Friday, August 7, 2020

मोटोरोला से लेकर पीट्रॉन तक इन 10 ट्रूली वायरलेस इयरबड्स में मिलता है 30 घंटे तक का प्लेबैक और 150 घंटे का स्टैंडबाय टाइम, कीमत 3 हजार से भी कम August 06, 2020 at 11:14PM

म्यूजिक के शौकीन है या फिर फोन को हाथ में लिए बिना कॉलिंग करना चाहते हैं, तो इन्हें दोनों ही कामों के लिए इयरबड्स लेना एक बेहतर विकल्प है। इसमें ने बार-बार चार्जिंग करनी पड़ती है न वायर कनेक्ट करने का झंझट रहता है। ब्लूटूथ से कनेक्ट करने पर यह काम करना शुरू कर देता है। ऐसे में अगर इयरबड्स लेने का सोच रहे हैं, और बाजार में मौजूद ढेर सारे ऑप्शन के बीच कंफ्यूज हैं, तो हमने 10 ऐसे इयरबड्स की लिस्ट तैयार की है जो न सिर्फ फीचर रिच हैं बल्कि यह 3000 रुपए से भी कम कीमत में उपलब्ध हैं....

1. मोटोरोला वर्वबड्स 400
कीमत 2899 रुपए
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मोटोरोला का यह ट्रूली वायरलेस इयरबड्स सिलेंड्रिकल शेप के चार्जिंग केस के साथ आता है। सबसे खास बात यह है इसमें दाएं-बाएं का टेंशन नहीं है, किसी भी बड्स को किसी भी तरफ काम में पहना जा सकता है। पारंपरिक इयरबड्स में जहां हर बड्स में डेडिकेटेड बटन दी गई होती है, वहीं मोटो के वर्वबड्स 400 में किसी भी बड्स से ऑडियो कंट्रोल और माइक यूज किया जा सकता है। चार्जिंग केस से बाहर निकालते है या डिवाइस से कनेक्ट हो जाता है। इसमें एलेक्सा सपोर्ट भी मिलता है। सिंगल चार्ज में इसमें 12 घंटे का स्टैंडबाय टाइम और 3 घंटे का प्लेटाइम मिलता है। हालांकि चार्जिंग केस की बदौलत इसमें 9 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है।

2. रियलमी बड्स निओ
कीमत 2499 रुपए
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चीनी कंपनी रियलमी ने हाल ही में इसे भारतीय बाजार में लॉन्च किया है। कंपनी ने इसमें R1 चिपसेट का इस्तेमाल किया है। कंपनी का दावा है कि यह नई जनरेशन की पेयरिंग टेक्नोलॉजी पर काम करता है। चार्जिंग केस को ओपन करते हैं, यह फोन से कनेक्ट हो जाता है। बड्स के बॉडी पर ही इंटेलीजेंट टच कंट्रोल्स दिए गए हैं। इसमें सिंगल टच गूगल असिस्टेंट सपोर्ट मिलता है। कंपनी का दावा है कि इसे चार्ज होने में दो घंटे का समय लगता है। इसमें कुल 17 घंटे का टोटल प्लेबैक टाइम मिलता है, 3 घंटे तक गाने सुने जा सकते हैं और 1.5 घंटे कॉलिंग की जा सकती है। इसे 10 मीटर की रेंज मिलती है।

3. फिलिप्स TAUT 102BK
कीमत 2499 रुपए
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तीन हजार से कम कीमत में फिलिप्स का TAUT 102BK ट्रूली वायरलेस इयरबड्स भी बढ़िया ऑप्शन हो सकता है। इसमें न सिर्फ गाने और कॉलिंग की जा सकती है बल्कि गूगल असिस्टेंट और सिरी के इस्तेमाल से रोजमर्रा के कामों को आसान बनाया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि इसे चार्ज होने में 2 घंटे का समय लगता है और तीन घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है। चार्जिंग केस को भी शामिल कर लिया जाए तो इसमें 12 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है। बॉडी पर मल्टी-फंक्शनल बटन मिलती है। इसके मोनो मोड से एक बड को काम में लिया जा सकता है।

