कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उयद कोटक ने कहा है कि वाहन खरीदने के लिए बैंक लोने देने के लिए तैयार हैं। लोन देने के लिए पैसे की कमी का कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के बीच ऑटो इंडस्ट्री के समक्ष आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार से अनुरोध भी किया है।
सियाम के इवेंट में कोटक ने कहा
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 60वें एनुअल कन्वेंशन के दौरान कोटक ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी मौजूदा अनिश्चित समय से बाहर आने की कुंजी है। उन्होंने कहा, ''इस समय, मुझे पैसे की उपलब्धता का कोई मुद्दा दिखाई नहीं दे रहा है, जो कि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यदि मांग है तो बैंक वाहनों के लिए कर्ज देने को तैयार हैं।"
उन्होंने कहा कि वाहनों के कर्ज को लेकर ब्याज दर अथवा धन की कमी का कोई मुद्दा नहीं दिखाई देता है। कोटक ने इस बात पर जोर दिया कि बैंक वाहनों के लिए कर्ज देने को तैयार हैं।
RBI द्वारा ब्याज दर में कमी सकारात्मक कदम
कोटक ने आगे कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर में बड़ी गिरावट करना सकारात्मक है और फंड की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) लगातार नीचे आ रही हैं। इसके साथ बांड बाजार और धन बाजार की दरें भी ठीक-ठाक नीचे आई हैं। मौद्रिक नीति के मामले में पहले ही बहुत सारा काम किया जा चुका है। चुनौती यह है कि हम आपूर्ति और मांग को कैसे तेज करते हैं।
उन्होंने कहा, ''वाहन उद्योग को आपूर्ति पक्ष की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है और लॉकडाउन के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान हैं। केंद्र और राज्यों के बीच सहज दृष्टिकोण की जरूरत है ताकि आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। दीर्घ अवधि में वाहन उद्योग की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए सड़कों की बुनियादी संरचना में निवेश की जरूरत है।"
गूगल अपने नेक्स्ट जनरेशन पिक्सल 5 स्मार्टफोन से इसी महीने पर्दा उठा सकती है। एंड्रॉयड ऑथेरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक वोडाफोन की जर्मन ब्रांच के एक इंटरनल डॉक्युमेंट में बताया गया है कि जर्मनी में 25 सितंबर को गूगल पिक्सल 4A 5G और पिक्सल 5 को लॉन्च किया जा सकता है।
जर्मनी के बाद इन्हें जल्द ही दूसरे देशों में भी लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन स्मार्टफोन को 25 सितंबर को ग्लोबली लॉन्च किया जा सकता है।
लिमिटेड कलर ऑप्शन मिलेंगे
एपल इंसाइडर और सीरियल लीक्सटर करने वाले जॉन प्रॉसर के मुताबिक, पिक्सल 5 को ब्लैक और ग्रीन कलर वैरिएंट में पेश किया जाएगा। वहीं, पिक्सल 4A 5G को ब्लैक कलर में के सिंगल वैरिएंट में लॉन्च किया जाएगा।
गूगल पिक्सल 5 की लिस्टिंग हाल ही में AI बेंचमार्क पर हुई थी, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि ये SD765G प्रोसेसर से लैस हो सकता है। SD765G का डिवाइस में शामिल होने से इस बात का पता चलता है कि पिक्सल फोन 5G नेटवर्क को सपोर्ट करेगा। वहीं, इस फोन में 8GB रैम भी मिलेगी। हालांकि AI बेंचमार्क पर इसके स्पेसिफिकेशस की डिटेल उपलब्ध नहीं है।
पिक्सल 5 में 6.67-इंच का बड़ा OLED डिस्प्ले मिलेगा, जिसकी रिफ्रेश रेट 120 हर्ट्ज होगी। डिस्प्ले एक्सपर्ट रॉस यंग ने इसी महीने की शुरुआत में दावा किया था कि नए पिक्सल स्मार्टफोन 6.67-इंच की डिस्प्ले के साथ आएंगे।
कई प्रीमियम फीचर्स मिलने की उम्मीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन में पंच-होल डिस्प्ले मिल सकता है, जैसा पिक्सल 4a में दिया है। वहीं, इसमें कई प्रीमियम फीचर्स के साथ IP वाटर रेटिंग और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है। हाल ही में अनाउंस हुए गूगल पिक्सल 4a फीचर्स में 5.81-इंच OLED डिस्प्ले स्क्रीन दी है। इसमें स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर के साथ 6GB रैम और 128GB ऑनबोर्ड स्टोरेज दिया है।
