Friday, June 26, 2020

नए नाम और डिजाइन के साथ लॉन्च होगी 7 सीटर हुंडई क्रेटा, 2021 के अंत तक भारतीय बाजार में कर सकती है डेब्यू June 25, 2020 at 10:16PM

नेक्स्ट जनरेशन हुंडई क्रेटा इस साल की शुरुआत में भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गई थी। 2015 में आए ओरिजनल मॉडल की तरह यह भी 5-सीट कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले साल क्रेटा लाइनअप का नए 7-सीट मॉडल के साथ विस्तार करेगी। नए मॉडल को 'क्रेटा' नहीं बल्कि नए नाम से बाजार में उतारा जाएगा।
कंपनी को उम्मीद है कि नया नाम देने से 7-सीट मॉडल को अलग पहचान देने में मदद मिलेगी। हुंडई पहले भी मिलते जुलते नामों के साथ कारें बाजार में उतार चुकी है जैसे i10, ग्रैंड 10 और ग्रैंड i10 निओस लेकिन नए 7 सीटर क्रेटा के साथ ऐसा नहीं किया जाएगा।

यूनिक डिजाइन से लैस होगी नई 7 सीटर क्रेटा

  • क्रेटा के इस नए मॉडल में सिर्फ नाम और थ्री-रो सीटिंग का ही अंतर नहीं बल्कि डिजाइन में भी अंतर देखने को मिलेगा। नए मॉडल को विदेश में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया जा चुका है। लीक तस्वीरों के अनुसार इसके बैक साइड में कई बड़े बदलाव के साथ फ्रंट में काफी नए स्टाइल एलीमेंट देखने को मिलेंगे। इसमें मिलने वाली रेडोन ग्रिल स्पोर्टी लुक के साथ आएगी जैसे मर्सिडीज बेंज के कुछ चुनिंदा मॉडलों में भी देखा जा चुका है। नए मॉडल के बम्पर को करीब से देखने पर इसमें सामने पार्किंग सेंसर लगे होने की भी जानकारी मिलती है।
  • साइड व्यू की बात करें तो 7-सीटर क्रेटा अपने रियर क्वार्टर ग्लास के साथ खुद को अलग करेगी, जिसे पतले सी-पिलर के बीच रखा गया है। एसयूवी के इस वर्जन में पीछे की ओर एक फ्लैटर रूफ भी दी गई है ताकि तीसरी-पंक्ति के बैठे यात्रियों के लिए अधिक रूम स्पेस मिल सके। क्रेटा 7-सीटर को एक खास पहचान देने के लिए पूरी तरह से नया टेलगेट डिज़ाइन दिया जाएगा, जो बड़े और सिंपल टेल-लैंप यूनिट के साथ बनाया गया है।

2021 के अंत में भारत में लॉन्च हो सकती है
रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रेटा 7-सीटर को 2021 में ग्लोबल लॉन्च किया जा सकता है। क्रेटा और इंडियन मार्केट में थ्री-रो एसयूवी की बढ़ती मांग को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इसे सबसे पहले भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि 2021 के अंत में इसे भारत में लॉन्च किया जा सकता है।

बाजार में डेब्यू करेंगी महिंद्रा और जीप की मिड साइड SUV
ग्राहक इस समय थ्री-रो मिडसाइज एसयूवी के लिए उत्सुक हैं। वहीं, आने वाले वर्षों में उनके सामने कई सारे ऑप्शन मौजूद होंगे। अगले महीने से एमजी हेक्टर प्लस की बिक्री भी शुरू होने जा रही है। 2021 में ऑल-न्यू महिंद्रा XUV500 भी बाजार में एंट्री करने के लिए तैयार है, वहीं जीप भी अपने कंपास बेस्ड 7-सीटर को तैयार कर रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
क्रेटा और इंडियन मार्केट में थ्री-रो एसयूवी की बढ़ती मांग को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इसे सबसे पहले भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है

मेडिटेशन के जरिए डिप्रेशन, दर्द, घबराहट, नींद नहीं लगने से पा सकते हैं निजात, एक्सपर्ट्स की सलाह-ध्यान के लिए घर में शांत जगह चुनें, धीरे-धीरे शुरुआत करें June 25, 2020 at 10:12PM

अमीलिया नियेरनबर्ग. ध्यान लगाने या मेडिटेशन करने के बहुत सारे फायदे हैं, इसे प्रक्रिया काे कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। दरअसल, लगातारएक जगह स्थिर रहने या बैठे रहनेपर आपका हार्ट रेट कम हो जाता है और कॉर्टिसोल रेट भीकम हो जाता है। इसलिए ध्यान लगाने की आदत आपको डिप्रेशन, दर्द, घबराहट और नींद की परेशानियों से निजात दिला सकती है। यहदिमाग के लिए स्ट्रेचिंग का काम भी करताहै।