4. एम्ब्रेन बीट्सडुओ
कीमत 2499 रुपए
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पावरबैंक बनाने वाली कंपनी एम्ब्रेन का बीट्सडुओ ट्रूली वायरलेस इयरबड्स 3 हजार से कम कीमत में उपलब्ध है। हालांकि ऑफिशियल साइट पर 3299 रुपए में मिल रहा है। यह वॉटरप्रूफ है साथ ही इसमें सिरी और गूगल असिस्टेंट सपोर्ट भी मिलता है। इसमें टचसेंसर्स के साथ मल्टीफंक्शनल बटन दी गई हैं। क्लियर वॉयस के लिए इसमें डुअल माइक्रोफोन हैं। इसमें दमदार बैकअप मिलता है। कंपनी का दावा है कि इयरफोन को चार्ज होने में 1.5 घंटे का समय लगता है। सिंगल चार्ज में इसमें 7 घंटे का म्यूजिक प्लेबैक टाइम और 6.3 घंटे का टॉक टाइम मिलता है। चार्जिंग के साथ इसमें 29 घंटे तक की प्लेबैक टाइम और 150 घंटे का स्टैंडबाय टाइम मिलता है।

5. एम्ब्रेन वाइबबीट्स क्वालकॉम
कीमत 2399 रुपए
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एम्ब्रेन का वाइबबीट्स क्वालकॉम भी 3 हजार से कम बजट में दमदार बैकअप वाले इयरबड्स हैं। टच सेंसर से लैस यह इयरबड्स क्वालकॉम की aptX ऑडियो टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं। बेहतर आवाज के लिए कंपनी ने इसमें नॉइस कैंसिलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी किया है। सिंगल चार्ज में इसमें 5 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है जबकि चार्जिंग केस के साथ इसमें 30 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है। कॉल पिक/रिजेक्ट, म्यूजिक कंट्रोल, वॉल्यूम और असिस्टेंट कंट्रोल करने के लिए इसमें टच कंट्रोल्स मिलते हैं। इयरफोन और चार्जिंग केस दोनों को चार्ज होने में 1.5 घंटे का समय लगता है।

6. बोल्ट् ऑडियो एयरबैस ट्विनपॉड
कीमत 1999 रुपए
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इसकी कीमत 2 हजार से भी कम है लेकिन इसमें काफी दमदार फीचर्स मिलते हैं। इसमें 10 मीटर तक की रेंज मिल जाती है। इसे IPX5 रेटिंग दी गई है यानी इस पर पानी और पसीने का कोई असर नहीं होता। वॉयस असिस्टेंट, कॉल और म्यूजिक कंट्रोल करने के लिए इसमें टच कंट्रोल्स मिलते हैं। चार्जिंग केस से निकालते ही ये एक्टिवेट हो जाता है और फोन से कनेक्ट हो जाता है। कंपनी का दावा है कि इयरफोन और चार्जिंग केस को चार्ज होने में दो घंटे का समय लगता है। सिंगल चार्ज में इसमें तीन घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है जबकि चार्जिंग केस के साथ इसमें 9 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है।

7. आईबॉल इयरवियर-TW101
कीमत 1999 रुपए
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आईबॉल के यह ईयरफोन भी 3 हजार से कम के बजट में उपलब्ध हैं। कंपनी का दावा है कि इसमें भी पारंपरिक इयरबड्स की तरह तमाम फीचर मौजूद है। कंपनी का दावा है कि इसे चार्ज होने में 1.5 घंटे का समय लगता है। सिंगल चार्ज में 3.5 घंटे तक गाने सुने जा सकते हैं। चार्जिंग केस से इयरफोन को तीन बार चार्ज किया जा सकता है यानी इसमें 10 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है।

8. बोट एयरडॉप्स 381
कीमत 1999 रुपए
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ऑडियो प्रोडक्ट सेगमेंट में बोट एक जान पहचाना नाम है। कंपनी के बोट एयरडॉप्स 381 भी 3 हजार से कम कीमत में उपलब्ध है। वॉटर और स्वेट रेजिस्टेंट के लिए इसे IPX5 रेटिंग दी गई है। इसमें सिगंल क्लिक पर वॉयस असिस्टेंट की सुविधा मिलती है। कंपनी का दावा है कि सिगंल चार्ज में इसमें 4 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है। जबकि चार्जिंग केस के साथ इसमें 20 घंटे तक का प्लेबैक टाइम मिलता है और 24 घंटे का स्टैंडबाय टाइम मिलता है।

