Tuesday, September 15, 2020

एपल ने पेश की वॉच सीरीज 6, 15 सेकंड में बताएगी ब्लड ऑक्सीजन लेवल; पहली बार मिलेगा स्ट्रेचेबल रिस्ट बैंड September 15, 2020 at 08:13AM

एपल के टाइम फाइल्स इवेंट की शुरुआत नई वॉच सीरीज 6 की लॉन्चिंग के साथ हुई। कंपनी की इस नेक्स्ट जनरेशन स्मार्टवॉच में बिल्ट-इन ब्लड-ऑक्सीजन मीटर मिलेगा, जो शरीर का ऑक्सीजन लेवल बताएगा। कोरोना महामारी के लिहाज से देखा जाए तो फीचर काफी महत्वपूर्ण साबित होता है। चलिए जानते हैं एपल वॉच 6 सीरीज में क्या है खास...

एपल वॉच 6 सीरीज

  • वॉच ब्लू, क्लासिक गोल्ड और रेड कलर में उपलब्ध होगी। इसमें वेदर, फिटनेस, वर्कआउट और ऐप नोटिफिकेशन, स्मार्ट लाइट्स ऑन-ऑफ और डोर लॉक-अनलॉक करने की सुविधा तो मिलेगी ही लेकिन सबसे खास फीचर यह है कि इसमें हैंड वॉश डिटेक्शन फीचर भी मिलेगा, जो महामारी से सुरक्षित रहने में मदद करेगा।
  • इसके अलावा इसमें VO2 मैक्स फीचर मिलेगा, जो ज्यादा सटीकता से हार्ट रेट मापेगी। कंपनी का दावा है कि सिर्फ 15 सेकंड में बताएगी ब्लड ऑक्सीजन लेवल बताएगा।
  • इसमें 6 जनरेशन प्रोसेसर है जो पहले से 20 फीसदी अधिक तेज है। चढ़ाई पर चढ़ते वक्त वॉच में देखा जा सकेगा कि आप समुद्री सतह से कितनी ऊंचाई पर हैं। वॉच में कई तरह के नए वॉच फेस मिलेंगे। इसके अलावा पहली बार कंपनी ने सोलो लूप बैंड पेश किए हैं, जिसमें बकल नहीं मिलेगा। यह स्ट्रेचेबल और वॉटरप्रूफ हैं। कंपनी ने इसका ब्रेडेड, लेदर और नाइकी वर्जन भी पेश किए हैं।


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पहली बार कंपनी ने सोलो लूप बैंड पेश किए हैं, जिसमें बकल नहीं मिलेगा। यह स्ट्रेचेबल और वॉटरप्रूफ हैं। कंपनी ने इसका ब्रेडेड, लेदर और नाइकी वर्जन भी पेश किए हैं।

एपल हेडक्वॉर्टर के स्टीव जॉब्स थिएटर में होगा होगा वर्चुअल इवेंट, जानिए इस बार कौन से प्रोडक्ट हो सकते हैं लॉन्च September 15, 2020 at 04:59AM

एपल का इवेंट कुछ देर में कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो से शुरू होगा। इस बार इवेंट को 'टाइम फाइल्स' का नाम दिया है। इवेंट यूएस के लोकल टाइम अनुसार सुबह 10 बजे (भारत में रात 10.30 बजे) शुरू होगा। इवेंट हर साल की तरह एपल हेडक्वॉर्टर के स्टीव जॉब्स थिएटर में होगा। इस बार का इवेंट वर्चुअल होगा। ये पहला मौका है जब कंपनी वर्चुअल इवेंट का आयोजन करने जा रही है।

एपल के इस इवेंट में हर साल हजारों डेवलपर्स शामिल होते थे, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इस बार डेवलपर्स को वर्चुअली इवेंट कवर करना होगा। कोविड-19 के चलते पहले तो इवेंट के होने पर पर सस्पेंस बना हुआ था। हालांकि, अब तक ये साफ नहीं हुआ है कि इस इवेंट कंपनी नेक्स्ट जनरेशन आईफोन 12 को लॉन्च करेगी या नहीं।

इस बार के इवेंट में क्या-क्या हो सकता है और आप कैसे इस इवेंट को देख सकते हैं। आइए जानते हैं...

