कोरोनावायरस ने संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, इससे मरने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी आई है। ऐसे में चीनी स्टार्टअप कंपनी रोकिड ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए एक खास थर्मल इमेजिंग गॉगल्स बनाया है। इसकी मदद से कोरोना संक्रमित लोगों को स्कैन किया जा सकता है।
कंपनी के मुताबिक इस थर्मल ग्लास में एक इन्फ्रारेड सेंसर लगा है, जो दो से तीन मीटर के दायरे में मौजूद किसी भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति को ढूंढ लेता है। ये दो मिनट के अंदर 200 लोगों के तापमान का पता लगा सकता है। गॉगल्स में क्वालकॉम प्रोसेसर और 12 मेगापिक्सल कैमरा है। ये कैमरा ऑगमेंटेड रियलिटी फीचर्स से लैस है। साथ ही, इसमें हैंड्स-फ्री वॉयस कंट्रोल, लाइव फोटो और वीडियो रिकॉर्डिँग की सुविधा भी है। इसमें कंपनी का लेटेस्ट ओएस दिया है, जो फेस रिकग्निशन का भी काम करता है।
कोरोना से देश और दुनिया में मौतें
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 37,412 हो गई है। इनमें 26,115 की रिपोर्ट पॉजीटिव है। वहीं 10,063 संक्रमित ठीक हो गए हैं। देश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 1,230 हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org के अनुसार हैं। दूसरी तरफ, दुनियाभर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 3,417,609 हो चुकी है। इनमें 239,900 की मौत हो चुकी है। इसी दौरान 1,088,223 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 65,782 हो चुकी है।
देश की ऑटो इंडस्ट्री की हालत चिंताजनक है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है किसी महीने में एक भी कार नहीं बिकी। बता दें कि देश में नेशनल लॉकडाउन के चलते किसी भी कंपनी की कोई कार नहीं बिकी है। वहीं, आने वाले कुछ महीनों में कार की बिक्री पर असर रहेगी। हालांकि, ऑटोकार की रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के बाद दो पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ सकती है। बता दें कि देश में 1 अप्रैल से BS6 नोर्म्स वाली गाड़ियां चलाना ही अनिवार्य हो गया है। पहले ऐसा माना जा रहा था कि BS4 इंजन से BS6 इंजन पर स्विच करने से टू-व्हीलर की सेल पर असर होगा, क्योंकि इससे गाड़ी की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन अब कोविड-19 के चलते इसकी बिक्री में तेजी देखने को मिल सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक ये साल टू-व्हीलर की बिक्री के लिए अब तक अच्छा नहीं रहा। पहले जहां BS6 इंजन के चलते टू-व्हीलर की कीमतें बढ़ी। तो अब कोविड-19 महामारी के चलते गाड़ियों की ब्रिकी पूरी तरह रुक गई। ऐसा माना जा रहा है कि फेस्टिव सीजन तक राहत की उम्मीद नहीं है। हालांकि, लॉकडाउन हटने के बाद कोविड के कारणों से ही टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलगी। बता दें कि 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन को तीन अलग-अलग फेज में 17 मई तक बढ़ा दिया गया है।
कोविड-19 से बचने के लिए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन और सरकार की तरफ से जो एडवाइजरी जारी की गई है, उसके मुताबिक इस महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का फॉलो करना जरूरी है। ऐसे में लोग खुद को सेफ करने के लिए दूसरे लोगों से डिस्टेंस बनाकर रखेंगे। यानी वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बनाकर रखना चाहेंगी। वहीं, रोजमर्रा के काम निपटाने और ऑफिस आने-जाने के लिए टू-व्हीलर अच्छा विकल्प बना सकता