिस्टिक फीचर मिलेंगे, जिसमें से एक है प्रोपायलट ऑटोनोमस ड्राइविंग फीचर। कार अल्ट्रासॉनिक सेंसर्स और कैमरा से लैस होगी। इसमें 150 पीएस का पावर मिलेगा। कार 40kWh बैटरी पैक से लैस होगी।
यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार है। यह प्रीमियम हैचबैक है। आधिकारिक साइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इसमें 90kWh बैटरी और 400 पीएस तक की पावर मिलेगी। इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 0 से 100 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने में सिर्फ 4.8 सेकंड का समय लगता है। फुल चार्ज में यह 470 किमी. तक चलेगी। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 320 kmph की टॉप स्पीड मिलेगी और बैटरी को 80 फीसदी तक चार्ज होने में 10 घंटे का समय लगेगा।
बीएमडब्ल्यू i3 भी कुछ समय बाद भारतीय सड़कों पर देखने को मिल सकती है। कंपनी डेली यूज के लिए कॉम्पैक्ट सेडान के तौर पर इसे लॉन्च कर रही है। फिलहाल ये ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 42 kWh की हाई कैपेसिटी बैटरी मिलेगी, जिसे चार्ज होने में 6 घंटे का समय लगता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 150 kmph की टॉप स्पीड मिलेगी।
पोर्श भी अपनी इस तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार भारत में लॉन्च कर सकती है। खासबात यह है कि इसमें 761 पीएस का पावर मिलेगा। साइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इसे 0 से 100 किमी. प्रति घंटा तक की रफ्तार पहुंचने में मात्र 2.8 सेकंड का समय लगता है। सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में 100 किमी तक चलने की लिए तैयार हो जाती है।
9. ऑडी e-tron
संभावित कीमत: 90 लाख से 1 करोड़ रुपए
संभावित रेंज: 350 से 400 किमी.
यह ऑडी की पहली इलेक्ट्रिक कार है। इसे इस साल के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल यह कई ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार के अगले पहियों में 125kW की मोटर और पिछले पहियों में 140kW की मोटर मिलेगी, जो कुल 355 हॉर्स पावर की ताकत जनरेट करते हैं। इसमें 200 kmph की टॉप स्पीड मिलेगी। 10 मिनट की चार्जिंग में यह 100 किमी. तक चल सकती है।
10. वोल्वो XC40
संभावित कीमत: 35 से 40 लाख रुपए
संभावित रेंज: 400 किमी.
वोल्वो भी अपनी ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी XC40 भारत में लॉन्च करने की तैयारी में है। इसे 2021 में बाजार में उतारा जाएगा। यह कंपनी का पहला ऑल-इलेक्ट्रिक मॉडल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें ट्विन मोटर सेटअप मिलेगा, जो कुल 408 हॉर्स पावर की ताकत जनरेट करेगा। इसमें 180 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार मिलेगा और 0 से 100 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार तक पहुंचने में इसे मात्र 4.9 सेकंड का समय लगेगा। इसमें 78kWh बैटरी पैक मिलेगा, कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज में इसे 400 किमी. तक की रेंज मिलेगी।
अगर आप इंतजार नहीं करना चाहते तो बाजार में ये इलेक्ट्रिक कारें पहले से मौजूद हैं
मॉडल
कीमत
रेंज
एमजी ZS EV
20.88 लाख*
340 किमी.*
टाटा नेक्सन EV
13.99 लाख*
312 किमी.*
हुंडई कोना
28.04 लाख*
452 किमी.*
टिगोर EV
11.37 लाख*
142 किमी.*
महिंद्रा eVerito
10.39 लाख*
181 किमी.*
नोट- कीमतें और रेंज संभावित है, वाहन लॉन्च होने पर इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है