एपल इवेंट लाइव देखने का तरीका

  • इस इवेंट को अपने यूट्यूब पर देख सकते हैं। इसके लिए कंपनी ने लाइव इवेंट का वीडियो लिंक शेयर कर दिया है। आपके यूट्यूब पर सबसे पहले Apple के ऑफिशियल पेज पर जाना है। यहां आपके लाइव वीडियो का लिंक मिल जाएगा। वीडियो पर जाकर आप रिमाइंडर ऑन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, इस इवेंट को कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट www.apple.com/apple-events पर जाकर भी देखा जा सकता है। इस URL को अपने अपने स्मार्टफोन पर भी ओपन कर सकते हैं। ये वर्चुअल इवेंट कितनी देर तक चलेगा, इस बारे में अभी कंपनी ने कोई जानकारी शेयर नहीं की है।

इन डिवाइस के लॉन्च होने की उम्मीद

  • हर साल एपल इवेंट से पहले कई टेक एक्सपर्ट इस बात की पुष्टि कर देते थे कि कंपनी कौन से प्रोडक्ट लॉन्च करेगी। वहीं, इन प्रोडक्ट का स्पेसिफिकेशन कैसा हो सकता है, लेकिन इस बार अब तक प्रोडक्ट की लिस्ट पर सस्पेंस बना है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लीक हुई कुछ डिटेल के मुताबिक इवेंट में एपल वॉच सीरीज 6, नया आईपैड एयर 4, एयरपॉड, एयरटैग और शायद आईफोन 12 को लॉन्च किया जा सकता है।
  • आईफोन 12 सीरीज को लॉन्च किया जाता है तब इसमें 4 मॉडल पेश किए जा सकते हैं। इसमें 5.4 इंच वाला आईफोन 12, 6.1 इंच वाला आईफोन 12 मैक्स, 6.1 इंच वाला आईफोन 12 प्रो और 6.7 इंच वाला आईफोन 12 प्रो मैक्स शामिल होंगे। आईफोन 12 की बिक्री अक्टूबर से शुरू होगी, इस बात को कंपनी कंफर्म कर चुकी है। दरअसल, शिपमेंट को लेकर अभी कुछ प्रॉब्लम चल रही हैं।
  • इस इवेंट में कंपनी नई वॉच सीरीज 6 को लॉन्च करेगी। इसे ब्लड ऑक्सीजन सैचुरेशन मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी या SpO2 ट्रैकिंग के साथ उतारा जा सकता है। वॉच ओएस 7 में स्लीप ट्रैकिंग जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। सीरीज 6 को अपग्रेडेड प्रोसेसर और इम्प्रूव्ड बैटरी लाइफ के साथ पेश किया जा सकता है।
  • कंपनी एंट्री-लेवल एपल वॉच भी इवेंट में लॉन्च कर सकती है। इसे एपल SE नाम दिया जाएगा। कंपनी SE सीरीज के तहत किफायती प्रोडक्ट लॉन्च करती है। ये वॉच सीरीज 6 जैसी हो सकती है, लेकिन इसकी बिल्ड क्वालिटी अलग हो सकती है।
  • एपल इवेंट में अपने सबसे यूनिक प्रोडक्ट एयरटैग्स से पर्दा उठा सकती है। ये एक ट्रैकर टाइल्स है जो लंबे समय से चर्चा में है। ये ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ आती है। यह डिवाइस खोए हुए इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट को ढूंढने में मदद करेगी।
  • कंपनी अपने नए आईपैड एयर 4 से भी पर्दा उठा सकती है। इसका डिजाइन आईपैड प्रो से मिलता जुलता हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई डिटेल सामने नहीं आई है।
  • इवेंट में नए एयरपॉड्स भी लॉन्च किए जा सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये एयरपॉड्स का सबसे सस्ता वर्जन हो सकता है। साथ ही, आईपैड एयर, होम पॉड और एपल टीवी स्ट्रीमिंग बॉक्स भी लॉन्च हो सकता है।