है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर रोजाना सैंकड़ों लोग सफर करते हैं। ऐसी स्थिति में वे सफल के लिए कितने सुरक्षित रहेंगे, इस बात को अभी समझ पाना थोड़ा मुश्किल है। देश का बड़ा वर्ग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करता है। ऐसे में जब वो इसका इस्तेमाल करने से बचेगा तब उसके पास टू-व्हीलर सबसे अच्छा विकल्प होता है, क्योंकि वो कार की तुलना में इसे आसानी से खरीद सकता है। वहीं, कार की तुलना में टू-व्हीलर का माइलेज ज्यादा और मेंटेनेंस कम होता है।
पिछले दो महीने में टू-व्हीलर की बिक्री के आंकड़े भी निराशाजनक हैं। वहीं, आने वाले कुछ महीने या लॉकडाउन के रहने तक ये आंकड़े मैन्युफैक्चरर्स को निराश कर सकते हैं। ऐसे में टू-व्हीलर कंपनियां घाटे से बचने के लिए ग्राहकों के लिए कुछ ऑफर्स भी लेकर आ सकती हैं।
अप्रैल महीने में एक भी कार नहीं बिकी। इस पर फाडा (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) प्रेसिडेंट आशीष हर्षराज काले ने कहा, "लॉकडाउन के चलते नई गाड़ियों के बिक्री पूरी तरह बंद है। जो भी गाड़ियों लॉकडाउन से पहले बेची गई थी, सिर्फ आरटीओ में उनकी की प्रॉसेस पूरी हो रही है। आने वाले महीनों में भी हमारे लिए मुश्किल समय होगा। क्योंकि जब भी हमने स्लोडाउन या मंदी को फेस की है, तब वो डिमांड साइट से ही होती है। लेकिन इस बार 3 से 4 तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। जैसे, लॉकडाउन खुलते ही डिमांड कम रहेगी। इकोनॉमिक स्थिति कैसी रहती है इसका पता भी बाद में ही चलेगा। सप्लाई की तरफ से भी सपोर्ट नहीं मिल पाएगा, क्योंकि सभी प्रोजेक्ट को दिन-रात के लिए शुरू नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि पहले 2 या 3 जोन ही खुलें। ऐसे में यदि कोई कम्पोनेंट मैन्युफैक्चर रेड जोन में हुआ तब भी गाड़ी का प्रोडक्शन शुरू नहीं हो पाएगा। लॉकडाउन खुलने के बाद सप्लाई की क्या स्थिति बनती है, ये आगे ही पता चलेगी।"
वैश्विक स्मार्टफोन मार्केट पर भी कोरोनावायरस का काफी गहरा असर पड़ा है। रिसर्च फर्म कैनालिक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्मार्टफोन शिपमेंट की दर 13 फीसदी गिरकर 27.2 करोड़ यूनिट पर तक पहुंच गई। काउंटर पॉइंट रिसर्च ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि मार्च 2014 तिमाही के बाद ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब किसी तिमाही में ग्लोबली स्मार्टफोन शिपमेंट का आंकड़ा 30 करोड़ यूनिट से कम रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के कारण अगली तिमाही में इससे भी बुरा असर देखने को मिल सकता है।
कैनालिस में आगे बताया कि स्मार्टफोन मार्केट ने 2020 में अच्छी खासी शुरुआती की थी लेकिन कोरोना के कारण नए डिवाइस की मांग खत्म हो गई। जब कोरोना चीन में फैलाना शुरू हुआ तो वेंडर्स को यही चिंता सता रही थी कि ग्लोबाल मार्केट में स्मार्टफोन की डिमांड की पूर्ति कैसे की जाएगी। लेकिन मार्च में सारी परिस्थितियां बदल गई। स्मार्टफोन निर्माता धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं लेकिन कई देशों में जारी लॉकडाउन के कारण बिक्री रूकी हुई है।
लोगों ने फोन खरीदने का प्लान टाला
स्टैनटोन में बताया कि फोन अभी भी लोगों की जरूरत बना हुआ है। जिनके फोन चोरी हो गए हैं या खराब हो गए हैं वो ऑनलाइन चैनल से इसे खरीद रहे हैं लेकिन जो लग्जरी के लिए फोन खरीदना चाहते हैं उन्होंने अभी फोन खरीदने के फैसले को टाल दिया है।
21.9 मार्केट शेयर के साथ सैमसंग आगे
