Tuesday, June 30, 2020

पिछले 19 महीने में वोडा-आइडिया ने 11.613 करोड़ ग्राहकों को खोया, 32.907 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ एयरटेल दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी June 29, 2020 at 08:24PM

दो साल से भी कम समय में वोडाफोन आइडिया ने 11.613 करोड़ ग्राहकों को खो दिया है और 32.5 करोड़ यूजर बेस के साथ कंपनी तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इसी अवधि के दौरान, रिलायंस जियो ने अपने यूजर बेस को मजबूत किया और भारती एयरटेल ने अपनी बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने में कामयाबी हासिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया ने 19 महीने में बीएसएनएल के वायरलेस यूजर बेस की तुलना में अधिक ग्राहकों को खो दिया है।

2018 में वोडा-आइडिया का संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ था

  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के अनुसार, बीएसएनएल का वायरलेस सब्सक्राइबर बेस अगस्त 2018 के अंत में 11.358 करोड़ था। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का 31 अगस्त, 2018 को विलय हो गया था और विलय के बाद इनका संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ हो गया। इसी दौरान, भारती एयरटेल का यूजर बेस 34.588 करोड़ था, जबकि रिलायंस जियो का 23.923 करोड़ था। अगस्त 2018 तक वोडाफोन आइडिया 37.85% शेयर के साथ बाजार में आगे था, इसके बाद एयरटेल 29.64% और रिलायंस जियो 20.50% पर था। बीएसएनएल का वायरलेस शेयर 9.73% था।

19 महीने में बदल गई बाजार की तस्वीर

  • लेकिन 19 महीनों के बाद, बाजार की गतिशीलता पूरी तरह से बदल गई है। फरवरी 2020 तक रिलायंस जियो ने 32.99% की वायरलेस बाजार हिस्सेदारी हासिल की, इसके बाद एयरटेल 28.35% और वोडाफोन आइडिया के 28.05% पर पहुंच गया। बीएसएनएल की हिस्सेदारी बढ़कर 10.32% हो गई।
  • फरवरी 2020 में, रिलायंस जियो ने अपने बेस को 38.282 करोड़ तक बढ़ाने के लिए 62.5 लाख वायरलेस सब्सक्राइबर जोड़े, जबकि एयरटेल ने 922,946 यूजर्स को जोड़ कर अपने ओवरऑल बेस को 32.907 करोड़ तक पहुंचाया। वोडाफोन आइडिया ने 34.6 लाख ग्राहक खो दिए और फरवरी में इसका बेस 32.552 करोड़ था।
  • फरवरी के अंत में बीएसएनएल ने भी 4,39,318 ग्राहकों को जोड़कर अपने बेस को बढ़ाकर 11.968 करोड़ कर दिया।

ब्रॉडबैंड यूजर्स को भी जोड़ने में पिछड़ रहा वोडा-आइडिया

  • वोडाफोन आइडिया वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर्स को भी जोड़ने में पिछड़ रहा है। कंपनी के 11.823 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं, जो उद्योग में सबसे कम है। इसके विपरीत, जियो के 38.283 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं क्योंकि कंपनी पूरी तरह से 4G ऑपरेटर है जबकि एयरटेल के पास फरवरी 2020 तक 14.365 करोड़ वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर्स हैं।


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वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का 31 अगस्त, 2018 को विलय हो गया था और विलय के बाद इनका संयुक्त यूजर बेस 44.165 करोड़ हो गया था

Monday, June 29, 2020

Tiktok का विकल्प robosco और Mitron ऐप, BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera और शेयर इट की बजाय जेड शेयर का कर सकते हैं भारतीय यूजर्स इस्तेमाल June 29, 2020 at 08:02AM

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है। सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया है।
बता दें कि भारत में इन ऐप्स के करोड़ों में यूजर्स हैं। लेकिन इन यूजर्स के पास अब चीनी ऐप्स की जगह भारतीय यानी की देसी ऐप्स के विकल्प भी मौजूद हैं। हम आपको बता रहे हैं कुछ मशहूर चीनी ऐप्स के विकल्प के तौर पर भारतीय ऐप्स के बारे में....