9. पोर्ट्रोनिक्स POR-325 हार्मोनिक ट्विन मिनी
कीमत 1619 रुपए
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इसके इयरफोन में 40 एमएएच की बैटरी लगी है जबकि केस 320 एमएएच बैटरी के साथ आता है। चार्जिंग केस और इयरफोन दोनों को चार्ज होने में 1.5 घंटे का समय लगता है। सिंगल चार्ज में इयरबड्स में 3.5 घंटे का म्यूजिक प्लेबैक टाइम मिलता है जबकि केस से इसे तीन बार फुल चार्ज किया जा सकता है, यानी चार्जिंग केस समेत इसमें 10 घंटे तक का प्लेबैक टाइम मिलता है।

10. पीट्रॉन टैंगो
कीमत 1519 रुपए
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यह एक किफायती इयरबड्स है। इसमें ऊपर दिए गए सभी इयरबड्स की तरह यह भी ब्लूटूथ 5.0 कनेक्टिविटी कैपेबिलिटी से लैस है। इस चार्जिंग केस पावर बैंक का भी काम करता है। केस 1500 एमएएच बैटरी से लैस है, जिससे इमरजेंसी मे फोन चार्ज किया जा सकता है। सिंगल चार्ज में इयरफोन से 3.5 घंटे तक गाने सुने जा सकते हैं या 3 घंटे तक बात की जा सकती है। इसमें 120 घंटे तक का स्टैंडबाय टाइम मिलता है।



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रियलमी बड्स निओ में R1 चिपसेट का इस्तेमाल किया है, चार्जिंग केस को ओपन करते हैं, यह डिवाइस से कनेक्ट हो जाता है

टिकटॉक के बाद माइक्रोसॉफ्ट की नजर देसी ऐप शेयर चैट पर भी, कर सकती है 10 करोड़ डॉलर का निवेश August 06, 2020 at 10:54PM

अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट जहां टिकटॉक को खरीदने को लेकर अंतिम चरण में बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खबर है कि वह शेयर चैट में भी निवेश करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन शेयर चैट में 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रुपए के करीब) का निवेश कर सकती है। हालांकि, इस पर शेयर चैट ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्ठा करने की कोशिश

इस समय शेयर चैट अपने वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्टा करने में लगी हुई है। वह नए निवेशक के साथ हाथ मिलाने की जगह पुराने निवेशकों के साथ बातचीत में जुटी है। इससे पहले ट्विटर ने शेयर चैट में 100 मिलियन डॉलर (750 करोड़ रुपए) का निवेश किया था। उस समय कंपनी की कीमत 65 करोड़ डॉलर (करीब 48 हजार करोड़ रुपए) आंकी गई थी।

सूत्रों ने बताया कि बातचीत शुरुआती चरण में है और अगर यह डील होती है तो माइक्रोसॉफ्ट का निवेश 750 करोड़ रुपए होगा। यह निवेश शेयर चैट के लिए उसके कारोबार को बढ़ाने में मदद करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि चाइनीज ऐप के बैन के बाद भारतीय ऐप के सामने कई चुनौतियां हैं।

यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 4 साल पुराना है

शेयर चैट 4 साल पुराना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। कंपनी के पास मौजूदा समय में 15 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं वहीं 6 करोड़ से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं। मौजूदा समय में यूजर्स रोजाना करीब 25 मिनट इस प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं। यह ऐप 15 भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें हिंदी, मलयालम, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तेलुगु, तमिल, बंगाली, ओडिया, कन्नड़, असमिया, हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी और उर्दू शामिल हैं। शेयर चैट एंड्रायड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जहां से डाउनलोड करके यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

शेयर चैट ने टिकटॉक की तरह लॉन्च किया है मोज

हाल ही में शेयर चैट ने टिकटॉक की तरह वीडियो शेयरिंग ऐप मोज (moj) को लॉन्च किया है। बता दें कि यह ऐप यूजर्स के लिए एक्टिव नहीं होने के पहले ही करीब 1 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड कर लिया गया था। अभी तक इस ऐप को 4 हजार से ज्यादा रिव्यू मिल चुके हैं। शेयर चैट ने यह फैसला उस समय लिया था जब भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर बैन लगाया था। मोज को टिकटॉक के विकल्प के तौर पर बनाया गया है।

उपलब्धि:चीनी ऐप बैन होने के बाद बढ़ी भारतीय ऐप की डिमांड, ShareChat हर घंटे पांच लाख से ज्यादा बार डाउनलोड, 36 घंटे में 1.50 करोड़ बार हुआ डाउनलोड



