Sunday, April 26, 2020

जूम को चुनौती देने फेसबुक ने पेश किया मैसेंजर रूम्स फीचर, एक साथ 50 लोग कर सकेंगे वीडियो कॉलिंग April 25, 2020 at 09:23PM

फेसबुक ने मैसेंजर ऐप में नया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग फीचर जोड़ा है। कंपनी ने इसे मैसेंजर रूम्स नाम दिया गया है। फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। मैसेंजर रूम्स से एक साथ 50 लोग से असीमित समय के लिए वीडियो कॉलिंग कर सकेंगे। मैसेंजर रूम्स का मुकाबला जूम ऐप से होगा। हालांकि जूम ऐप के फ्री वर्जन में 100 लोगों को एक साथ अधिकतम 40 मिनट तक वीडियो कॉलिंग करने की सुविधा मिलती है।

मैसेंजर रूम्स के इस्तेमाल के लिए फेसबुक अकाउंट होना जरूरी नहीं है। मैसेंजर रूम्स वीडियो कॉलिंग में कोई भी सिर्फ एक इनवाइट लिंक के जरिए शामिल हो सकता है, मैसेंजर रूम्स में भी जूम की तरह फीचर्स दिए गए हैं। फेसबुक मैसेंजर रूम्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इनेबल्ड वर्चुअल बैकग्राउंड होगा। साथ ही इसमें कई वर्चुअल रियलिटी इफेक्ट्स भी मिलेंगे।

उदाहरण के तौर पर अगर आपके घर या रूम्स का बैकग्राउंड अच्छा नहीं है, तो आप एक वर्चुअल बैकग्राउंड बना सकते हैं। इसमें यूजर को बैकग्राउंड सिलेक्ट करने के लिए कई सारे ऑप्शन्स मिलेंगे। इसका इस्तेमाल काफी आसाना है। बता दें कि जिस तरह आप फेसबुक मैसेंजर पर ग्रुप बनाते हैं, उसी तरह आप रूम्स भी बना सकेंगे।

जूम ऐप की प्राइवेसी पर उठे सवाल

  • बता दें कि लॉकडाउन के दौरान जूम ऐप वीडियो कॉलिगं के लिए काफी पॉपुलर हो रहा है। लेकिन भारत समेत दुनियाभर की कई सरकारों ने इसे इस्तेमाल न करने के लिए सलाह दी है। दरअसल जूम ऐप पर लोगों के प्राइवेट डेटा को बेचने के आरोप लग चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अप्रैल तक जूम ऐप इस्तेमाल करने वालो का आंकड़ा 30 करोड़ यूजर्स के पार पहुंच गया था। अप्रैल की शुरुआत में डेली यूजर्स की संख्या 20 करोड़ थी, यानी प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर विवादों में रहने के बाद भी यूजर्स की संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस बात की जानकारी कंपनी के सीईओ इरिक यूआन ने दी थी।
  • पेड वर्जन में 500 यूजर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हो सकते हैं कोरोना के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन में लोगों ने जूम ऐप का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम कर रहे ज्यादातर यूजर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए जूम ऐप का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। मार्च के अंत में यह एपल और गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप की लिस्ट में शामिल थी। ऐप के फ्री वर्जन में 100 यूजर्स और पेड वर्जन में 500 यूजर्स एक साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं।
  • कंपनी ने कहा- जल्द लॉन्च होगा पहले से सुरक्षित वर्जन
  • ऐप उस समय अधिक सुर्खियों में आई जब ऐप पर यूजर्स की मर्जी के बगैर उनकी मीटिंग डेटा हाइजैक कर फेसबुक के साथ शेयर करने के आरोप लगे। इस प्राइवेसी स्कैंडल में फंसने के बाद ऐप को लेकर काफी विवाद भी हुआ। बुधवार को जूम ने ऐलान किया कि वे ऐप के नए वर्जन को लॉन्च करेगी, जिसमें सुरक्षा और प्राइवेसी से संबंधित सभी खामियों को सही किया गया है।


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Facebook Messenger Rooms| Facebook introduced messenger room feature to challenge zoom, 50 people will be able to do video calling simultaneously

हुवावे ने भारत में लॉन्च किया VoWiFi फीचर, बिना नेटवर्क एचडी वीडियो और वॉयस कॉलिंग की जा सकेगी April 25, 2020 at 08:48PM