टिकटॉक के विकल्प में Roposo App

Roposo एक भारतीय वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स वीडियो और इमेज शेयर करते हैं। इस ऐप को साल 2014 में 19 नवंबर को रिलीज किया गया था और ऐप के लेटेस्ट वर्जन को 10 जून, 2020 को रिलीज किया गया है। टिकटॉक के विकल्प में भारतीय यूजर्स के पास Roposo ऐप है। शुरू से ही इस ऐप को टिकटॉक का प्रतिद्वंदी माना जाता रहा है। खास बात ये है कि सरकार का सिटीजन इंगेजमेंट प्लेटफॉर्म MyGovIndia भी इसका हिस्सा है। यूजर्स अब इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। यह 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इस ऐप को IIT दिल्ली के तीन छात्रों ने तैयार किया था। गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को 50 मिलियन से भी ज्यादा डाउनलोड्स मिले हैं.

टिकटॉक की तरह ही पैसे कमाने का जरिया है यह ऐप-

यह एप्लीकेशन आपको पॉइंट्स के रूप में पैसे देता है। इसमें 10,000 पॉइंट के 10 रुपए मिलते हैं। जब आपके खाते में 5,000 पॉइंट हो जाते है तो आप इनको अपने पेटीएम में ट्रांसफर कर सकते है।

टिक टॉक के टक्कर में लॉन्च हुआ था स्वेदशी एप 'मित्रों'

टिकटॉक को टक्कर देने के लिए हाल ही में स्वदेशी एप मित्रों को लॉन्च किया गया था। खास बात यह है कि इसे भारी संख्या में लोगों ने डाउनलोड भी किया। अभी तक 50 लाख से अधिक लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है। मित्रों एप को आईआईटी, रुड़की के एक छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया है।
पहली नजर में देखने पर मित्रों एप आपको टिकटॉक जैसा ही नजर आएगा। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि मित्रों टिकटॉक एप का क्लोन है। मित्रों एप ने गूगल प्ले स्टोर पर टॉप फ्री चार्ट में टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाया है। इस एप में आपको टिकटॉक के सभी फीचर्स नहीं मिलेंगे। इस ऐप को प्ले-स्टोर पर 4.7 की रेटिंग्स मिली है। यह ऐप फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

चीनी ऐप शेयर इट के विकल्प में देसी ऐप Z share

जेड शेयर एप (Z share App) भारत में शनिवार को लांच किया गया है। यह शेयर इट का विकल्प है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से फाइल को शेयर कर सकते हैं। इसके जरिए वीडियो, डाक्यूमेंट्स, गाने आदि को आप भेज सकते हैं। इस एप को श्रवण हेगड़े ने लांच किया है। वे उत्तर कन्नडा जिले से हैं। 21 वर्षीय हेगड़े कर्नाटक यूनिर्वसिटी के छात्र हैं। इस एप को अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। पहले 24 घंटे में 5,000 लोगों ने इसे डाउनलोड किया।


चीनी ऐप HELO के विकल्प में भारत का ShareChat

शेयर चैट (ShareChat) ऐप एक सोशल प्लेटफॉर्म है। यह चाइना के हेलो ऐप के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। शेयर चैट इंडियन इेप है। इसका इस्तेमाल जोक, एंटरटेनमेंट, मनपसंद इमेजेज, वीडियो देखने के लिए किया जाता है। शेयर चैट हिंदी समेत अन्य 15 भारतीय भाषाओं में यूजर के लिए उपलब्ध है। इसमें यूजर को अपना एक प्रोफाइल बनाना होता है और उस प्रोफाइल के जरिए अपने फोटोस वीडियोज को अपने शेयर चैट फ्रेंड के साथ शेयर किया जा सकता है। इसके जरिए आप दूसरे यूजर को फॉलो कर सकते हैं। यह Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इस ऐप को आईआईटी-कानपुर के छात्र अंकुश सचदेव ने साल 2015 में तैयार किया था।