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शेयर चैट 4 साल पुराना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। कंपनी के पास मौजूदा समय में 15 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं वहीं 6 करोड़ से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं।

शाओमी के फोन में प्री-लोडेड नहीं होंगे प्रतिबंधित चीनी ऐप, कंपनी ला रही ऑपरेटिंग सिस्टम MIUI का नया वर्जन August 06, 2020 at 10:54PM

बिक्री के मामले में भारत की सबसे बड़ी चाइनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी अपने MIUI सॉफ्टवेयर का नया वर्जन डवलप कर रही है। चीनी ऐप पर भारतीय प्रतिबंधों का पालन करने के लिए शाओमी इस सॉफ्टवेयर को डवलप कर रही है। शाओमी के इंडिया हेड मनु जैन ने शुक्रवार को एक ट्विटर पोस्ट के जरिए बयान जारी कर यह जानकारी दी है। जैन ने कहा है कि कंपनी चीनी ऐप पर भारतीय प्रतिबंधों का अनुपालन कर रही है।

नए सॉफ्टवेयर में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होंगे प्रतिबंधित चीनी ऐप

मनु जैन ने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि भारत सरकार की ओर से बैन किया गया कोई भी चीनी ऐप भारत में लॉन्च किए गए शाओमी फोन्स में अब एक्सेस नहीं हो रहा है। जैन ने कहा है कि हम ऐसा MIUI सॉफ्टवेयर डवलप कर रहे हैं जिसमें कोई भी प्रतिबंधित चीनी ऐप प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा। MIUI एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिस पर शाओमी के सभी स्मार्टफोन रन करते हैं। यह कंपनी के कारोबारी मॉडल एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

2018 से देश में स्टोर हो रहा है भारतीय यूजर्स का डाटा

मनु जैन ने कहा कि कंपनी 2018 से ही भारतीय यूजर्स का डाटा देश में ही स्टोर कर रही है और आगे भी यह जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि कभी भी कोई भी डाटा देश से बाहर शेयर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कंपनी के ऐप्स और बैन को लेकर गलत सूचना फैला रहे हैं, कंपनी को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार है।

शाओमी के Mi ब्राउजर पर लग चुका है प्रतिबंध

लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद भारत सरकार ने चीन की कंपनियों से जुड़े कुल 106 ऐप पर बैन लगा दिया है। इसमें शाओमी का Mi ब्राउजर और Mi कम्युनिटी जैसे ऐप भी शामिल हैं। Mi ब्राउजर पर यूजर्स की जानकारी एकत्र करने के आरोप में बैन लगाया गया है। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है। कंपनी भारत में बेचे जाने वाले फोन में प्री-लोडेड ऐप्स देती है। इनमें वीडियो, म्यूजिक प्लेबैक, सिक्योरिटी, वेब ब्राउजिंग और शाओमी के अपने ई-कॉमर्स स्टोर Mi स्टोर का ऐप भी शामिल है।

शाओमी ने सरकार को भेजा जवाब

अन्य प्रतिबंधित ऐप्स की तरह शाओमी ने भी सरकार की ओर से भेजे गए 77 सवालों के जवाब दे दिए हैं। अब कंपनी को सरकार की तरफ से व्यक्तिगत सुनवाई का इंतजार है। भारत सरकार की ओर से जो चीनी ऐप बैन किए गए हैं उनमें बाइटडांस के स्वामित्व वाला टिकटॉक, टैंसेंट का वीचैट, अलीबाबा ग्रुप के यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज प्रमुख हैं।



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शाओमी के इंडिया हेड मनु जैन ने ट्विटर पर बयान जारी कर नया वर्जन लाने की जानकारी दी है।

जुलाई में सबसे ज्यादा बिकी मिड-साइज SUV, बिक्री में हुआ 87 फीसदी का इजाफा; मंदी के बावजूद बिक गई 84 लाख रुपए की 16 टोयोटा वेलफायर August 06, 2020 at 03:30PM