स्मार्टफोन में यूं तो कैमरा होता है और वो अच्छी तरह काम भी करता है, लेकिन ये कैमरा तभी काम करता है जब फोन अनलॉक हो। यानी फोन लॉक है तब कैमरा भी बंद ही रहेगा। ऐसे में यदि आप चुपके से कोई वीडियो बनाना चाहते हैं, या फिर किसी का स्टिंग करना चाहते हैं, तब फोन का कैमरा बेकार हो जाता है। क्योंकि फोन हाथ में पकड़कर तो स्टिंग हो नहीं सकता।
ऐसे में आप अपने फोन कैमरा को ऐप की मदद से हाईटेक बना सकते हैं। इन ऐप्स की खास बात है कि ये फोन लॉक होने का बाद भी वीडियो रिकॉर्ड कर पाते हैं। इन ऐप्स को बैकग्राउंड रिकॉर्डिंग ऐप्स भी कहा जाता है। इनमें एचडी से लेकर फुल एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग तक के ऑप्शन होते हैं।
जब आप इनके इस्तेमाल से वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं तब सामने वाले को बिल्कुल भी पता नहीं चलता, क्योंकि फोन अनलॉक होने के साथ स्क्रीन भी बंद रहती है।
सीक्रेट वीडियो रिकॉर्डिंग वाले ऐप्स
1. background video recorder 2020 (साइज 5.1 MB) 2. background video recorder (साइज 5.1 MB) 3. Quick Video Recorder - Background Video Recorder (साइज 6.5 MB) 4. Record Video Background (साइज 4.1 MB) 5. Easy video recorder - Background video recorder (साइज 49 MB)
ऐसे काम करते हैं ये ऐप्स
सभी बैकग्राउंड वीडियो रिकॉर्डर ऐप्स लगभग एक जैसे ही काम करते हैं। यानी इनकी सेटिंग से लेकर काम करने का फॉर्मेट करीब-करीब एक जैसा होता है। हम यहां पर 'बैकग्राउंड वीडियो रिकॉर्डर 2020' ऐप की सेटिंग के बारे में बता रहे हैं।
इस ऐप का यूजर इंटरफेस इस तरह का नजर आता है। इसकी होम स्क्रीन पर वीडियो रिकॉर्डिंग का ऑप्शन दिया है। वहीं, ऊपर की तरफ सेव फोल्डर और सेटिंग का ऑप्शन दिया है। आप चाहें तो रिकॉर्डिं का प्रिव्यू भी ऑन कर सकते हैं। यहां रिकॉर्डिंग शुरू करके फोन को लॉक कर सकते हैं। यदि आपके फोन में पासवर्ड लगा हुआ है तब कोई भी इस सीक्रेट रिकॉर्डिंग के बारे में नहीं जान पाएगा।
जब वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है तब प्रिव्यू ऑन करने पर कुछ इस तरह का व्यू दिखाई देता है। वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू होने पर प्रिव्यू मोड को ऑफ नहीं किया जा सकता है। हां, रिकॉर्डिंग के दौरान फोन को अनलॉक कर सकते हैं। रिकॉर्डिंग चालू रहेगा।
इस ऐप में वीडियो रिकॉर्डिंग क्वालिटी के तीन फॉर्मेट हाई, मीडियम और रो दी हैं। वहीं, प्रिव्यू साइज भी स्मॉल, मीडियम और लार्ज दिया है। यानी प्रिव्यू के दौरान दिखने वाला प्रिव्यू साइज आप सिलेक्ट कर सकते हैं। वहीं, रिकॉर्डिंग आप फ्रंट या बैक किस कैमरा से करना चाहते हैं, उसे भी सिलेक्ट कर सकते हैं।
इस ऐप को आप लॉक भी कर सकते हैं। इसके लिए यहां पर नंबर्स का पासवर्ड सेट करने का ऑप्शन दिया है। यानी फोन के प्राइमरी लॉक के साथ इस ऐप का लॉक अलग से दिया है। ऐसे में कोई इस ऐप पर जाकर आपके सीक्रेट रिकॉर्ड किए गए वीडियो नहीं देख पाएगा।
टिकटॉक के देसी विकल्प मित्रों के अच्छे दिन आ गए हैं। मित्रों को नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के जरिए 5 मिलियन डॉलर (37 करोड़ रुपए) की फंडिग मिली है। बता दें कि मित्रों ऐप एक शॉर्ट-फॉर्म सोशल वीडियो ऐप है जो यूजर्स को मनोरंजक शॉर्ट वीडियो बनाने, अपलोड करने, देखने और शेयर करने की अनुमति देता है। मित्रों के अलावा चिंगारी, शेयरचैट और ट्रेल समेत अन्य देसी ऐप को भी अच्छा खासा निवेश मिल रहा है।
बुधवार को देसी सोशल मीडिया ऐप चिंगारी को टिंडर के मुख्य प्रोडक्ट अधिकारी ब्रियान नोर्गार्ड और प्रमुख फ्रेंच उद्यमी और ओएलएक्स के संस्थापक फेब्रिस ग्रिंडा से निवेश प्राप्त हुआ है। इसकी जानकारी चिंगारी ऐप के सह संस्थापक और सीईओ सुमित घोष ने दी है।
यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए करेगी ऐप का विकास