चीन के CamScanner ऐप कीजगह भारतीय ऐप Adobe Scan

एडॉब स्कैन (Adobe Scan) यह कैम स्कैनर का एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि यह भारतीय विकल्प नहीं है, पर चीन के विकल्प के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है। इस कैटिगरी में यह एक ट्रस्टेड ऐप है। आप इसे फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं और अपने डाक्यूमेंट को स्कैन कर सकते हैं। इसे ओसीआर जैसी टेक्नोलॉजी पर इंटीग्रेट किया हुआ है।

VivaVideo की जगह Photo Video Maker का करें इस्तेमाल

चीनी ऐप VivaVideo भारत में काफी लोकप्रिय ऐप है। हालांकि अब इसके विकल्प में भारतीय यूजर्स Photo Video Maker का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस फोटो और वीडियो एडिटिंग ऐप है। इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera का करें इस्तेमाल

अब आप चीनी ऐप BeautyPlus और YouCam Perfect की जगह Indian Selfie Camera ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह चीनी ऐप को टक्कर देने के मकसद से ही तैयार किया गया था। इस ऐप के जरिए यूजर फोटो को मनपसंद तरीके से एडिट करके फ्रेड्स के साथ शेयर कर सकते हैं। गूगल प्ले पर इसका रेटिंग 4.8 है।

अब UC Browser की जगहजियो ब्राउजर का करें इस्तेमाल

जियो ब्राउजर (Jio Browser) इसे यूसी ब्राउजर के विकल्प के रूप में देख सकते हैं। यह सबसे तेज और सुरक्षित ब्राउजर एप है। यह ऐप खबरों और मनोरंजन के कंटेंट भी मुहैया कराता है।

भारत-चीन विवाद के बाद कंपनियों ने भारतीय ऐप बनाने पर काम शुरू कर दिया है

बता दें कि जब से चीन और भारत के बीच तनाव शुरू हुआ है, तभी से कुछ कंपनियों वे इसकी तैयारी कर दी थी। अभी तक देशी एप्लीकेशन में बोलो इंडिया, टिक किक जैसे एप लोकप्रिय हैं। टिकटॉक जब लांच हुआ था, तब उसके पहले महीने में 5 मिलियन एप डाउनलोड हुए थे। लेकिन अब टिकटॉक के डाउनलोड में कमी आई है। अप्रैल में इसका डाउनलोड 23.5 मिलियन रहा है जो जून में घटकर 13.9 मिलियन पर आ गया है। पबजी का नया डाउनलोड 9.9 मिलियन अप्रैल में था जो जून में 6.6 मिलियन पर आ गया। बिगो में भी गिरावट दिखी और सका 2.5 मिलियन से घटकर 1.8 मिलियन डाउनलोड हो गया है।
उधर, भारत के एप चिंगारी को अब तक 5 मिलियन लोगों ने डाउनलोड किया है। इसके अलावा जी एंटरटेनमेंट ने भी तनाव के माहौल को देखते हुए इस तरह के एप की शुरुआत की बात कही है। उसके जी 5 चैनल इस नई सर्विस पर काम कर रहा है।



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गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केन्द्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक किया है

एंटरटेनमेंट, डेटा शेयरिंग, फोटो एडिटिंग तक के लिए हम चीनी ऐप्स पर निर्भर; टिकटॉक, पबजी, यूसी ब्राउजर से लेकर जूम तक सब चाइनीज June 29, 2020 at 05:44AM

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक मारे गए, जिसके बाद देश में चीनी विरोधी भावनाओं ने एक बार फिर तुल पकड़ लिया है। लोग चीनी वस्तुओं का बायकॉट कर स्वदेशी चीजों को अपने के लिए कवायद कर रहे हैं। सैंकड़ों भारतीय रोजाना कई चीनी ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इन ऐप्स पर भी खतरा मंडरा रहा है। हमारे द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कितनी ऐप्स चीनी है। आइए जानते हैं भारत में पॉपुलर और अच्छा कारोबार करने वाली चीनी ऐप्स...