ध्यान कैसे लगाते हैं? इसकी शुरुआतकैसी करनीहै?क्या फर्श पर बैठना चाहिए? क्या ऐपकी मदद लेनी चाहिए? कोई मंत्र का जाप करना चाहिए? मेडिटेशन टीचर्स और साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि ध्यान लगाने का हर किसी का अपना तरीका हो सकता है, जो आपको सही लगेउसे अप्लाईकरना चाहिए।

ध्यान लगाने का कोई तरीका नहीं होता है

  • जब आप ध्यान लगाने के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में क्या आता है? एक कमल का पोज, योगा मैट, खूबसूरत कमरा? अगर आपको प्रैक्टिस करने में यह कंफर्टेबल लगता है तो बहुत अच्छा है। वहीं कुछ लोग सीधे लेटने, कुर्सी पर बैठना पसंद करते हैं। इसका मकसद होताहै ऐसा पोज खोजना जहां आपका शरीर शांति और मजबूत महसूस करता है।
  • कलाकार टोनी ब्लैकमैन अपने दिमाग और ऊर्जा को शिफ्ट करने के लिए हिप-हॉप म्यूजिक को मिक्स करती हैं। टोनी पहले म्यूजिक के साथ ध्यान लगाने में संकोच करती थीं। वह कहती हैं कि यह कलंक है। बिना प्रार्थना शब्द के ध्यान शब्द का उपयोग करना कमजोर लग सकता है। लेकिनअपने दोस्तों के साथ बातचीत के बाद टोनी ने खुद का म्यूजिक रिकॉर्ड कर इसके साथ मेडिटेशन क्लास चलाने का फैसला किया।

मेडिटेशन के लिए जरूरी है प्रैक्टिस

  • न्यूयॉर्क सिटी में मेडिटेशन स्टूडियो के सीईओ एली बरोस ग्लक कहते हैं कि जब लोग शुरुआत करते हैं तो यह सभी के लिए मुश्किल होता है। जैसा कि आप जिम या म्यूजिक क्लास के पहले सेशनके बाद आप न तो 10 पाउंड वजन कम कर सकते और न ही मोजार्ट बजा सकते।
  • वक्त और जगह तय कर अपने लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करें। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के लजार लैब मेडिटेशन रिसर्च की डायरेक्टर सारा लजार के मुताबिक, 10 और 5 मिनट बेहतर हैं। अगर आपको कोई मानसिक बीमारी है या आप बुरे वक्त से गुजर रहेहैं तो थोड़ा अलर्ट रहें।
  • डॉक्टर लजार के अनुसार, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसॉर्डर, स्कित्जेफ्रीनिया या बायपोलर डिसॉर्डर से जूझ रहे हैं तो आपको मेडिटेशन गाइड या टीचर के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

अपनी जगह तैयार करें

  • आपके घर के कोने में केवल मेडिटेशन के लिए एरिया तैयार करें। अगर आपको लगे तो यहां पौधे, पत्थर या मोमबत्तियां लगाएं। अगर नहीं तो घर में केवल शांत जगह चुनें।
  • यूसीएलए के माइंडफुल अवेयरनेस रिसर्च सेंटर में माइंडफुलनेस एजुकेशन की डायरेक्टर डायना विंस्टन कहती हैं कि मुझे नहीं लगता लोगों को कुछ भी फैंसी करना चाहिए।योगा और मेडिटेशन टीचर टोनी लूपिनाची के मुताबिक, एक अलग जगह होना बहुत जरूरी है। यह आपका बिस्तर नहीं है और न ही काउच।

किसी ऐप की मदद लें

  • यह थोड़ा अजीब लग सकता है, क्योंकि अधिकतर मौकों पर फोन शांतिके दुश्मन होते हैं। कुछ शुरुआती सेशन किसी गाइडेंस के साथ करने से आपको मदद मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ध्यान लगाने का मतलब एक जगह पर कुछ देर के लिए स्थिर बैठना नहीं है। यह हजारों सालों के इतिहास और ट्रेनिंग के साथ बड़ी फिलॉस्फी का हिस्सा है।