कैनालिस की रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग सबसे आगे रहा, मार्च तिमाही में कंपनी का मार्केट शेयर 21.9 फीसदी रहा,जिसके बाद हुवावे 18 फीसदी, एपल 13.6 फीसदी, शाओणी 11.1 फीसदी और वीवो 8.9 फीसदी का स्थान रहा।
चीन में शिपमेंट 27 फीसदी गिरी
काउंटर पॉइंट रिसर्च के मुताबिक, पहली तिमाही में सबसे 27 फीसदी शिपमेंट चीन में गिरी, जहां से महामारी दुनियाभर में फैली। चीन में महामारी फैलने के बाद अन्य कंपनियों को हैंडसेट के कम्पोनेंट्स नहीं पहुंच पाए, जिसने ग्लोबल शिपमेंट को काफी नुकसान पहुंचाया।
गेमिंग और ओटीटी सर्विस का ग्राफ बढ़ा
लॉकडाउन के कारण स्मार्टफोन शिपमेंट में भले ही गिरावट रही लेकिन घर पर रहने की वजह से लोगों ने स्मार्टफोन का काफी इस्तेमाल किया, जिसके बाद गेमिंग और ओटीटी सर्विस का ग्राफ लगातार बढ़ाता चला गया। इस दौरान ऑपरेटर्स ने काफी मात्रा में डेटा पैक की बिक्री की।
नए एमिशन नॉर्म्स को देखते हुए तमाम कंपनियों ने अपने बीएस 6 पेट्रोल और डीजल व्हीकल लॉन्च किया है। लॉकडाउन के दौरान देशभर के डीलरशिप बंद है, ऐसे में शोरूम पर जाकर कार के बारे में जानकारी जुटाना फिलहाल मुश्किल है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अगर डीजल कर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो हम कुछ ऐसे ऑप्शन्स बता रहे हैं, जिनमें 25.40 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज मिलेगा....
फोर्ड इकोस्पोर्ट
माइलेज: 21.7 किमी प्रति लीटर
कीमत: 8.54 लाख से 11.67 लाख रुपए (दिल्ली एक्स-शोरूम)
फोर्ड की यह कॉम्पैक्ट एसयूवी भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय है। इसमें 1.5 लीटर का बीएस 6 डीजल इंजन मिलेगा, जो 100 हॉर्स पावर की ताकत और 215 एनएम कास टॉर्क जनरेट करता है। इसका 21.7 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलता है, जोकि ARAI सर्टिफाइड है। यह क्रेटा से 0.3kpl ज्यादा माइलेज देती है।
टाटा नेक्सन
माइलेज: 22.4 किमी प्रति लीटर
कीमत: 8.54 लाख से 12.70 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
इसे टाटा की सबसे छोटी डीजल कार कहना गलत नहीं होगा। इसमें 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर, टर्बो-डीजल इंजन है, जिसमें 110 हॉर्स पावर की ताकत और 260 एनएम का टॉर्क मिलता है। इसका ARAI रेटेड माइलेज 22.4 किमी प्रति लीटर है। यह 6 स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स ऑप्शन में अवेलेबल है।
हुंडई वेन्यू
माइलेज: 23.3 किमी प्रति लीटर
कीमत: 8.10 लाख से 11.40 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
इसे भारत की सबसे अफॉर्डेबल और फ्यूल एफिशिएंट कॉम्पैक्ट एसयूवी भी कहा जा सकता है। इसमें 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर टर्बो डीजल इंजन मिलेगा, जिसमें 100 हॉर्स पावर की ताकत और 240 एनएम का टॉर्क मिलता है। यह 6 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स में अवेलेबल है। इसमें 23.3 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलेगा।
फोर्ड फ्रीस्टाइल
माइलेज: 23.8 किमी प्रति लीटर
कीमत: 7.34 लाख से 8.19 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
इकोस्पोर्ट की तरह इसमें भी 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर टर्बो-डीजल इंजन है, जिसमें 100 हॉर्स पावर की ताकत और 215 एनएम का टॉर्क मिलता है। कार में 23.8 किमी प्रति लीटर मिलता है जो इकोस्पोर्ट्स की तुलना में ज्यादा है। इसमें 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन अवेलेबल है। यह 96 हॉर्स पावर वाले 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन में भी अवेलेबल है।
फोर्ड फिगो और एस्पायर
माइलेज: 24.4 किमी प्रति लीटर