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कोरोना महामारी की वजह से इस बार एपल वर्चुअल इवेंट का आयोजन कर रही है

यूट्यूब ने टिकटॉक की तरह भारत में 'यूट्यूब शॉर्ट्स' लॉन्च किया; यूजर्स बना सकेंगे 15 सेकेंड का वीडियोशॉर्ट्स September 14, 2020 at 10:08PM

टिकटॉक के विकल्प में इंस्टाग्राम का रील फीचर रोलआउट होने के बाद अब यूट्यूब ने अपने भारतीय यूजर्स के लिए शाॅर्ट वीडियो मेकिंग प्लेटफॉर्म शॉर्ट्स (Shorts) को लॉन्च कर दिया है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यहां यूजर्स टिकटॉक की तरह ही छोटे-छोटे वीडियो बना सकेंगे।

बता दें कि चीनी ऐप के बैन होने के बाद से ही यूट्यूब पर टिकटॉक ऐप के विकल्प को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थी। हालांकि अब कंपनी ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। बता दें कि भारत में जब से टिकटॉक बैन हुआ है तब से अब तक कई शार्ट वीडियो मेकिंग ऐप लॉन्च हो चुके हैं। अब इस कड़ी में यूट्यूब का नाम भी जुड़ गया है।

शॉर्ट्स प्लेटफॉर्म की खासियत क्या है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब के शॉर्ट्स प्लेटफॉर्म पर यूजर्स 15 सेकंड या उससे कम समय में छोटे वीडियो बना कर यहां अपलोड कर सकेंगे। वीडियो शूट और एडिट करने के लिए यूजर्स को यहां कई तरह के टूल्स भी मिलेंगे। इसके अलावा जो खास बात होगी वह यह है कि यूजर्स के पास वीडियो की एडिटिंग करके उसे यूट्यूब के लाइसेंस वाले गानों को जोड़ने की अनुमति भी दी जाएगी।

भारतीय यूजर्स जल्द ही कर सकेंगे इस्तेमाल

यूट्यूब ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि हमें उम्मीद है कि यूजर्स के लिए यह ऐप नया अनुभव देगा। इसे बहुत जल्द भारतीय यूजर्स इस्तेमाल कर सकते हैं। हम शॉर्ट्स के साथ एक प्रारंभिक बीटा लॉन्च कर रहे हैं। धीरे धीरे हम शॉर्ट्स में और सुधार करते जाएंगे। आने वाले महीनों में इस ऐप में और अधिक फैसिलिटीज को जोड़ेंगे। साथ ही अधिक देशों में इसका विस्तार किया जाएगा।

यूट्यूब को अपने यूजर्स बेस का भी होगा फायदा

बता दें कि टिकटॉक भारत में काफी लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो ऐप था। भारत टिकटॉक ऐप इस्तेमाल करने वाले टॉप देशों में शामिल था। इस वीडियो ऐप के भारत में करीब 20 करोड़ यूजर्स थे। दूसरी तरफ अगर आप यूट्यूब पर एक्टिव यूजर्स की संख्या देखें तो यहां करीब 30.8 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। यह संख्या टिकटॉक के मुकाबले कहीं ज्यादा है। ऐसे में यूट्यूब के लिए यह ऐप कितना फायदेमंद साबित होता है यह आने वाला वक्त ही बताएगा।



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यूजर्स के पास वीडियो की एडिटिंग करके उसे यूट्यूब के लाइसेंस वाले गानों को जोड़ने की अनुमति भी दी जाएगी।

प्रदूषण कानून मामले में मर्सडीज बेंज बनाने वाली कंपनी डाइमलर पर लगा 16 हजार करोड़ रु. का जुर्माना, वाहनों में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर लगाने का है आरोप September 14, 2020 at 09:46PM