इंडिया ऑटो इंडस्ट्री धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। नेशनल लॉकडाउन के बाद अब हर महीने ऑटो सेल्स के आंकड़े बेहतर हो रहे हैं। कोविड-19 पीरियड के दौरान साल में पहली बार अगस्त 2020 में पैसेंजर व्हीकल सेल्स (PV) में बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2019 की तुलना में पिछले महीने पीवी की बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, जुलाई 2020 के तुलना में 18.5 प्रतिशत की ग्रोथ रही।
ऑटो कंपनियों ने अगस्त 2020 में 2,34,376 यूनिट्स की बिक्री की, पिछले साल इसी अवधि में 1,95,800 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। यानी इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अगस्त से पैसेंजर व्हीकल की डिमांड में तेजी देखने को मिली है। इससे इस बात का भी पता चल रहा है कि महामारी का प्रभाव बाजार से कम हो रहा है। आइए सभी कंपनियों के सेल्स आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।
मारुति सुजुकी: 1,13,033 यूनिट, 21.3% ग्रोथ (YoY)
मारुति सुजुकी ने साल-दर-साल के आधार पर बीते महीने 21% की ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने अगस्त में 1 लाख से ज्यादा यूनिट सेल की हैं। कंपनी को सबसे ज्यादा फायदा एंट्री लेवल ऑल्टो और एस-प्रेसो से हुआ है। इनकी सेल 94.7% तक रही। कंपनी की मिड साइज कैटेगरी की सियाज को छोड़कर सभी कार की में डिमांड रही है।
हुंडई: 45,809 यूनिट, 19.9% ग्रोथ (YoY)
हुंडई ने बीते महीने कुल 45,809 यूनिट बेची। साल-दर-साल के आधार पर उसकी सेलिंग में 19.9 प्रतिशत की ग्रोथ रही। कंपनी का कहना है कि उसकी वरना फेसलिफ्ट, ग्रैंड i10 निओस, ऑरा के साथ हाल में लॉन्च हुई वेन्यू iMT की डिमांड रही। वहीं, न्यू क्रेटा की बिक्री भी अच्छी रही।
टाटा: 18,583 यूनिट, 154% ग्रोथ (YoY)
अगस्त महीने में टाटा की गाड़ियों की डिमांड में तेजी दिखी है। कंपनी ने बीते महीने 18,583 यूनिट बेची। इस तरह साल-दर-साल के आधार पर 154% की ग्रोथ देखने को मिली। कंनपी ने बीते साल अगस्त महीने में 7,316 यूनिट सेल की थीं।
महिंद्रा: 13,651 यूनिट, 3.8% ग्रोथ (YoY)
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बीते महीने 3.8 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 13,651 यूनिट बेची। कंपनी ने 15 अगस्त को अपनी न्यू थार पेश की थी। इसके अलावा, कंपनी ने पिछले महीने BS6 मराजो MPV की कीमतों और वैरिएंट को स्ट्रीमलाइन किया है। वहीं, XUV300 को ज्यादा कॉम्पटीटिव बनाने के लिए इसकी कीमतों में कमी की है।
किआ: 10,853 यूनिट, 74% ग्रोथ (YoY)
देश की ऑटो मार्केट में तेजी से पैर पसारने वाली किआ ने बीते महीने 10,853 यूनिट सेल की। साल-दर-साल बिक्री के आधार पर उसकी सेल्स में 74% ग्रोथ रही है। कंपनी ने हाल ही में अपनी न्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी सोनेट को पेश किया है। इसकी लॉन्चिंग 18 सितंबर को होगी। इसकी प्री-बुकिंग को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस कार को भारत में तैयार किया गया है।
गिरावट 48.1% की रही है।
रेनो: 8,060 यूनिट, 41.3% (YoY)
रेनो ने भी बीते महीने 41.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। कंपनी ने अगस्त में कुल 8,060 यूनिट बेची। कंपनी ने बीते महीने अपनी 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ डस्टर को लॉन्च किया है। कंपनी बाजार में अपनी न्यू कॉम्पैक्ट एसयूवी किगेर लाने वाली है, जो हुंडई वेन्यू और मारुति विटारा ब्रेजा को टक्कर देगी।
एमजी: 2,851 यूनिट, 41.3% (YoY)
एमजी की सेल्स में अगस्त में 41.3 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी ने अपनी तीन रो वाली हेक्टर को लॉन्च किया है, इस वजह से भी इसे फायदा मिला है। कंपनी ने बीते महीने कुल 2,851 यूनिट की सेल की। वहीं, कंपनी की फुल-साइज ग्लस्टर एसयूवी इस साल दिवाली से पहले आने की उम्मीद है।