ऑटो इंडस्ट्री ने पिछले महीने बड़े पैमाने पर रिकवरी की। सबसे ज्यादा भरोसा उपभोक्ताओं ने मिड-साइज एसयूवी पर किया। पिछले साल जुलाई में सेगमेंट की 15,208 यूनिट बिकी थीं, जबकि इस साल जुलाई में कोरोना संकट के बावजूद सेगमेंट में 28509 यूनिट्स बिकीं, यानी साल-दर-साल 87 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। इसका श्रेय हुंडई क्रेटा को भी जाता है, जिसमें 75 फीसदी की वृद्धि के साथ जुलाई 2020 में 11,549 यूनिट्स बिक्री की, पिछले साल जुलाई में इसकी 6,585 यूनिट्स बिकी थीं। मार्च 2020 में लॉन्चिंग के बाद से इस पांच सीटर एसयूवी को 55,000 से ज्यादा बुकिंग्स मिल गई थीं।

जुलाई 2020 में सबसे ज्यादा कुल 46,102 यूनिट्स कॉम्पैक्ट हैचबैक सेगमेंट में बिकी, बावजूद इसके सेगमेंट की साल-दर-साल ग्रोथ में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि पिछले साल इसी महीने सेगमेंट में 51741 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की थी। इसी तरह कॉम्पैक्ट एसयूवी, कॉम्पैक्ट सेडान, एग्जीक्यूटिव सेडान, प्रीमियम एसयूवी, प्रीमियम सेडान और लक्जरी सेडान सेगमेंट में भी नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

एंट्री हैचबैक सेगमेंट में 40 फीसदी की बढ़त, प्रीमियम सेडान सेगमेंट में 79 फीसदी गिरा

  • एंट्री-लेवल हैचबैक सेगमेंट में भी जुलाई 2020 में बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की। सेगमेंट में 40 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 20,865 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 14,910 यूनिट पर सीमित था। प्रीमियम हैचबैक और MUV सेगमेंट में भी क्रमश: 1 फीसदी और 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि सब-4-मीटर एसयूवी सेगमेंट ने पिछले महीने बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट का सामना किया।
  • आने वाले महीनों में, कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में कई सारे बदलाव देखने को मिलेंगे क्योंकि किआ सॉनेट को लॉन्च करेगी, रेनो संभवतः इस साल के अंत में किगर पेश करेगी, जबकि निसान मैग्नाइट अगले साल की शुरुआत में शोरूम में एंट्री करेगी। इसके अलावा सिट्रॉइन भी अपनी C21 कॉम्पैक्ट एसयूवी पेश करने की तैयारी में है। जीप की छोटी एसयूवी भी कुछ वर्षों में आ सकती है।

प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में बलेनो सबसे आगे, जैज को नहीं मिला एक भी ग्राहक

  • प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट देश का सबसे लोकप्रिय पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में से एक है। लेकिन कुछ अन्य सेगमेंट की तरह प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों के कारण हाल के दिनों में इसकी गति कम हो गई है। हालांकि, यह सेगमेंट तेजी से फिर से गति प्राप्त कर रहा है, जो इस बात से स्पष्ट होता है कि इसने जुलाई 2020 में बिक्री में 1 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में है।
  • मारुति सुजुकी बलेनो ने पिछले महीने देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रीमियम हैचबैक के रूप में अपना स्थान फिर से हासिल कर लिया, क्योंकि कंपनी कार की 11,575 यूनिट बेचने में सफल रही। जुलाई 2020 में बिक्री के मामले में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज करने के लिए बलेनो इस सूची में एकमात्र कार थी, क्योंकि जुलाई 2019 में मारुति ने हैचबैक की 10,482 यूनिट्स बेची थीं, जो जुलाई 2020 की तुलना में 10 फीसदी कम है ।
  • हुंडई i20 एलीट जुलाई 2020 में बेची गई 6,344 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर है, पिछले साल इसी महीने में बेची गईं 9,012 यूनिट्स से 2,668 या 30 फीसदी नीचे है। बता दें कि हुंडई जल्द ही भारत में नेक्स्ट-जनरेशन i20 को लॉन्च करेगी तो यह इस साल हुई गिरावट संभवतः उसी कारण से है।
  • जनवरी 2020 में लॉन्च हुई अल्ट्रोज़ ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। टाटा ने पिछले महीने प्रीमियम हैचबैक की 3,636 यूनिट्स बेचीं, जो इस सूची में तीसरा स्थान पर है। दूसरी ओर, टोयोटा ग्लैंज़ा और फॉक्सवैगन पोलो ने क्रमशः बिक्री के मामले में 27 फीसदी और 28 फीसदी साल दर साल गिरावट दर्ज की।
  • टोयोटा ने ग्लैंजा की 1,323 यूनिट्स बेचीं, जबकि फॉक्सवैगन ने जुलाई 2020 में पोलो की 1,146 यूनिट्स बेचीं, जबकि पिछले साल जुलाई में ग्लैंजा और पोलो की क्रमशः 1,804 और 1,600 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इन दोनों के बाद फोर्ड फ्रीस्टाइल का नंबर आता है, फोर्ड ने पिछले महीने फ्रीस्टाइल की 464 यूनिट्स बेचीं, यानी कंपनी ने 16 फीसदी की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की क्योंकि फोर्ड ने पिछले साल जुलाई में फ्रीस्टाइल की 550 यूनिट्स बेची थीं।
  • होंडा जल्द ही जैज का बीएस 6-कंप्लेंट वर्जन लॉन्च करना वाली है और इसलिए हैचबैक इस सूची में आखिरी स्थान पर है। बता दें कि जापानी निर्माता ने जुलाई 2019 के महीने में हैचबैक की 719 यूनिट्स बेची थीं।

