Saturday, December 28, 2019

एंड्रॉइड पर डाटा यूजेज को कम करेंगे ये आसान टिप्स और ट्रिक्स December 27, 2019 at 08:27PM

गैजेट डेस्क. पिछले कुछ वर्षों में यूजर्स के मोबाइल्स में डाटा की खपत में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। एप्लिकेशंस अब पहले से कहीं ज्यादा डाटा खपाने लगे हैं और अपडेट्स के लिए लगातार नए वर्जन्स लेकर आने लगे हैं। जबकि पहले वेब टेक्नोलॉजीज के कम विकसित होने के कारण वेब सर्फिंग अधिकतर टेक्स्ट आधारित होती थी, वहीं अब नए डेवलपमेंट्स के साथ वीडियो स्ट्रीमिंग को खासी लोकप्रियता मिली है और फेसबुक व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी वीडियो स्ट्रीमिंग को एक मेनस्ट्रीम सर्विस की तरह अपनाया है। ऐसे में यूजर्स के लिए एंड्रॉइड पर डाटा यूजेज को कम करना या सीमित रखना मुश्किल होता जा रहा है। अगर आप भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं तो कुछ टिप्स और ट्रिक्स हैं जो इसे दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं जिन्हें यहां शेयर किया जा रहा है-

सेटिंग्स में जाकर उपयोग सीमित करें

यूजर्स अपने मासिक डाटा उपभोग की सीमा तय करके अपने सरप्लस डाटा का उपयोग करने से बच सकते हैं। एंड्रॉइड पर सेटिंग्स एप के माध्यम से डाटा को लिमिट करने के लिए सेटिंग्स पर जाकर डाटा यूजेज बिलिंग साइकिल डाटा लिमिट पर टैप करें। यहां से एक महीने में डाटा की अधिकतम मात्रा सेट कर सकते हैं। इसके अलावा डाटा लिमिट पर पहुंचने पर नेटवर्क के ऑटोमैटिक डिसकनेक्शन का विकल्प भी चुना जा सकता है।

एप्लिकेशन बैकग्राउंड डाटा पर अंकुश लगाने के लिए यह करें

स्मार्टफोन को काम लिए बिना भी कुछ एप्स, डाटा को कंज्यूम करते रहते हैं। कौनसा एप कितना डाटा कंज्यूम कर रहा है। इसके आंकड़े देखने के लिए सेटिंग्स में डाटा यूजेज पर जाएं। किसी एप पर टैप करके आप उसमें दोनों तरह (बैकग्राउंड व फोरग्राउंड) का डाटा यूजेज जान सकते हैं। किसी एप का बैकग्राउंड डाटा काफी ज्यादा आया हो तो उसे पूरे समय बैकग्राउंड में रखने की जरूरत नहीं है। "रेस्ट्रिक्ट एप बैकग्राउंड डाटा" पर टैप करके यह सुनिश्चित हो जाएगा कि वह एप तभी डाटा कंज्यूम करेगा जब वह ओपन हो यानी वह कम डाटा खर्च करेगा।

अपनी स्ट्रीमिंग सर्विसेज का सीमित स्तर पर इस्तेमाल करें

आपको पता होना चाहिए कि स्ट्रीमिंग सर्विसेज, म्यूजिक और हाई-क्वालिटी इमेजेज सबसे ज्यादा डाटा कंज्यूम करते हैं, इसलिए मोबाइल डाटा उपयोग करते समय इन्हें नजरअंदाज करना ही अच्छा है। वैसे एक और विकल्प है- अपने स्टोरेज में म्यूजिक व वीडियोज को लोकली स्टोर या उन्हें वाई-फाई पर डाउनलोड करना। मोबाइल डाटा पर स्ट्रीमिंग के दौरान डाटा उपभोग को घटाने के लिए स्ट्रीम की क्वालिटी को कम रखना चाहिए। खासकर यूट्यूब काफी डाटा कंज्यूम करता है, इसलिए अपने एंड्रॉइड फोन पर मोबाइल डाटा इस्तेमाल करते हुए वीडियो का रेजोल्यूशन कम रखें। कई एंड्रॉइड स्ट्रीमिंग एप्स (जैसे नेटफ्लिक्स, यूट्यूब गो ) स्मार्टफोन्स के लिए डाटा सेवर मोड ऑफर करते हैं।