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुवावे ने भारतीय यूजर्स के लिए वॉयस ओवर वाईफाई (VoWiFi) फीचर लॉन्च किया है। VoWiFi सर्विस जिसे Wi-Fi कॉलिंग भी कहा जाता है, इसमें यूजर वाई-फाई कनेक्शन से अन्य VoWiFi सपोर्ट स्मार्टफोन यूजर से वॉयस कॉल और वीडियो कॉल कर सकेंगे। खासबात यह है कि इस फीचर के जरिए एरोप्लेन मोड समेत सेलुलर नेटवर्क उपलब्ध न होने पर भी VoWiFi कॉलिंग की जा सकेगी। यह खराब और कमजोर नेटवर्क वाली जगहों पर भी काम करेगा ताकि यूजर्स बेझिझक आपस में बातचीत कर सकें।

एचडी वीडियो कॉलिंग की सुविधा मिलेगी

  • VoWiFi सर्विस उन सब्सक्राइबर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, जिन्हें घर या ऑफिस में कमजोर नेटवर्क की शिकायत रहती है। सब्सक्राइबर्स वाई-फाई हॉटस्पॉट के अंदर नेटवर्क एक्सेस कर सकेंगे और एचडी वीडियो कॉलिंग का आनंद ले सकेंगे।
  • हुवावे की VoWiFi सॉल्यूशन से कोई भी यूजर आईएमएस नेटवर्क एक्सेस कर सकेगा। यह वाई-फाई हॉटस्पॉट के इस्तेमाल से एचडी वॉयस और वीडियो सर्विसेस इस्तेमाल करता है। हुवावे का यह फीचर सभी सेलुलर टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलोजी कवर करता है जिसमें रेडिया एक्सेस, कोर नेटवर्क शामिल हैं।


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Huawei VoWiFi| Huawei launches VoWiFi feature Indian Users, able to do HD video and voice calling without network

Saturday, April 25, 2020

कोरोनावायरस से लड़ाई में गूगल और एपल ने फोन को बनाया हथियार, लोगों की इस तरह कर रहा मदद April 25, 2020 at 04:19AM

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां गूगल और एपल कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में लगातर मदद कर रही हैं। दोनों कंपनियां कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और ऐप्स के साथ स्वास्थय एजेसियों की मदद कर रही हैं। दुनियाभर में कितने कोरोना संक्रमित मरीज हैं? कितने ठीक हो चुके हैं? और कितने पॉजिटव हैं? ये तमाम जानकारी इनकी मदद से मिल रही है। इस काम में यूजर्स का स्मार्टफोन भी मदद कर रहा है। आप भी जानिए कि कैसे ये दोनों कंपनियों कोरोनावायरस के खिलाफ आपके फोन का इस्तेमाल कर रही हैं।

सरकार की मदद करेगा ऐप
दोनों कंपनियां के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप ब्लूटूथ के जरिए काम कर रहे हैं। सरकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों इस ऐप को मई तक उपलब्ध कराना है। एपल और गूगल एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) जारी करेंगे, इसकी मदद से सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐप पर कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग में मदद मिलेगी। ये एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर काम करेगा। एपल और गूगल ने ये साफ किया है कि ऐप का अप्रूवल तभी दिया जाएगा जब यूजर सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते है। उनके डेटा को गोपनीय और सुरक्षित रखते हैं।

कुछ समय बाद ऐप की नहीं होग जरूरत
अगले चरण में एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम और आईओएस का स्मार्टफोन पर इस्तेमाल करना होगा। एपल और गूगल अगले कुछ महीनों में कॉन्टैक्ट को ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपडेट कर दिया जाएगा। जब इसे रोलआउट कर दिया जाएगा तब यूजर्स को ऐप की जरूरत नहीं होगी। दोनों कंपनियों का मानना है कि स्मार्टफोन से कोरोनावायर की चेन को रोका जा सकता है। फोन की मदद से यूजर को इस बात क पता चल पाएगा कि आप किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में तो नहीं आ रहे।