1. टिकटॉक
टिकटॉक भारत में काफी पॉपुलर है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने इसका नाम नहीं सुना होगा। यह एक शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म है, जो एक मिनट तक के वीडियो बनाने और उन्हें लोगों के साथ शेयर करने की अनुमति देता। ऐसे में कई लोग प्रोफेशनलीतो कई लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके चाहने वालों में विराट कोहली, शिल्पा शेट्टी जैसी समेत कई भारतीय सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइट डांस है, जिसकी कई ऐप्स भारत में सक्रिय है। टिकटॉक भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 150 बाजारों में लगभग 39 भाषाओं में उपलब्ध है। दुनियाभर में इसके करीब 40 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। जिसमें से करीब 41 फीसदी यूजर्स की उम्र 16 से 24 साल के बीच है।

2. पबजी मोबाइल
पबजी मोबाइल एक पॉपुलर बैटल रॉयल गेम है और इस भारत का सबसे पसंदीदा मोबाइल गेम कहना गलत नहीं होगा। इसमें चार लोग टीम बनाकर साथ खेल सकते हैं। इसमें मल्टिपल गेम मोड्स मिलते हैं। लॉकडाउन के दौरान इसे खूब पसंद किया गया क्योंकि इस घर पर रहकर ही दोस्तों के साथ खेला जा सकता है। इस कारण इसकी डिमांड में भी काफी इजाफा हुआ। गूगल प्ले स्टोर पर इसने टॉप 5 गेम्स में अपनी जगह बनाई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 की पहली तिमाही में पबजी मोबाइल के 60 करोड़ डाउनलोड्स और 5 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे। सेंसर टॉवर की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में पबजी मोबाइल $226 मिलियन (लगभग 1.7 हजार करोड़ रुपए) रेवेन्यू के साथ दुनिया का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला मोबाइल गेम रहा।

3. UC ब्राउजर
नाम से ही पता चलता है कि यह एक मोबाइल ब्राउजर है। इसे UCWeb ने डेवलप किया है, जिसका चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने अधिग्रहण कर लिया है। गूगल क्रोम के बाद यह भारत का सबसे लोकप्रिय ब्राउजर में से एक है। स्टेटकाउंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के ब्राउजर मार्केट शेयर में इसका 12.59 फीसदी हिस्सा है। 2017 में UC ब्राउजर पर डाटा चोरी का आरोप भी लग चुका है। इसके कारण ऐसे इसे कुछ समय के लिए गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया था।

4. हेलो
हेलो एक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म है, जिसे जून 2018 में चीनी स्टार्टअप कंपनी बाइटडांस ने लॉन्च किया था। हेलो ऐप भारत में बनी शेयरचैट ऐप का ही सक्सेसफुल चीनी वर्जन है। इसमेंएंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, पैरेंटिंग और फार्मिंग जैसे टॉपिक्स की जानकारी मिलती है। इसमें हिंदी, तमिलमाराठी, गुजराती समेत कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलता है।

5. शेयर इट
यह एक पॉपुलर फाइल शेयरिंग ऐप है, जो दो डिवाइस के बीच आसानी से फाइल शेयरिंग करने की सुविधा देती है। इसेफोन से कम्प्यूटर के बीच फाइल शेयर करने के लिए भी यूजकिया जा सकता है। जुलाई 2019 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने भारत में अपना कामकाज 2015 में शुरू किया था। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इसका ऑफिस सिंगापुर में स्थित है। 2019 में दुनियाभर में इसके 180 करोड़ यूजर्स हैं जबकि भारत और इंडोनेशिया में 60 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। कंपनी अब शॉर्ट वीडियो, मूवी जैसे हाई क्वालिटी कंटेंट भी मुहैया करा रही है।