खुद को जाने दें

  • यह आप अपने लिए कर रहे हैं, ताकि आप खुद में और दुनिया में ज्यादा स्थिर रह सकें। इसलिए उस दिन की प्रैक्टिस में खुद को डुबो दें। अगर आप ऐप की मदद नहीं लेना चाहते तो अपनी सोच की मदद ले सकते हैं। सोचें की आप कहीं सुंदर जगह पर हैं और शांत हैं। अपनी शरीर पर ध्यान दें और खुद को सुनें।
  • मेडिटेशन स्पेश्लिस्ट क्रिस टॉलसन चेतावनी देते हैं कि पहले सेशन के बाद ही बहुत ज्यादा उम्मीद न कर लें। हर दिन अलग होने वाला है, क्योंकि आप उस दिन कई अलग-अलग चीजों से गुजरे हो। यह दिमाग खाली करने को लेकर नहीं है, क्योंकि ऐसा संभव नहीं है।
  • क्रिस के मुताबिक, हमारा दिमाग खाली नहीं हो सकता। हम हमारे दिमाग में आने वाली चीजों को कंट्रोल नहीं कर सकते।हम जो कंट्रोल कर सकते हैं वो है कि हम इससे निपटेंगे।
  • क्रिस विचारों और भावनाओं को बादल की तरह समझने की सलाह देते हैं। जब आप ध्यान लगाते हैं तो यह सोचें की आप आसमान को देख रहे हैं। कभी बादल चमक रहे होंगे तो कभी काले होंगे। इन्हें महसूस करें, अपने पैरों के नीचे की घास को महसूस करें और दुनिया को जाते हुए देखें।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
If you are starting meditation, you can take help of the app, choose a quiet place in the house to meditate; Experts advice - start slowly

UVnano चार्जिंग केस से लैस है LG टोन फ्री HBS-FN6 इयरफोन, अल्ट्रा-वायलेट किरणों से इयरफोन के बैक्टीरिया-कीटाणु खत्म करता है June 25, 2020 at 09:07PM

एलजी ने वैश्विक स्तर पर दो नए ट्रू वायरलेस इयरफोन लॉन्च किए हैं। इसमें टोन फ्री HBS-FN4 और HBS-FN6 शामिल हैं, यह मेरिडियन ऑडियो टेक्नोलॉजी से लैस हैं। इसकाहाई-एंड HBS-FN6 वर्जन UVnano चार्जिंग केस के साथ आता है, जिसमें इयरफोन रखते ही ये उन्हें अल्ट्रा-वायलेट लाइटके जरिए डिसइनफेक्ट कर देता है ताकि हर बार यूजर एक साफ-सुथरा इयरफोन इस्तेमाल कर सके। कंपनी का दावा है कि इससे कान में होने वालेसंक्रमणके खतरे को कम किया जा सकता है।

नए एलजी टोन फ्री मॉडल की अगले महीने यूरोप और अमेरिका में बिक्री शुरू होने की उम्मीद है, जबकि एलजी केघरेलू बाजारदक्षिण कोरिया समेत अन्य देशों में इसकीउपलब्धता को लेकर कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है।

UVnano चार्जिंग केस से लैस है टोन फ्री HBS-FN6 वर्जन

  • एलजी टोन फ्री HBS-FN6 एक हाई-एंड वर्जन है, यह एक UVnano चार्जिंग केस के साथ आता है। इयरफोन को चार्ज करने के अलावा यह एडिशनल ऑफ-चार्जर बैटरी लाइफ प्रदान करता है। इसके चार्जिंग केस में अल्ट्रा-वायलेट लाइट का इस्तेमाल किया है, जो इयरफोन को इसके अंदर रखने पर उन्हें डिसइनफेक्टकरता है।
  • यह इयरफोन को उपयोग में न होनेपर उन्हें स्वयं साफ करता है। कंपनी का दावा है यह सामान्य कीटाणुओं और जीवाणुओं को खत्म करता है साथ ही इयरफोन के इंटरनेल मेश और ईयरटिप्स को साफ करता है। यह कान के संक्रमित होने की संभावना को कम कर सकता है और यह भी एक ही इयरफोन को कई यूजर्स के उपयोग के लिए सुरक्षित और स्वच्छ बनाता है।

इयरफोन में मिलता है लाउडस्पीकर जैसे साउंट एक्सपीरियंस

  • खासबात यह है कि दोनों नए एलजी टोन फ्री मॉडल में मेरिडियन ऑडियो की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। मेरिडियन ऑडियो, जो हाई-एंड ऑडियो इक्विपमेंट (जैसे स्पीकर्स और होम थिएटर) की ब्रिटिश मैन्युफैक्चरर और डेवलपर कंपनी है। यह हेडफ़ोन स्पेसियल प्रोसेसिंग के साथ आते हैं, जो यूजर को इयरफोन पर लाउडस्पीकर जैसे साउंड सुनने के एक्सपीरियंस प्रदान करते हैं।