डाटा कंजम्पशन वाले एप्लिकेशंस को काम लें

अधिक डाटा कंज्यूम करने वाली डाटा - हंग्री एप्लिकेशंस, मोबाइल नेटवर्क पर होने के दौरान डाटा कंजम्प्शन पर गंभीर असर डाल सकते हैं। जैसे जब भी आप कोई फोटो क्लिक करते हैं तो संभव है कि गूगल फोटोज एप्लिकेशन उसी समय बैकग्राउंड में आपकी फोटोज को सिन्क्रोनाइज कर रहा होता है। क्योंकि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया एप्लिकेशंस बहुत सारा डाटा कंज्यूम करते हैं, इसलिए उनमें वीडियोज व जिफ्स को आपको नहीं देखना चाहिए या कम से कम देखना चाहिए। इसके बजाए आप फेसबुक के स्थान पर फेसबुक लाइट और ट्विटर के लिए ट्वीटकास्टर काम में ले सकते हैं।

ऑफलाइन उपयोग के लिए गूगल मैप्स को डाउनलोड करें

आप अपने मैप्स को गूगल मैप्स एप में सेव करके उन्हें ऑफलाइन काम में ले सकते हैं। फोन ऑफलाइन हो तो आप जीपीएस के जरिए किसी मैप के डाउनलोड होने के बाद नेविगेट भी कर सकते हैं। बेहतर है कि आप अपने होम एरिया और बार-बार ट्रैवल करने वाले रीजन्स का मैप डाउनलोड कर लें। इसके लिए गूगल मैप्स को ओपन करके मेन्यू पर जाकर सलेक्ट करें "ऑफलाइन मैप्स"। अब आप "सलेक्ट योर ओन मैप" पर टैप करने के बाद अपने एरिया को सलेक्ट करने के लिए जूम-इन या जूम-आउट करें। इसके बाद "डाउनलोड" पर क्लिक करें

क्रोम में डाटा कम्पैरिजन का इस्तेमाल करें

क्रोम में इनबिल्ट फीचर से डाटा कंजम्प्शन को काफी हद तक घटाया जा सकता है। इसके लिए क्रोम ओपन कर इसके अपर राइट कॉर्नर में 3 डॉट्स पर टैप करें, फिर सैटिंग्स पर टैप कर डाटा सेवर तक स्क्रॉल डाउन करें। यहां से अपर राइट कॉर्नर पर टैप करने से डाटा सेवर ऑन हो जाएगा। क्रोम में सेटिंग्स पैनल को री-विजिट कर आप यह पता कर सकते हैं कि किस समयावधि में आपने कितना डाटा बचाया।



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These easy tips and tricks will reduce data usage on Android

दुनियाभर में मशहूर ये कारें 2020 में दिखेंगी भारतीय सड़कों पर December 27, 2019 at 07:40PM

क्षितिज राज, नोएडा. नए साल में भारतीय सड़कों पर कई नए मॉडल्स दिखने वाले हैं। इनमें से कुछ की बात इसलिए अलग होगी कि ये वो नाम हैं जिन्हें दुनिया ने आज़माया है और 2020 में ये भारत पहुंच रहे हैं...

लैंड रोवर डिफेंडर :291एमएम का ग्राउंड क्लियरेंस है और 38 डिग्री का अप्रोच एंगल। पेट्रोल और डीज़ल दोनों इंजन विकल्प मिल सकते हैं। 10 इंच का टचस्क्रीन और डेश माउंटेड गिअर लीवर मिलेगा। भारत में कीमत 75 लाख रुपए के करीब होगी।

वॉल्वो एस60 :फिलहाल अमेरिका में बन रही है। फ्रेश स्टाइलिंग के साथ तमाम फीचर्स होंगे। पायलट असिस्ट सिस्टम और 2.0 लीटर पेट्रोल इंजन रहेगा। मर्सिडीज सी क्लास, ऑडी ए4, जगुआर एक्सई से मुकाबला होगा। भारत में कीमत लगभग 45 लाख रुपए रहेगी।

फरारी एफ8 ट्रिब्यूटो :फरारी की इस स्पोर्ट्सकार में 3.9 लीटर ट्विन टर्बो वी8 इंजन है जो 770एनएम टॉर्क और 720एचपी की ताकत रखता है। 2.9 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ती है। 340 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छूती है। कीमत- 4 करोड़ रु के करीब।

ऑडी क्यू2 :ऑडी की सबसे छोटी एसयूवी टीएफएसआई के 1.0 और 2.0 लीटर डिस्प्लेसमेंट के साथ भारत आ सकती है। 2020 के अंत तक होगी एंट्री और कीमत 30 लाख रुपए से कम ही रहेगी।

बीएमडब्लू एक्स2 :भारत में बीएमडब्लू एक्स2 के 2.0 लीटर के इंजन के साथ आ सकती है। यूकेएल1 प्लेटफॉर्म पर होगी। स्लांट रूफ स्टाइलिश है। भारत में युवाओं को टारगेट करेगी। मर्सिडीज जीएलए एसयूवी से मुकाबला करेगी। कीमत लगभग 40 लाख रुपए होगी।



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These famous cars will be seen on Indian roads in 2020

2020 में इस तरह बदल जाएगा आपका स्मार्टफोन December 27, 2019 at 07:10PM

रवि शर्मा, पुणे. आने वाला साल स्मार्टफोन्स में काफी बदलाव लाने वाला है। 2019 फोल्डेबल फोन्स के नाम रहा। 2020 में 5जी और ऑप्टिकल ज़ूम पर रहेगा फोकस...