6. ज़ेंडर
फोटो, वीडियो, ऐप हो या कोई अन्य डॉक्युमेंट इन्हें एक दूसरे से ट्रांसफर करने के लिए हम अक्सर जे़ंडर ऐप का इस्तेमाल करते हैं। यह भी शेयरइट की तरह ही काम करता है। इसमें यूजर दो से ज्यादा डिवाइस आपस में कनेक्ट कर सकते हैं। कंपनी की स्थापना 2011 में हुई थी और अब दुनियाभर में इसके 70 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। इसे फोन और कम्प्यूटर के साथ स्मार्ट टीवी से भी कनेक्ट किया जा सकता है।

7. ब्यूटी प्लस
सोशल मीडिया पर खूबसूरत दिखने की होड में भारतीयों ने धड़ल्लें से ब्यूटी प्लस ऐप का इस्तेमाल किया। इसे चीन के Meitu कंपनी ने डेवलप किया है, जिसकी ब्यूटी प्लस समेत कई फोटो एडिटिंग ऐप्स भारतीय बाजार में सक्रिय है। ब्यूटी प्लस एक फोटो एडिटर और सेल्फी फिल्टर ऐप है। यह यूजर को इमेज एडिट करने, फोटो में इफेक्ट देने और सेल्फी लेते समेत कई तरह के फिल्टर्स इस्तेमाल करने की सुविधा देती है। Meitu की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2019 तक दुनियाभर के 188 करोड़ डिवाइस में Meitu के प्रोडक्ट एक्टिवेट थे। वहीं भारत समेत 15 ऐसे देश है जहां इसके यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से ज्यादा थी। मई 2019 में ब्यूटी प्लस ऐप ने 50 करोड़ यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था।

8. कैम स्कैनर
यह डॉक्यूमेंट स्कैनिंग ऐप भारत में काफी पॉपुलर हुई। यहइमेज और डॉक्यूमेंट स्कैन कर उस पीडीएफ फाइल में कन्वर्ट करने की सुविधा देता है, जिसे कहीं भी आसानी से भेजा जा सकता है। इसे सीसी इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है। इसके कैम स्कैनर, कैम कार्ड समेत कई प्रोडक्ट बाजार में मौजूद हैं। कंपनी का कहना है कि दुनियाभर के 10 करोड़ से ज्यादा लोग उसके प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। कैमस्कैनर कुछ समय के लिए विवादों में भी रही, जब एक मालवेयर के कारण इसे प्ले स्टोर से हटा दिया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कैम स्कैनर के 10 करोड़ यूजर्स हैं। इस ऐप को 200 से ज्यादा देशों में 37 करोड़ डिवाइस में डाउनलोड किया जा चुका है।

9. UVideo
यह एक पॉपुलर वीडियो स्टेट्स ऐप है। इसमें यूजर अपनी फोटो और वीडियो से वीडियो स्टेट्स बना सकते हैं, जिसे सोशल मीडिया ऐप जैसे वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टोरीज बनाया जा सकता है। यह यूजर को आसान इंटरफेस प्रदान करता है जिससे वे वीडियो एडिट और क्रिएट कर सकते हैं। इसे KWAI.XYZ STUDIO कंपनी ने तैयार किया है और प्लेस्टोर पर अबतक इसके 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स पूरे हो चुके हैं।

10. जूम ऐप
यह एक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग ऐप है। इसके फ्री वर्जन में 100 लोग एक साथ वीडियो मीटिंग कर सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान ऑफिस मीटिंग हो या दूर बैठे दोस्तों-रिश्तेदारों से बात करना हो। भारतीयों ने इस ऐप को धड़ल्ले से इस्तेमाल किया। ऐप पर डेटा चोरी कर अन्य कंपनियों के साझा करना का आरोप लगा तब यह विवादों में आई। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से भारत सरकार नेएडवायजरी जारी कर ऐप इस्तेमाल न करने के लिए कहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में जनवरी से लेकर मार्च तक इसके यूजर 1 करोड़ से 20 करोड़ तक पहुंच गए थे। कंपनी ने बताया कि लगभग 200 देशों के 90 हजार से ज्यादा स्कूलों में इसी ऐप के जरिए पढ़ाई हो रही है।

अन्य चीनी ऐप्स जो भारत में सक्रिय है....