फिगो कीमत: 6.86 लाख से 7.85 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
एस्पायर कीमत: 7.49 लाख से 8.34 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
फिगो हैचबैक की बात करें या कॉम्पैक्ट सेडान एस्पायर की दोनों में ही कंपनी का दमदार 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर इंजन है, जो 100 हॉर्स पावर और 215 एनएम का टॉर्म जनरेट करता है। दोनों ही 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन में अवेलेबल है। दोनों में ही 24.4 किमी प्रति लीटर मिलता
होंडा अमेज
माइलेज: 24.7 किमी प्रति लीटर
कीमत: 7.34 लाख से 8.19 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
होंडा की कॉम्पैक्ट सेडान अमेज सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक है। इसके 1.5 लीटर फोर सिलेंडर टर्बो डीजल इंजन में अवेलेबल है। इसके 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन वर्जन में 100 हॉर्स पावर और 200 एनएम टॉर्क मिलता है। इसमें 24.7 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलेगा। जबकि इसके सीवीटी ट्रांसमिशन वर्जन में 80 हॉर्स पावर और 160 एनएम का टॉर्क मिलेगा। इसमें 21 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलेगा।
हुंडई वरना
माइलेज: 25 किमी प्रति लीटर
कीमत: 10.66 लाख से 15.10 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
जबतक नेक्स्ट जनरेशन होंडा सिटी बाजार में नहीं आ जाती जबतक हुंडई वरना ही इकलौती मिड साइज सेडान बाजार में अवेलेबल है। इसमें 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर टर्बो डीजल इंजन है, इसमें 115 हॉर्स पावर और 250 एनएम का टॉर्क मिलता है। यह 6 स्पीड मैनुअल (माइलेज- 25 किमी प्रति लीटर) और टॉर्क कन्वर्टर (माइलेज- 21.3 किमी प्रति लीटर) ऑप्शन में अवेलेबल है।
हुंडई ग्रैंड i10 निओस
माइलेज: 25.1 किमी प्रति लीटर
कीमत: 6.75 लाख से 8.04 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
इसमें 1.2 लीटर U2 CRDi इंजन है, जोकि भारत में अवेलेबल अबतक का सबसे छोटा डीजल इंजन है। तीन सिलेंडर वाले इस इंजन में 75 हॉर्स पावर की ताकत मिलती है। यह 5 स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में अवेलेबल है। इसमें 25.1 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलता है। फिलहाल इसके ऑटोमैटिक वर्जन के माइलेज के आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।
टाटा अल्ट्रोज
माइलेज: 25.11 किमी प्रति लीटर
कीमत: 6.99 लाख से 9.34 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
टाटा के यह प्रीमियम हैचबैक भारत में अवेलेबल सबसे फ्यूल एफिशियंट डीजल हैचबैक है। इसमें 25.11 किमी प्रति लीटर जो ARAI सर्टिफाइड है। यह सिर्फ 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स वर्जन में अवेलेबल है। इसमें 1.5 लीटर का फोर सिलेंडर टर्बो इंजन है, जिसमें 90 हॉर्स पावर और 200 एनएम की ताकत मिलती है।
हुंडई ऑरा
माइलेज: 25.40 किमी प्रति लीटर
कीमत: 7.74 लाख से 9.23 लाख रुपए (एक्स-शोरूम)
हुंडई की इस कॉम्पैक्ट सेडान में 1.2 लीटर का थ्री सिलेंडर टर्बो डीजल इंजन है। यह 75 हॉर्स पावर और 190 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसके 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन वर्जन में 25.35 किमी प्रति लीटर का माइलेज और 5 स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वर्जन में 25.40 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिलता है।
(माइलेज के आंकड़ें ARAI सर्टिफाइड हैं, ड्राइविंग स्टाइल के हिसाब से यह बदल सकते हैं)