1. 2020 में 5जी तेजी से फैलेगा और सस्ते फोन भी 5जी हो जाएंगे। मोटोरोला, ओप्पो, शाओमी ने आम जनता के लिए 5जी फोन लाने की तैयारी कर ली है। अभी 70 हजार से कम रेंज के कुछ ही फोन 5जी हैं।

2. गेमिंग कंसोल की नई जनरेशन अगले साल आना तय है। ऐसे में गेम्स के प्लेटफॉर्म का विस्तार होगा। गेमिंग कंसोल तक सीमित रहने वाले कुछ और गेम्स मोबाइल पर आ जाएंगे। 2019 में पब्जी, फोर्टनाइट बैटल रॉयल और कॉल ऑफ ड्यूटी जैसे गेम्स मोबाइल पर खूब खेले गए। 2020 में स्मार्टफोन्स के प्रोसेसर ज्यादा सक्षम होंगे जिससे कंसोल क्वालिटी मोबाइल गेम्स आते रहेंगे।

3. स्मार्टफोन कैमरों में अभी भी काफी संभावनाएं हैं। 2019 में कई फ्लैगशिप फोन्स 2x ऑप्टिकल जूम तक ही सीमित रह गए। नए साल में फ्लैगशिप फोन्स ये अड़चन भी पार कर लेंगे। हुआवै, सैमसंग और एपल से उम्मीद की जा रही है कि कम से कम 10x तो इनके फ्लैगशिप में होगा ही।

4. भारत में नया साल 20 से 30 हजार की रेंज के फोन्स के लिहाज से बेहतर रहने की उम्मीद है। इस सेगमेंट में रिअलमी और वीवो जैसी कंपनियों का दखल बढ़ेगा। कंपनियां टॉप-नॉच फीचर्स को 20 हजार की रेंज में देंगी जिससे 10 से 15 हजार की रेंज में अटके ग्राहकों को थोड़ा और पैसा खर्च करने की हिम्मत मिलेगी।

5. नए साल में लिथियम-आयन बैट्रीज के विकल्प का इस्तेमाल बढ़ेगा। सॉलिड इलेक्ट्रोड्स वाली इन बैट्रीज की उम्र भी ज्यादा होगी- आपके फोन की मौजूदा बैट्री से पांच गुना तक ज्यादा। ज्यादा तापमान पर भी ये अच्छा काम कर पाएंगी और एक चार्ज पर फोन को दस दिन तक चालू रखने में सक्षम होंगी।

इसकी है आशंका

अमेरिका में आम इंसान करीब तीन घंटे स्मार्टफोन पर बिताता है। 2020 में यह वक्त 45 मिनट से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहने वाला है। स्मार्टफोन पर होने वाली धोखाधड़ी की दर भी भारत में तेजी से बढ़ने की आशंका है। तो नए साल में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।



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This is how your smartphone will change in 2020

Friday, December 27, 2019

टिकटॉक ने रोते को हंसाया, इंस्टाग्राम ने यूजर्स को फेमस बनाया तो टिंडर ने टूटे दिलों को मिलाया December 27, 2019 at 04:19AM

गैजेट डेस्क. सोशल मीडिया प्लेटफार्म आज हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट में सामने आया कि भारत के लोग सालना 75 घंटे स्मार्टफोन इस्तेमाल करने में बिता देते हैं यानी देखा जाए तो हर भारतीय दिनभर में औसतन 5 से 6 घंटे सोशल मीडिया, चैटिंग और वीडियो देखने में बिता देता है। बीते दस सालों कई ऐप बाजार में आई जिनका लोगों के जीवन के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कुछ ऐसी ऐप भी जो अब लोगों के लिए कमाई का जरिए बन चुकी हैं। टिकटॉक ने जहां लोगों को वीडियो बनाना सिखाया और घर-घर में सुर्खियां बटोरी वहीं इंस्टाग्राम में लोगों फोटो शेयर करना सिखाया। कड़ी स्पर्धा और तेजी से बदलते बाजार के कारण गूगल प्लस, ऑरकूट और याहू जैसे कई ऐप्स को बाजार से बाहर भी होना पड़ा।

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फोटो क्रेडिट - gfycat
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