11. वीमेट
यह भी टिकटॉक की तरह ही शॉर्ट वीडियो शेयरिगं प्लेटफार्म है, जिसे 2017 में लॉन्च किया गया था, हालांकि यह टिकटॉक की तरह पॉपुलर नहीं हो पाया। बावजूद भारत में इसके 5 करोड़ यूजर्स हैं।

12. वीगो वीडियो
वीगो वीडियो भी भारत में काफी पॉपुलर शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म है। इसका लाइट वर्जन ही बाजारा में वीगो लाइट नाम से मौजूद है। टिकटॉक की तरह इनकी पैरेंट कंपनी भी बाइटडांस है। हालांकि कंपनी वीगो वीडियो और वीगोलाइट की सर्विस 31 अक्टूबर को भारत में बंद करने जा रही है। कंपनी ने इसके यूजर्स को सारा कंटेंट टिकटॉक पर शिफ्ट करने के लिए कहा है।

13. क्लैश ऑफ किंग्स
यह एक पॉपुलर गेमिंग ऐप है, जिसमें मल्टीपल यूजर्सऑनलाइन गेम खेल सकते हैं।इसे Elex Tech कंपनी ने 2014 में तैयार किया था। गूगल प्ले स्टोर पर इसके 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं।

14. क्लब फैक्ट्री
यह चीनी ई-कॉमर्स ऐप है, जिसने 2016 में भारत में अपना कारोबार शुरू किया। इस पर ज्वैलरी, होम डेकोर, हैंड बैग, ब्यूटी समेत कई कैटेगरी के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। जनवरी 2020 में इसे 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था।

15. वीचैट
यह चीनी मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप है। प्ले स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक दुनियाभर में इसके 100 करोड़ यूजर्स हैं। इस पर चैट और ग्रुप वीडियो कॉल समेत कई तरह की सुविधा मिलती हैं। कंपनी ने भारत में वीचैट-पे डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी शुरू कर चुकी है।

16. टर्बो VPN
टर्बो VPN एक चीनी VPN प्रोवाइडर टूल है। यह फ्री ऐप है। इस कुछ हद तक सुरक्षित माना जा सकता है क्योंकि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी प्रकार केसब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी के मुताबिक दुनियाभर में ऐप के 30 करोड़ यूजर्स हैं।

17. ऐप लॉक
ऐप लॉक भी भारत में काफी पुराने और लोकप्रिय ऐप है। इस 2012 में लॉन्च किया गया है। कंपनी के मुताबिक 150 देशों में इसे 30 करोड़ से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। यह 32 भाषाओं में उपलब्ध है। इससे किसी भी ऐप को पासवर्ड प्रोटेक्ट किया जा सकता है।

18. फ्लैश कीबोर्ड
यह चीनी ऐप कीबोर्ड कस्टमाइज करने की सुविधा देती है। इसमें कीबोर्ड के लिए कई तरह की थीम और इमोजी उपलब्ध है। ऐप सेकिसी फोटो को भी कीबोर्ड बैकग्राउंड बनाया जा सकता है।हालांकि प्ले स्टोर पर इसके 50 हजार से अधिक डाउनलोड्स ही हैं।

19. लाइक
टिकटॉक, वीगो ऐप की तरह लाइक भी शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप है। इसके ज्यादातर यूजर्स भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। इसमें कई सारे स्टीकर्स और म्यूजिक मैजिक फिल्टर्सके जरिए वीडियो बनाने की सुविधा मिलती है।

20. क्लीन मास्टर
क्लीन मास्टर चीनी ऐप है, जो फोन से जंक फाइल हटाकर डिवाइस की परफॉर्मेंस बेहतर कर स्टोरेज फ्री करताहै। कंपनी का दावा है कि इसके प्रीमियम वर्जन सेडिलीट हो चुकी फाइल भी वापस लाई जा सकती है। इसे चीनी कंपनी cheetahमोबाइल ने डेवलप किया है।