इन कंपनियों की सेल्स में गिरावट रही
बात करें दूसरी ऑटो कंपनी जैसे होंडा, टोयोटा, फोर्ड, एमजी, फॉक्सवैगन, स्कोडा, निसान और एफसीए की सेल्स में गिरावट देखने को मिली है। होंडा में सबसे कम गिरावट 9.4% और टोयोटा में सबसे ज्यादा गिरावट 48.1% की रही है।
पीयूष गोयल ने भारत में काम कर रही वाहन कंपनियों से अपनी मूल कंपनियों को रॉयल्टी भुगतान कम करने को कहा है। उनका कहना है कि इससे संकट से गुजर रही ऑटो इंडस्ट्री को उबरने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि देश के व्हीकल मार्केट पर व्हीकल कंपनियों की अच्छी खासी पकड़ है और वे अपनी पैरेंट कंपनियों को कई करोड़ डॉलर का रॉयल्टी भुगतान करती हैं। रॉयल्टी में कमी उनकी कैश फ्लो की समस्या को कम कर सकती है। इससे गाड़ियों की कीमतें कम करने और घरेलू बिक्री को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आयातित कारों पर ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार
गोयल ने कहा कि कुछ अन्य देशों के शुल्क और नाॅन-ट्रेड बाधाएं खड़ी करने से भारत के वाहन निर्यात को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ने कुछ अलग तरह के आयात शुल्क लगाए हैं। वहीं, इंडोनेशिया ने आयात का कोटा तय कर दिया है। उन्होंने कहा, हम इन मुद्दों का समाधान करने में लगे हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ हमने बेहतर संवाद स्थापित किया है। मैंने इंडोनेशिया के समक्ष भी मुद्दा उठाया है। इंडस्ट्री को मार्केट तक निष्पक्ष पहुंच मिलनी चाहिए।
कम हो सकता है जीएसटी रेट
लॉकडाउन से भारी दबाव और सुस्ती झेल रही भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को केंद्र सरकार बड़ी राहत दे सकती है। सरकार सभी तरह के व्हीकल्स पर जीएसटी रेट में 10 फीसदी कटौती करने पर विचार कर रही है। मिनिस्टर ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक एंटरप्राइजेज प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा है कि सरकार सभी तरह के वाहनों पर जीएसटी रेट में 10 फीसदी कटौती करने की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की मांग पर विचार कर रही है। सरकार इसकी घोषणा जल्द ही करने वाली है।
सरकार लाएगी व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार को विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से इनपुट मिले हैं और इन्सेंटिव बेस्ड व्हीकल्स स्क्रैपेज पॉलिसी तैयार है। जल्दी ही इसकी घोषणा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि ऑटो इंडस्ट्री जीएसटी दरों में कटौती करने और कोरोना वायरस संकट के बाद के दौर में मांग रिवाइव करने के लिए व्हीकल्स स्क्रैपेज पॉलिसी को समय पर लागू करने की मांग कर रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घरेलू बाजार में वाहनों की बिक्री में 75 फीसदी की गिरावट आई।
कोरोनावायरस की वजह से इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित
कोरोनावायरस के प्रकोप से भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुई है। लॉकडाउन में वाहनों का उत्पादन पूरी तरह बंद रहा और मांग बिल्कुल ना के बराबर रहा। वाहन मैन्युफैक्चरिंग के अप्रैल की बिक्री रिपोर्ट का आंकड़ा जीरो रहा। हालांकि, अब इंडस्ट्री रिकवर कर रही है, मांग में तेजी आई है।
SIAM के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि पैसेंजर्स व्हीकल्स सेगमेंट ने पिछले दो दशकों में सबसे लंबी मंदी देखी। इसी तरह, कॉमर्शियल व्हीकल्स ने पिछले 15 वर्षों में दूसरी सबसे लंबी मंदी का सामना किया। उन्होंने कहा कि टू व्हीलर्स वाहन सेगमेंट में भी छह तिमाहियों के लिए निरंतर मंदी देखी गई है।
मारुति सुजुकी के एमडी एवं सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा कि हम कह सकते हैं कि अगस्त में हमने पिछले साल की तुलना में वापसी की है। हालांकि, पिछले साल से तुलना करना सही नहीं होगा, क्योंकि उस दौरान उद्योग ने 15-25 फीसदी की निगेटिव ग्रोथ दर्ज की थी। इसने उद्योग को कई साल पीछे कर दिया है।