लोकेशन डेटा कलेक्ट नहीं किया जाएगा
एपल और गूगल का कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने के लिए उपलब्ध होगा। दोनों कंपनियां सार्वजनिक स्वास्थय अधिकारियों के साथ लगातार इस दिशा में काम कर रही हैं कि कैसे ऐप्स को लेकर यूजर्स के साथ संपर्क किया जा सके। यदि कोई इंसान वायरस से संक्रमित होता है तब इस बात का सिस्टम या किसी अन्य यूजर द्वारा पता नहीं लगाया जा सकता। कंपनियों ने इस बात को भी साफ किया है कि यूजर्स की लोकेशन का डेटा कलेक्ट नहीं किया जाएगा।

यूजर की डिटेल शेयर नहीं की जाएगी
गूगल और एपल ने ये साफ किया है कि वे दो केस को छोड़कर सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी के साथ यूजर्स का डेटा शेयर नहीं करेंगी। यदि कोई यूजर कोविड-19 की रिपोर्ट को पॉजिटिव चुनता है, और ऐप के माध्यम से वो अपनी डिटेल शेयर करता है। तभी यूजर का डेटा आगे शेयर किया जाएगा। हालांकि, कोई भी यूजर इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए मजबूत नहीं किया जाएगा।



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दोनों कंपनियों का मानना है कि स्मार्टफोन से कोरोनावायर की चेन को रोका जा सकता है।

इस साल जून में लॉन्च हो सकता है रियलमी का टीवी, 10 हजार हो सकती है शुरुआती कीमत April 25, 2020 at 01:43AM

चीनी कंपनी रियलमी भारतीय बाजार में अपना गूगल सर्टिफाइट एंड्रॉयड टीवी लॉन्च करेगी। इसके टॉप पर कस्टमाइज रियलमी टीवी स्किन मिलेगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस टीवी की कीमत ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। ये मिड-रेंज सेकमेंट का टीवी हो सकता है, जैसे चीनी कंपनी मी (Mi) बेच रही है। रियलमी भारतीय बाजार में स्मार्टफोन के जरिए पैर जमा चुकी है और अब वो टीवी के जरिए श्याओमी की टक्कर देना चाहती है। बता दें कि हाल ही में भारतीय बाजार में वनप्लस ने टीवी लॉन्च किया है, लेकिन ये प्रीमियम सेगमेंट का टीवी है।

रियलमी टीवी के वैरिएंट और स्पेसिफिकेशन

  • रियलमी स्मार्ट टीवी के वैरिएंट 32-इंच से लेकर 65-इंच तक होंगे। इसमें 40-इंच, 43-इंच, 50-इंच, 55-इंच जैसे वैरिएंट शामिल हैं। ये सभी टीवी एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करेंगे। कंपनी इन सभी वैरिएंट के बारे में बता चुकी है। भारतीय बाजार में अभी श्याओमी द्वारा जितने स्क्रीन साइज में टीवी आ रहे हैं, लगभग उसी साइज में रियलमी के टीवी आएंगे।
  • ये टीवी ओटीटी ऐप्स जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, हॉटस्टार के साथ लगभग सभी ऐप्स को भी सपोर्ट करेगा। इसमें अल्ट बालाजी, जी5, सन नेक्स, होइच्वॉइस के साथ अन्य शामिल हैं।
  • रियलमी ने हाल ही में अपने रियलमीयूआई को स्मार्टफोन के लिए लॉन्च किया है। ऐसे में टीवी में एंड्रॉयड 10 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ रियलमी का ColorOS 7 मिल सकता है।
  • रियलमी टीवी के रिमोट भी कई एडवांस फीचर्स के साथ आ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि इसका रिमोट वनप्लस और एपल टीवी के रिमोट के जैसा हो सकता है। रिमोट को डायरेक्ट वॉयस कमांड देकर अपना पसंददीदा प्रोग्राम देख पाएंगे।

लॉन्चिंग और कीमत

ऐसा माना जा रहा है कि रियलमी अपना पहला टीवी भारतीय बाजार में जून 2020 तक लॉन्च कर सकती है। हालांकि, लॉकडाउन की वजह से इसकी लॉन्चिंग के प्रोग्राम में बदलाव भी हो सकता है। इस टीवी की शुरुआती कीमत 10,000 रुपए हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि 32-इंच के टीवी की कीमत 10 से 12 हजार रुपए तक हो सकती है।



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ये टीवी ओटीटी ऐप्स जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, हॉटस्टार के साथ लगभग सभी ऐप्स को भी सपोर्ट करेगा।
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