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टिकटॉक के चाहने वालों में विराट कोहली, शिल्पा शेट्टी जैसी जैसे कई बड़े सेलिब्रिटी शामिल हैं

स्नैप इंक 4 जुलाई को भारत में लॉन्च करेगी दो स्मार्ट सनग्लासेस, इनसे वीडियो-फोटो कैप्चर कर सीधे स्नैपचैट पर अपलोड किए जा सकेंगे June 29, 2020 at 01:16AM

स्नैपचैट ऐप बनाने वाली कंपनी स्नैप इंक भारत में 4 जुलाई को अपने स्मार्ट सनग्लासेस - स्नैप स्पेक्टकल्स 2 और स्पेक्टकल्स 3 लॉन्च करेगी। कंपनी ने दोनों चश्मों को आधिकारिक तौर पर भारतीय वेबसाइट पर लिस्ट कर दिया है। स्नैप स्पेक्टकल्स 2 की कीमत 14,999 रुपए जबकि स्नैप स्पेक्टकल्स 3 को 29,999 रुपए होगी।

फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा

  • दोनों ही स्नैप स्पेक्टकल्स 2 और स्नैप स्पेक्टकल्स 3 को फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। फ्लिपकार्ट पर भी इन्हें कीमत और 4 जून की लॉन्चिंग डेट के साथ लिस्ट किया जा चुका है। स्नैप इंक (पहले स्नैपचैट के रूप में जाना जाता है) के इन स्मार्ट ग्लास को क्रमशः 2018 और 2019 में लॉन्च किया गया था। पहला चश्मा नवंबर 2017 में सीमित उपलब्धता के साथ लॉन्च किया गया था, और फरवरी 2017 में यह ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया था।

75 मिनट में होगा है चार्ज

  • चश्मे की सबसे खास बात यह है कि यह बिल्ट-इन कैमरा है। इस कैमरे से यूजर चश्मे से ही फ़ोटो और वीडियो कैप्चर कर सीधे अपने स्नैपचैट अकाउंट पर अपलोड कर सकेंगे। यूजर कैप्चर किए गए कंटेंट को आसानी से इसकी आईओएस या एंड्रॉयड ऐप के साथ सिंक कर सकते हैं। यह 4 जीबी स्टोरेज के साथ आता है, जिसमें आसानी से 100 वीडियो या 1200 फोटो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। चश्मों की बैटरी को 75 मिनट में यूएसबी टाइप-सी केबल से चार्ज किया जा सकता है।

इसमें एचडी कैमरा लगा है

  • हार्डवेयर के बारे करें तो स्पेक्टकल्स 3 में कंपनी ने एक सेकेंडरी एचडी कैमरा जोड़ा है। यह डेप्थ कैप्चर करने के लिए अतिरिक्त कैमरे का उपयोग करता है। कंपनी ने नए उपलब्ध डेप्थ डेटा के साथ जाने के लिए कई 3D इफेक्ट का भी निर्माण किया।

इन कलर में उपलब्ध होंगे सनग्लासेस

  • स्पेक्टकल्स 3 कार्बन, और मिनरल कलर में जबकि स्पेक्टकल्स 2 ओनिक्स एक्लिप्स, रूबी सनसेट और सप्पायर मिडनाइट कलर में उपलब्ध है। डिजाइन की बात करें तो यह आंखों को धूप से बचाने के लिए एडजस्टेबल टिप्स और टिंटेड ग्लास के साथ एक हल्के स्टील फ्रेम से बनाया गया है। इसके टॉप पर लगी बटन दबाकर वीडियो या फोटो कैप्चर किए जा सकते हैं।


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स्पेक्टकल्स 3 कार्बन, और मिनरल कलर में जबकि स्पेक्टकल्स 2 ओनिक्स एक्लिप्स, रूबी सनसेट और सप्पायर मिडनाइट कलर में उपलब्ध है।
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