बाहर की आवाज सुनने के लिए एम्बिएंट साउंड मोड

  • इसके अलावा, HBS-FN6 और HBS-FN4 मॉडल दोनों ही नेचुरल, इमर्सिव, बास बूस्ट और ट्रेबल बूस्ट सहित मेरिडियन ऑडियो की कस्टमाइज्ड इक्वलाइज़र और साउंड सेटिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
  • इयरफोन में बेहतर साउंड आउटपुट के लिए इन-कैनाल फिट डिजाइन मिलता है साथ अलावा इसमें एम्बिएंट साउंड मोड भी मिलता है जो यूजर को सुनने के लिए माइक्रोफोन को एक्टिवेट कर अपने आसपास की आवाज सुनने की अनुमति देता है।

दोनों इयरफोन वॉटर रेजिस्टेंट हैं

  • दोनों इयरफोन को वॉटर रेजिस्टेंट के लिए IPX4 रेटिंग दी गई है। एंड्रॉयड डिवाइस में इस्तेमाल करते समय इस पर गूगल असिस्टेंट भी एक्सेस किया जा सकता है।
  • इसमें टच कंट्रोल्स मिलते हैं, जिससे यूजर सीधे इयरफोन पर प्लेबैक और वॉल्यूम को कंट्रोल कर सकते हैं।
  • कंपनी का दावा है कि इसमें 6 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है वहीं चार्जिंग केस से इसे दो बार फुल चार्ज किया जा सकता है। इसमें SBC और AAC ब्लूटूथ कोडेक्स सपोर्ट भी मिलता हैं।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
अगले महीने यूरोप और अमेरिका में बिक्री शुरू होने की उम्मीद है, जबकि एलजी के होम मार्केट दक्षिण कोरिया समेत अन्य क्षेत्रों में उपलब्धता को लेकर कंपनी ने कोई घोषणा नहीं की गई है

अवास्ट के रिसर्चर को गूगल प्ले स्टोर पर मिले 17 ट्रोजन ऐप्स, विज्ञापन के जरिए चुरा रहे यूजर का पर्सनल डेटा June 25, 2020 at 07:09PM

गूगल प्ले स्टोर पर एक बार फिर ट्रोजन ऐप्स के नाम सामने आए हैं। एंटीवायरस और इंटरनेट सिक्योरिटी कंपनी अवास्ट के मुताबिक प्ले स्टोर पर ऐसे 17 ऐप्स मिले हैं, जो यूजर्स के पर्सनल डेटा को चुरा रहे हैं। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक ये ऐप्स हिडनऐड्स (HiddenAds) कैंपेन के तहत भारत और साउथईस्ट एशिया के यूजर्स को शिकार बनाने का काम कर रहे हैं।

अवास्ट के रिसर्चर के मुताबिक ये ऐप्स प्ले स्टोर पर गेम्स कैटेगरी में है, लेकिन इनका असली काम यूजर की परमिशन के बिना विज्ञापन दिखाकर उनकी जानकारी चुराना है। ये ऐप्स डिवाइस में अपना आइकन छिपा सकते हैं। यहां दिखने वाले विज्ञापन स्किप भी नहीं किए जा सकते।

अवास्ट ने 47 ऐप्स की पहचान की थी
अवास्ट की टीम को 47 ट्रोडन ऐप्स मिले थे। इनमें से गूगल ने 30 ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया था। अवास्ट के थ्रेट ऑपरेशन एनालिस्ट जाकुब वेवरा ने कहा, "जैसे ही यूजर्स इन ऐप्स को डाउनलोड करते हैं, इनमें एक टाइमर शुरू हो जाता है। यूजर एक निश्चित समय के लिए इनमें गेम खेल पाते हैं, जिसके बाद टाइमर ऐप का आइकन गायब कर देता है। आइकन गायब होते ही ये ऐप्स बिना अनुमति विज्ञापन दिखाने शुरू कर देते हैं।"

प्ले स्टोर पर मौजूद हैं कई ऐप्स
अवास्ट ने जिन 17 ऐप्स के बारे में बताया है कि वे अभी भी प्लेट स्टोर पर मौजूद है। इनमें कुछ पॉपुलर ऐप्स जैसे Skate Board - New, Find Hidden Differences, Spot Hidden Differences, Tony Shoot - NEW और Stacking Guys हैं। इनमें से कई ऐप्स को 1.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

फोन में ऐसे करें पहचान
इन ऐप्स का आइकन फोन में दिखाई नहीं देता, ऐसे में इन्हें फोन से हटाना मुश्किल काम हो जाता है। ऐसे में फोन की सेटिंग से ऐप मैनेजर में जाकर आप इन आइकन की पहचान करके वहां से इन्हें अनइन्स्टॉल कर सकते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
इन ऐप्स का काम यूजर की परमिशन के बिना विज्ञापन दिखाकर उनकी जानकारी चुराना है
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...