जर्मन ऑटोमेकर कंपनी डाइमलर एजी (Daimler AG) को अमेरिका में प्रदूषण कानून उल्लंघन मामले में 2.2 बिलियन डॉलर (16.13 हजार करोड़ रु.) का जुर्माना लगा है। दरअसल कंपनी ने करीब 2.50 लाख अमेरिकी डीजल कार और वैन में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर लगाया था। इस सॉफ्टवेयर के जरिए तय उत्सर्जन सीमा से अधिक प्रदूषण उत्सर्जन करने में मदद मिलती है, जो अमेरिकी क्लीन एयर एक्ट के खिलाफ है। डाइलमर से पहले वोक्सवैगन और फिएट जैसी कंपनियों पर भी प्रदूषण कानून तोड़ने पर जुर्माना लगा था।

कंपनी ने जुर्माने के भुगतान पर जताई सहमति

लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज यूएस एलएलसी (Mercedes-Benz USA LLC) यूनिट ने 13 अगस्त को बताया कि कंपनी यूएस अथॉरिटी को सेटलमेंट के जरिए 1.5 बिलियन डॉलर (11 हजार करोड़ रु.) की रकम जुर्माने के तौर पर अदा करेगी। इसके अलावा कंपनी 2.50 लाख वाहनों को ठीक करवाने के लिए कार मालिकों को कुल 700 मिलियन डॉलर ( 5.13 हजार करोड़ रु.) की रकम देने पर भी सहमति जताई है।

इसमें प्रत्येक वाहनों की मरम्मत के लिए डाइलमर करीब 3,290 डॉलर (2.41 लाख रु.) देगी। कंपनी ने वाहन मालिकों के वकीलों के लिए फीस और खर्चों का भुगतान नहीं करने की बात कही है। यह खर्च करीब 83.4 मिलियन डॉलर (612 करोड़ रु.) है। इस पर डिप्टी अटॉर्नी जनरल जेफ रोजन ने कहा कि, भविष्य में अमेरिका के प्रदूषण कानूनों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या अन्य कंपनी को भारी जुर्माने और सजा के लिए तैयार रहना चाहिए।

प्रदूषण कानून तोड़ने पर लगा भारी जुर्माना

सेटलमेंट में क्लीन एयर एक्ट के तहत 875 मिलियन डॉलर (6.42 हजार करोड़ रु.) की सिविल पेनाल्टी लगाई गई है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ठीक करने और अधिक उत्सर्जन के लिए कंपनी पर 546 मिलियन डॉलर (4 हजार करोड़ रु.) का जुर्माना लगा है। डाइलमर कंपनी कैलिफोर्निया राज्य को कुल 285.6 मिलियन डॉलर ( 2 हजार करोड़ रु.) प्रदूषण कानून का उल्लंघन करने के एवज में जमा करेगी।

वोक्सवैगन और फिएट ने भी तोड़ा था कानून

साल 2015 से ही अमेरिका में डीजल वाहनों पर प्रदूषण संबंधित नियमों की जांच शुरु हो गई थी। दरअसल सितंबर 2015 में कार निर्माता कंपनी वोक्सवैगन ने अमेरिका में 5.80 लाख वाहनों में सीक्रेट सॉफ्टवेयर लगाया था। जिससे वाहनों को तय उत्सर्जन सीमा से 40 गुना तक अधिक उत्सर्जन करने की छूट मिलती थी। इन दोनों कंपनियों के अलावा फिएट ऑटोमोबाइल पर भी प्रदूषण उल्लंघन मामले में 5.87 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना लगा था।

इससे पहले सितंबर 2019 में डाइलमर कंपनी को जर्मनी में प्रदूषण कानून उल्लंघन मामले में जुर्माना भरना पड़ा था। जुर्माने की रकम करीब 870 मिलियन यूरो (7500 करोड़ रुपए) थी। रॉयटर्स के मुताबिक वोक्सवैगन और डाइलमर ने अमेरिका में पैसेंज डीजल वाहन की बिक्री को रोक दी है।



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इससे पहले सितंबर 2019 में डाइलमर कंपनी को जर्मनी में प्रदूषण कानून उल्लंघन मामले में जुर्माना भरना पड़ा था।
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