मित्रों ऐप के संस्थापक और सीईओ शिवांक अग्रवाल ने कहा, हम उत्साहित हैं कि नेक्सस वेंचर पार्टनर्स हमारे साथ जुड़ गए हैं, जो अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों को शानदार उत्पाद बनाने में मदद करने की विशेषज्ञता लाए हैं। कंपनी इस बड़ी फंडिंग का उपयोग यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए अपने प्रोडक्ट के विकास में करेगी। प्रतिभाशाली युवाओं को नौकरी दी जाएगी।
कंपनी अपने ऐप पर भारतीय कंटेंट तैयार करने वालों का एक बड़ा नेटवर्क बनाने और मित्रों ब्रांड में निवेश करने की योजना बनाई है। बता दें कि इस ऐप के संस्थापक शिवांक अग्रवाल और अनीश खंडेलवाल कम्प्यूटर साइंस इंजीनियर हैं और पहले मेक माय ट्रिप में साथ में काम करते थे।
चिंगारी ऐप मिला को मिला टिंडर और OLX से फंड
देसी सोशल मीडिया ऐप चिंगारी को टिंडर के मुख्य प्रोडक्ट अधिकारी ब्रियान नोर्गार्ड और प्रमुख फ्रेंच उद्यमी और OLX के सस्थापक फेब्रिस ग्रिंडा से निवेश प्राप्त हुआ है। हालांकि, इस निवेश की राशि के बारे में खुलासा नहीं किया गया है। इसकी जानकारी चिंगारी ऐप ने दी है। नोर्गार्ड ने इससे पहले स्पेश एक्स, नोसलएचक्यू जैसे स्टार्टअप में भी निवेश किया है।
वहीं, ग्रिंडा ने अलीबाबा समूह, एयरबीएनबी, बीपी, पालांतिर और विंडिन सहित 200 से अधिक उद्यमों में निवेश किया है। चिंगारी ऐप के सह- संस्थापक और सीईओ सुमित घोष ने कहा है कि हम इस बात को लेकर प्रसन्न हैं कि ब्रियन नोर्गार्ड और फेब्रिस ग्रिंडा जैसे वैश्विक उद्यमियों ने चिंगारी के काम को पसंद किया है और उसमें निवेश किया।
केटीबी नेटवर्क और सेमसंग वेंचर्स से मिला ट्रेल फंड
तेजी से बढ़ते हुए लाइफ स्टाइल कम्युनिटी कॉमर्स प्लेटफॉर्म ट्रेल ने 11.4 मिलियन डॉलर यानी कि 85.5 करोड़ रुपए की सिरीज ए फंडिंग हासिल किया है। यह फंड केटीबी नेटवर्क और सेमसंग वेंचर्स, टीचेबल, पिंट्रेस्ट, स्केवेयर और अन्य से मिला है।
ट्रेल के को फाउंडर पुलकित अग्रवाल ने कहा कि हम केटीबी नेटवर्क और सेमसंग वेंचर्स के बोर्ड पर आने से उत्साहित हैं। हम आगे भी एक पार्टनर्स के रूप में अपने विजन को बढ़ाने और लाखों भारतीयों के रहन सहन को एंपावर करने में काम करेंगे।आज की तारीख में 50 करोड़ भारतीय भाषाओं में इंटरनेट का उपयोग किया जाता है तो खरीदारी को लेकर फैसला लेते हैं। हमारा उद्देश्य लाइफ स्टाइल कम्युनिटी कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनना है।
माइक्रोसॉफ्ट करेगी देसी ऐप शेयर चैट में निवेश
अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट जहां टिकटॉक को खरीदने को लेकर चर्चा में बनी हुई है। खबर है कि माइक्रोसॉफ्ट शेयर चैट में निवेश करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन शेयर चैट में 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रुपए के करीब) का निवेश कर सकती है। हालांकि, इस पर शेयर चैट ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि बातचीत शुरुआती चरण में है और अगर यह डील होती है तो माइक्रोसॉफ्ट का निवेश 750 करोड़ रुपए होगा। यह निवेश शेयर चैट के लिए उसके कारोबार को बढ़ाने में मदद करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि चाइनीज ऐप के बैन के बाद भारतीय ऐप के सामने कई चुनौतियां हैं।
वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्ठा करने की कोशिश
इस समय शेयर चैट अपने वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्टा करने में लगी हुई है। वह नए निवेशक के साथ हाथ मिलाने की जगह पुराने निवेशकों के साथ बातचीत में जुटी है। इससे पहले ट्विटर ने शेयर चैट में 100 मिलियन डॉलर (750 करोड़ रुपए) का निवेश किया था। उस समय कंपनी की कीमत 65 करोड़ डॉलर (करीब 48 हजार करोड़ रुपए) आंकी गई थी।