16 लोगों ने खरीदी 84 लाख की टोयोटा वेलफायर, 3,076 यूनिट्स के साथ ट्राइबर तीसरे स्थान पर

  • एमपीवी सेगमेंट ने हाल के वर्षों में बहुत लोकप्रियता हासिल की है, और जिस सेगमेंट में कम संख्या में प्रोडक्ट उपलब्ध है, वह अब फल-फूल रहा है, अधिक से अधिक निर्माता इस दौड़ में शामिल होना चाहते हैं। सभी निर्माता संयुक्त रूप से पिछले महीने भारतीय बाजार में 21,066 एमपीवी बेचने में कामयाब रहे, जो जुलाई 2019 में बेची गई 20,393 यूनिट्स की तुलना में 3 फीसदी अधिक है।
  • बाजार अभी भी एक आर्थिक मंदी से उबर रहा है, जो इस सूची में सभी एमपीवी की बिक्री संख्या से स्पष्ट है, क्योंकि उन सभी ने बिक्री के मामले में साल-दर-साल नकारात्मक वृद्धि दर्ज की। पिछले महीने देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली एमपीवी में अर्टिगा थी, जुलाई 2019 में बेची गई 9,222 यूनिट्स की तुलना में इस साले इसकी 8,504 यूनिट्स बिकीं।
  • बोलेरो इस साल 4,360 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर है, जो कि जुलाई 2019 में बिकी 4,446 यूनिट्स की तुलना में 2 फीसदी कम है। टोयोटा इनोवा क्रिस्टा ने 40 फीसदी गिरावट दर्ज की, लेकिन फिर भी यह कामयाब रही और एमपीवी ने 2,927 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर अपनी जगह बनाई।
  • डटसन गो+ देश में सबसे सस्ती एमपीवी है, लेकिन इससे कार की पॉपुरैलिटी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। कंपनी जुलाई 2020 में केवल 57 यूनिट ही बेच पाई, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 136 यूनिट कम है। महिंद्रा माराजो ने 98 फीसदी गिरावट दर्ज की, जबकि कंपनी की Xylo अब बाज़ार से डिस्कंटीन्यू हो चुकी है।
  • हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में, उक्त स्थान में रेनो ट्राइबर, मारुति सुजुकी XL6, किआ कार्निवल के साथ-साथ टोयोटा वेलफायर के रूप में कई नए प्रोडक्ट हैं। ट्राइबर ने अपनी लॉन्चिंग के बाद से काफी लोकप्रियता हासिल की, और देश में रेनो के भाग्य को पूरी तरह से बदल दिया है। सब-4 मीटर कार पिछले महीने बाजार में तीसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली एमपीवी थी, जिसकी 3,076 यूनिट्स बिकीं।
  • मारुति सुजुकी XL6 और किआ कार्निवल क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहे। जुलाई 2020 में मारुति ने 1,874 XL6s बेचे, जबकि इसी अवधि में किआ ने 232 कार्निवल बेचीं। दूसरी ओर, टोयोटा ने पिछले महीने भारतीय लग्जरी खरीदारों की 16 यूनिट्स वेलफायर बेचीं।

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हुंडई क्रेटा ने 75 फीसदी की वृद्धि के साथ जुलाई 2020 में 11,549 यूनिट्स बिक्री की, पिछले साल जुलाई में इसकी 6,585 यूनिट्स बिकी थीं
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